अब स्पैम कॉल करने वालों की खैर नहीं! TRAI का बड़ा एक्शन, 2 घंटे में होगा नंबर ब्लॉक

TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को दिया सख्त आदेश, AI से स्पैम डिटेक्शन डेटा 2 घंटे में शेयर, 5 शिकायत पर तुरंत नंबर ब्लॉक होगा

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TRAI spam call action: अगर आप भी दिनभर आने वाली फर्जी कॉल्स और स्पैम मैसेज से परेशान हैं तो अब आपको राहत मिलने वाली है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी TRAI ने देश की सभी टेलीकॉम कंपनियों को एक सख्त और ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत टेलीकॉम ऑपरेटर्स को अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आधारित एंटी-स्पैम सिस्टम का डेटा मात्र 2 घंटे के भीतर एक साझा प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना होगा। यह आदेश 27 फरवरी को जारी किया गया है और इसे देश में स्पैम कॉल्स और फर्जी मैसेज के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी नियामक कार्रवाई माना जा रहा है।

TRAI spam call action: TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को दिया कड़ा आदेश

अगर आप भी दिनभर आने वाली फर्जी कॉल्स और स्पैम मैसेज से परेशान हैं तो अब आपको राहत मिलने वाली है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी TRAI ने देश की सभी टेलीकॉम कंपनियों को एक सख्त और ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत टेलीकॉम ऑपरेटर्स को अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आधारित एंटी-स्पैम सिस्टम का डेटा मात्र 2 घंटे के भीतर एक साझा प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना होगा। यह आदेश 27 फरवरी को जारी किया गया है और इसे देश में स्पैम कॉल्स और फर्जी मैसेज के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी नियामक कार्रवाई माना जा रहा है।

TRAI spam call action: क्या है TRAI का नया आदेश और इसमें क्या है खास

TRAI के इस नए आदेश में कई महत्वपूर्ण निर्देश शामिल हैं जो टेलीकॉम कंपनियों को स्पैम से लड़ाई में और अधिक जिम्मेदार बनाएंगे। नियामक ने साफ तौर पर कहा है कि चाहे कोई उपभोक्ता शिकायत करे या न करे, AI और मशीन लर्निंग आधारित स्पैम डिटेक्शन सिस्टम से जो भी संदिग्ध नंबर चिन्हित हों उनका डेटा हर हाल में 2 घंटे के भीतर ब्लॉकचेन आधारित डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी यानी DLT प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जाना चाहिए। इसके अलावा TRAI ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स को यह भी निर्देश दिया है कि वे स्पैम रिपोर्ट को 30 दिनों के भीतर पूरी तरह से कम्प्लाई करें।

TRAI spam call action: कॉल भेजने और रिसीव करने वाले दोनों ऑपरेटर जिम्मेदार

TRAI के इस आदेश की सबसे अहम और उल्लेखनीय बात यह है कि नियामक ने स्पैम कॉल्स की जिम्मेदारी केवल एक ऑपरेटर पर नहीं डाली है। अब जिस टेलीकॉम कंपनी के नंबर से फर्जी कॉल किया जाए और जिस कंपनी के नंबर पर वह कॉल रिसीव हो, दोनों की जिम्मेदारी बराबर रूप से तय होगी। सरल शब्दों में कहें तो अगर Jio के किसी नंबर से किसी Airtel यूजर को स्पैम कॉल आती है तो दोनों कंपनियों को मिलकर इस पर कार्रवाई करनी होगी। TRAI ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स को निर्देश दिया है कि वे आपस में समन्वय बनाकर ऐसे मामलों में एकजुट होकर कदम उठाएं।

TRAI spam call action: AI और ML तकनीक से होगी स्पैम की पहचान

TRAI ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि टेलीकॉम कंपनियों को AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ML यानी मशीन लर्निंग आधारित स्पैम डिटेक्शन सिस्टम को इस तरह से काम करने के लिए तैयार करना होगा कि वह कॉलर लाइन आइडेंटिफिकेशन यानी CLI और सेंडर के मोबाइल नंबर को स्वतः ही फ्लैग कर सके। जैसे ही AI सिस्टम किसी नंबर को संदिग्ध या स्पैम के रूप में चिन्हित करे उसकी सूचना 2 घंटे के भीतर DLT प्लेटफॉर्म के माध्यम से उस ऑपरेटर के साथ साझा करनी होगी जिसके नेटवर्क पर वह कॉल टर्मिनेट हो रही है। यह पूरी प्रक्रिया ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होगी।

TRAI spam call action: 10 दिन में 5 शिकायत आने पर नंबर होगा ब्लॉक

TRAI के नए नियमों में एक और बेहद महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़ा गया है। अगर किसी मोबाइल नंबर के खिलाफ महज 10 दिनों के अंदर 5 या उससे अधिक स्पैम शिकायतें दर्ज होती हैं तो उस नंबर पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। यानी ऐसे नंबर से आने वाली कॉल्स या मैसेज को ब्लॉक किया जा सकेगा। यह प्रावधान उन लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है जो रोज़ाना बार-बार एक ही नंबर से आने वाली फर्जी कॉल्स से परेशान होते हैं। अब ऐसे नंबरों पर बहुत जल्दी और प्रभावी कार्रवाई होगी।

TRAI spam call action: आम उपभोक्ताओं को कैसे मिलेगा फायदा

TRAI के इस कदम का सबसे बड़ा फायदा देश के करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं को मिलेगा। आज के दौर में स्पैम कॉल्स और फर्जी मैसेज एक बड़ी समस्या बन चुके हैं। कई बार ये स्पैम कॉल्स केवल परेशान करने वाली नहीं होती बल्कि लोगों को ठगने और साइबर फ्रॉड का शिकार बनाने के इरादे से भी की जाती हैं। बुजुर्ग और कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोग अक्सर इन फर्जी कॉल्स का शिकार बन जाते हैं और अपनी मेहनत की कमाई गंवा देते हैं। TRAI का यह नया आदेश न केवल स्पैम कॉल्स की संख्या कम करेगा बल्कि साइबर ठगी के मामलों में भी उल्लेखनीय कमी लाएगा।

TRAI spam call action: टेलीकॉम कंपनियों को 30 दिन में करनी होगी तैयारी

TRAI ने सभी टेलीकॉम ऑपरेटर्स को यह भी निर्देश दिया है कि वे इस पूरे सिस्टम को 30 दिनों के भीतर लागू करें और स्कैम रिपोर्ट को कम्प्लाई करने की स्थिति में आ जाएं। यह समयसीमा बेहद कम है जो यह दिखाती है कि नियामक इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से ले रहा है। Jio, Airtel, Vi और BSNL जैसी सभी बड़ी टेलीकॉम कंपनियों को अपने AI और ML सिस्टम को इस नए ढांचे के अनुरूप तैयार करना होगा। जो कंपनियां इस समयसीमा में कम्प्लाई नहीं करेंगी उन्हें नियामक के कोपभाजन का सामना करना पड़ सकता है।

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