NCB ने नेपाल-भारत-श्रीलंका का खतरनाक ड्रग नेटवर्क तोड़ा! 77.60 किलो हैशिश ऑयल और 2 किलो चरस जब्त, 10 करोड़ की नशीली दवाएं धूल चाट गईं, मास्टरमाइंड श्रीलंका में
नेपाल से सोनौली होते हुए श्रीलंका तक नशा पहुंचाने वाला गिरोह पकड़ा, 77.60 किलो हैशिश ऑयल और 2 किलो चरस बरामद, 5 गिरफ्तार
NCB drug bust: नशे के खिलाफ भारत की जंग एक बार फिर एक बड़ी कामयाबी के साथ आगे बढ़ी है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है जो नेपाल से भारत के रास्ते श्रीलंका तक नशीले पदार्थ पहुंचाने का काम कर रहा था। इस पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए एनसीबी की चेन्नई और हैदराबाद जोनल यूनिट ने मिलकर एक बहु-राज्यीय समन्वित अभियान चलाया। यह ऑपरेशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशा मुक्त भारत के संकल्प और केंद्रीय गृह मंत्री के दिशा-निर्देशों की रोशनी में अंजाम दिया गया।
NCB drug bust: हाईवे पर रुकी गाड़ी, खुला बड़ा राज
इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत 3 मार्च 2026 को हुई जब एनसीबी की हैदराबाद यूनिट को एक विश्वसनीय सूत्र से खुफिया जानकारी मिली। इस सूचना के आधार पर एनसीबी की टीम तेलंगाना में बेंगलुरु और हैदराबाद को जोड़ने वाले हाईवे पर रैकल टोल प्लाजा के नजदीक तैनात हो गई। जैसे ही एक संदिग्ध टाटा सफारी स्टॉर्म कार वहाँ से गुजरी, टीम ने तत्काल उसे रोक लिया। गाड़ी की गहन तलाशी ली गई और उसमें विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खानों में छुपाई गई 2 किलोग्राम चरस बरामद हुई। इस मामले में दो आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार किया गया जिनमें एक दिल्ली का निवासी था और दूसरा उत्तर प्रदेश से था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जो जानकारी दी उसने पूरे नेटवर्क की परतें उघाड़ दीं।
NCB drug bust: काठमांडू से सोनौली होते हुए पहुंचा नशा
जांच में सामने आया कि यह चरस और साथ में लगभग 78 किलोग्राम हैशिश ऑयल नेपाल की राजधानी काठमांडू से सोनौली स्थित भारत-नेपाल सीमा के रास्ते भारत में लाई गई थी। यह रास्ता तस्करों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है क्योंकि यहाँ की आवाजाही काफी व्यस्त रहती है और निगरानी को चकमा देना अपेक्षाकृत आसान समझा जाता है। पर एनसीबी की चौकस नजरों ने इस बार तस्करों की पूरी योजना पर पानी फेर दिया। जांच टीम ने तत्काल अपना ध्यान उस खेप की तरफ लगाया जो पहले ही तमिलनाडु के तूतीकोरिन तक पहुंच चुकी थी।
NCB drug bust: तूतीकोरिन में दबोचा गया तस्करी का दूसरा छोर
आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर एनसीबी की चेन्नई जोनल यूनिट ने तूतीकोरिन में छापेमारी की। यहाँ तस्करी नेटवर्क से जुड़े तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से करीब 77.60 किलोग्राम हैशिश ऑयल बरामद की गई जिसकी बाजार में कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई के बाद इस पूरे मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या पाँच हो गई। खास बात यह है कि गिरफ्तार होने वालों में एक श्रीलंकाई शरणार्थी भी शामिल है जो भारत में रहते हुए इस नेटवर्क का एक अहम कड़ी बना हुआ था।
NCB drug bust: समुद्र के रास्ते श्रीलंका भेजने की थी साजिश
तस्करों की असली योजना तूतीकोरिन के तट से समुद्री मार्ग के जरिए इस पूरी खेप को श्रीलंका तक पहुंचाने की थी। इसके लिए एक मछली पकड़ने वाली नाव का इस्तेमाल किया जाना था। रणनीति यह थी कि नाव अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के करीब एक तय जगह पर श्रीलंकाई रिसीवर से मुलाकात कर मिड-सी ट्रांसफर के जरिए नशीला सामान सौंप देती। लेकिन एनसीबी को यह सूचना पहले ही मिल चुकी थी। भारतीय तटरक्षक बल की मदद से एनसीबी ने समुद्र में उस संदिग्ध मछली पकड़ने वाली नाव को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा के करीब ही रोक लिया और उसे जब्त कर लिया। इस तरह समुद्री रास्ते से होने वाली तस्करी की यह कोशिश पूरी तरह विफल कर दी गई।
NCB drug bust: श्रीलंका में बैठा था असली मास्टरमाइंड
जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस पूरे नेटवर्क का असली सरगना श्रीलंका में बैठा एक श्रीलंकाई नागरिक है। उसने न केवल इस खेप की आर्थिक व्यवस्था की बल्कि नेपाल से लेकर श्रीलंका तक पूरे रूट का तालमेल भी उसी ने बिठाया था। एनसीबी अब इस मास्टरमाइंड और उसके सहयोगियों तक पहुंचने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर जांच आगे बढ़ा रही है। कार्रवाई में दो कारें, एक मोटरसाइकिल और एक फिशिंग बोट भी जब्त की गई है। एनसीबी अब इस नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेनदेन और बाकी सदस्यों की पहचान करने में जुटी है।
NCB drug bust: 2026 में एनसीबी की बड़ी उपलब्धि
यह ऑपरेशन इस साल एनसीबी चेन्नई की अब तक की सबसे बड़ी कामयाबियों में से एक है। 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक एनसीबी चेन्नई ने करीब 973.35 किलोग्राम गांजा, 87.64 किलोग्राम हैशिश ऑयल और 1.045 किलोग्राम एम्फेटामिन जब्त किया है। इन सभी मामलों में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जब्त नशीले पदार्थों की कुल कीमत लगभग 12.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा इस साल पहले के तीन मामलों में आठ आरोपियों को अदालत की ओर से सजा भी सुनाई जा चुकी है जो दर्शाता है कि एनसीबी केवल गिरफ्तारी तक ही सीमित नहीं है बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को भी उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ा रही है।
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