बिहार राज्यसभा चुनाव 2026 में NDA का क्लीन स्वीप! पांचों सीटों पर जीत, राजद-कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग से INDIA गठबंधन को लगा बड़ा झटका

क्रॉस वोटिंग से INDIA गठबंधन को झटका, बिहार की सभी 5 सीटें NDA के खाते में

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Bihar Rajya Sabha elections 2026: बिहार की राजनीतिक जमीन पर सोमवार को इतिहास लिखा गया। राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हुए मतदान में NDA ने क्लीन स्वीप करते हुए सभी सीटें अपने नाम कर लीं। INDIA गठबंधन के भीतर से ही जब अपने विधायकों ने पार्टी की उम्मीदों पर पानी फेरा, तब यह स्पष्ट हो गया कि विपक्षी एकता के दावे जमीन पर कितने खोखले साबित हुए।

Bihar Rajya Sabha elections 2026: बिहार में राज्यसभा चुनाव कब और कैसे हुए?

बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार 16 मार्च 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान हुआ। मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे शुरू हुई और देर शाम तक परिणाम सामने आ गए। इसके साथ ही हरियाणा की दो और ओडिशा की कुछ राज्यसभा सीटों पर भी उसी दिन मतदान संपन्न हुआ।

राज्यसभा चुनाव में मतदाता आम नागरिक नहीं बल्कि विधानसभा के निर्वाचित सदस्य होते हैं। यही कारण है कि इस चुनाव में दलीय अनुशासन सबसे अहम भूमिका निभाता है और क्रॉस वोटिंग को किसी भी दल के लिए गंभीर आंतरिक संकट का संकेत माना जाता है।

Bihar Rajya Sabha elections 2026: NDA की बंपर जीत कैसे हुई और कितनी सीटें मिलीं?

NDA ने बिहार की सभी पांच राज्यसभा सीटों पर जीत हासिल की। यह जीत न केवल संख्याबल के लिहाज से बल्कि राजनीतिक संदेश के नजरिए से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिहार में NDA के मुख्य घटक दल भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड की पकड़ एक बार फिर मजबूती से सामने आई।

मनोज तिवारी और चिराग पासवान समेत NDA के नेताओं ने इस जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। चिराग पासवान लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और केंद्र में मंत्री हैं जबकि मनोज तिवारी बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं और उत्तर भारत में पार्टी की आवाज बुलंद करने के लिए जाने जाते हैं।

Bihar Rajya Sabha elections 2026: INDIA गठबंधन में क्रॉस वोटिंग क्यों हुई और इसका असर क्या पड़ा?

सूत्रों के अनुसार राजद और कांग्रेस के कुछ विधायकों ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के पक्ष में मतदान नहीं किया। यही क्रॉस वोटिंग INDIA गठबंधन की हार की सबसे बड़ी वजह बनी। यह गठबंधन बिहार में राजद, कांग्रेस और कुछ छोटे दलों से मिलकर बना है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, “राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग केवल एक वोट की हानि नहीं होती, बल्कि यह पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर गहरा सवाल खड़ा करती है। जब अपने ही विधायक पार्टी लाइन से हट जाएं तो यह संगठनात्मक कमजोरी की खुली स्वीकृति होती है।”

Bihar Rajya Sabha elections 2026: कांग्रेस और राजद ने क्रॉस वोटिंग पर क्या कहा?

कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक के पार्टी लाइन से हटकर मतदान करने की खबरें सामने आईं। इस पर पार्टी नेताओं की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रहीं। कुछ नेताओं ने जांच की मांग की जबकि कुछ ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया।

यह पहला मौका नहीं है जब बिहार में विपक्षी दलों को अपने ही विधायकों की बगावत का सामना करना पड़ा हो। पिछले कई चुनावों में भी राज्यसभा और विधान परिषद की सीटों पर क्रॉस वोटिंग की घटनाएं सामने आई हैं।

Bihar Rajya Sabha elections 2026: इंडियन नेशनल लोकदल ने चुनाव से दूरी क्यों बनाई?

इंडियन नेशनल लोकदल के प्रमुख अभय सिंह चौटाला ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी ने इस राज्यसभा चुनाव से जानबूझकर दूरी बनाए रखी। उन्होंने कहा, “जनता की आवाज ही भगवान की आवाज होती है। मैंने अपनी पार्टी के लिए फैसला किया है कि हम जनता की आवाज सुनते हुए इस चुनाव से दूरी बनाए रखेंगे। इसके कई कारण हैं और मुझे विश्वास है कि देश की जनता मेरे इस फैसले को समझेगी।”

अभय सिंह चौटाला हरियाणा के प्रमुख विपक्षी नेता हैं और इंडियन नेशनल लोकदल की स्थापना उनके पिता ओम प्रकाश चौटाला ने की थी। पार्टी हरियाणा के जाट बहुल इलाकों में अपनी पारंपरिक पकड़ के लिए जानी जाती है।

Bihar Rajya Sabha elections 2026: हरियाणा और ओडिशा में क्या रहा राज्यसभा चुनाव का हाल?

हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों पर भी सोमवार शाम 4 बजे मतदान समाप्त हुआ। हरियाणा में भाजपा की सरकार है और उसके पास विधानसभा में पर्याप्त बहुमत है। इसलिए वहाँ NDA के उम्मीदवारों की जीत की संभावना पहले से मजबूत मानी जा रही थी।

ओडिशा में भी राज्यसभा चुनाव हुए जहाँ BJD नेता नवीन पटनायक ने कहा कि उनकी पार्टी ओडिशा के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ती रहेगी। ओडिशा में भाजपा की सरकार है और नवीन पटनायक की BJD मुख्य विपक्षी दल के रूप में सक्रिय है।

Bihar Rajya Sabha elections 2026: इस परिणाम का राष्ट्रीय राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?

बिहार में NDA की पांचों सीटों पर जीत राज्यसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन की ताकत को और मजबूत करती है। राज्यसभा में बहुमत के लिए लगातार प्रयासरत NDA के लिए यह जीत संख्याबल बढ़ाने में सहायक होगी।

INDIA गठबंधन के लिए यह परिणाम एक गंभीर चेतावनी है। जब राज्यसभा जैसे महत्वपूर्ण चुनाव में अपने ही विधायक पाला बदल लें तो गठबंधन की आंतरिक मजबूती पर स्वाभाविक रूप से सवाल उठते हैं।

निष्कर्ष

बिहार राज्यसभा चुनाव 2026 के परिणाम ने एक बार फिर साबित किया कि गठबंधन की राजनीति में आंतरिक अनुशासन ही सबसे बड़ी ताकत होती है। NDA ने अपनी एकजुटता से सभी पांच सीटें जीतकर यह संदेश दिया कि संगठन की मजबूती किसी भी चुनावी गणित को पलट सकती है। वहीं INDIA गठबंधन के लिए क्रॉस वोटिंग की यह घटना एक महत्वपूर्ण सबक है। आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष को अपनी आंतरिक एकता को मजबूत करना एक अनिवार्य चुनौती होगी।

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