यश की फिल्म टॉक्सिक पर नया विवाद, सेंसर बोर्ड में दर्ज हुई शिकायत, फिल्म पर प्रतिबंध की मांग

टॉक्सिक टीजर पर सामाजिक कार्यकर्ता ने CBFC में शिकायत दर्ज की

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Toxic Movie: कन्नड़ सिनेमा के सुपरस्टार यश की आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक’ लगातार विवादों में फंसती जा रही है। फिल्म का टीजर जारी होने के बाद से ही इसे लेकर आपत्तियां उठने लगी थीं और अब मामला सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन तक पहुंच गया है। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने सेंसर बोर्ड के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और टीजर में दिखाए गए दृश्यों को आपत्तिजनक बताया है। साथ ही इस प्रचार सामग्री को तुरंत हटाने की मांग की गई है।

यश की यह फिल्म 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने वाली है। लेकिन रिलीज से पहले ही यह विभिन्न कारणों से चर्चा में बनी हुई है। पहले आम आदमी पार्टी की महिला इकाई ने इस पर आपत्ति जताई थी और अब एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कानूनी रास्ता अपनाया है। यह मामला अब सिनेमा जगत में गरमागरम बहस का विषय बन गया है।

Toxic Movie: सामाजिक कार्यकर्ता ने की आधिकारिक शिकायत

सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कल्लाहल्ली ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के अध्यक्ष प्रसून जोशी को संबोधित करते हुए विस्तृत शिकायत पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने Toxic टीजर में दिखाए गए कुछ खास दृश्यों को अत्यधिक आपत्तिजनक और अनुचित बताया है। कार्यकर्ता का कहना है कि यह सामग्री सार्वजनिक मंचों पर प्रसारित हो रही है जहां हर उम्र के लोग इसे देख सकते हैं।

शिकायत में लिखा गया है कि टीजर के कई दृश्य ऐसे हैं जो देखने में भद्दे और अश्लील प्रतीत होते हैं। खासकर कार के अंदर दिखाए गए कुछ दृश्य जिनमें यश और एक महिला कलाकार नजर आते हैं, वे सामाजिक मर्यादाओं के विपरीत हैं। कल्लाहल्ली ने कहा कि यह प्रचार सामग्री बिना किसी आयु प्रतिबंध के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खुलेआम चल रही है।

शिकायतकर्ता ने आगे तर्क दिया कि जब बच्चे और युवा वर्ग भी इस तरह की सामग्री देख रहे हैं तो यह समाज के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माताओं को अपनी रचनात्मकता दिखाते समय सामाजिक जिम्मेदारी का भी ध्यान रखना चाहिए। सिनेमा एक शक्तिशाली माध्यम है और इसका गलत इस्तेमाल युवा पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया

दिनेश कल्लाहल्ली ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि Toxic फिल्म का यह प्रचार कंटेंट संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन करता है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि भारत में अश्लीलता और यौन रूप से स्पष्ट सामग्री को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं दिया जा सकता। न्यायालय ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भी कुछ सीमाएं हैं।

कार्यकर्ता ने सिनेमैटोग्राफी अधिनियम 1952 का उल्लेख करते हुए कहा कि सेंसर बोर्ड की जिम्मेदारी है कि वह किसी भी फिल्म, उसके ट्रेलर या प्रचार सामग्री को पास करते समय शालीनता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखे। बोर्ड को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी ऐसी सामग्री जनता के सामने न आए जो सामाजिक मूल्यों को ठेस पहुंचाए।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि महिलाओं को वस्तु की तरह प्रस्तुत करना संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के अधिकार का उल्लंघन है। Toxic फिल्म के टीजर में जिस तरह से महिला पात्र को दिखाया गया है, वह महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध है। ऐसी सामग्री समाज में महिलाओं के प्रति गलत संदेश भेजती है।

Toxic: टीजर की समीक्षा और कार्रवाई की मांग

दिनेश कल्लाहल्ली ने सेंसर बोर्ड से अनुरोध किया है कि वह इस Toxic टीजर की पूर्ण समीक्षा करे और आवश्यक कदम उठाए। उन्होंने मांग की है कि इस प्रचार सामग्री के प्रसारण पर तत्काल रोक लगाई जाए। जब तक उचित संशोधन नहीं किए जाते, तब तक इसे सार्वजनिक मंचों से हटा दिया जाना चाहिए।

शिकायतकर्ता ने यह भी मांग की है कि फिल्म के निर्देशक गीतू मोहनदास, निर्माताओं और इससे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जो लोग जानबूझकर ऐसी आपत्तिजनक सामग्री बनाते और प्रसारित करते हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। यह केवल एक फिल्म का मामला नहीं है बल्कि समाज में सही मूल्यों को स्थापित करने का सवाल है।

कल्लाहल्ली ने प्रसून जोशी से आग्रह किया है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और शीघ्र निर्णय करें। उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड को केवल कागजी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए बल्कि वास्तविक कदम उठाने चाहिए। अगर बोर्ड ऐसे मामलों में सख्ती नहीं दिखाएगा तो भविष्य में और भी फिल्मकार ऐसी सामग्री बनाने का साहस करेंगे।

आम आदमी पार्टी की महिला इकाई ने भी उठाई थी आपत्ति

यह पहला मौका नहीं है जब टॉक्सिक फिल्म (Toxic) पर आपत्ति उठाई गई है। इससे पहले आम आदमी पार्टी की महिला विंग ने भी इस टीजर को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग से शिकायत की थी। पार्टी ने राज्य सरकार को निर्देश देने की मांग की थी कि वह इस टीजर को तुरंत हटवाए। महिला इकाई का आरोप था कि टीजर में महिलाओं को गलत तरीके से दिखाया गया है।

सोशल मीडिया पर भी इस टीजर को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं। जहां यश के प्रशंसकों ने उनके शानदार अंदाज की तारीफ की है, वहीं कई लोगों ने कुछ दृश्यों को अनुचित बताया है। कुछ महिला संगठनों ने भी इसके खिलाफ आवाज उठाई है। उनका कहना है कि फिल्मों में महिलाओं को सम्मानजनक तरीके से दिखाया जाना चाहिए।

विवाद के बीच फिल्म के निर्माताओं की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यश ने भी इस मामले पर अभी चुप्पी बनाए रखी है। हालांकि, उनके पुराने इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि वे अपनी फिल्मों में मर्यादा का ध्यान रखते हैं। फैंस इन पुराने बयानों और वर्तमान विवाद के बीच तुलना कर रहे हैं।

Toxic फिल्म की रिलीज डेट और अन्य विवरण

Toxic Movie
Toxic Movie

Toxic: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स एक गैंगस्टर ड्रामा फिल्म है जिसे गीतू मोहनदास ने निर्देशित किया है। फिल्म में यश मुख्य भूमिका में हैं और यह 10 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी। फिल्म के टीजर की लंबाई 2 मिनट 51 सेकंड है जिसे यश के जन्मदिन 8 जनवरी को जारी किया गया था।

Toxic टीजर में यश को एक्शन अंदाज में दिखाया गया है और उनका लुक काफी प्रभावशाली है। लेकिन कुछ खास दृश्यों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अब देखना होगा कि सेंसर बोर्ड इस शिकायत पर क्या निर्णय लेता है और फिल्म निर्माता इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। विवाद के बावजूद फिल्म के प्रति दर्शकों की उत्सुकता बनी हुई है।

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