नवजोत कौर सिद्धू ने की नई पार्टी ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’ की घोषणा: कांग्रेस से निष्कासन के बाद नया राजनीतिक सफर, पंजाब को ‘स्वर्ण राज्य’ बनाने का संकल्प

कांग्रेस से निष्कासित नवजोत कौर सिद्धू ने 'भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी' का गठन किया, पंजाब को स्वर्ण राज्य बनाने का लक्ष्य, सिद्धू दंपति का नया राजनीतिक सफर

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Navjot Kaur Sidhu: पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने सोमवार को नई राजनीतिक पार्टी ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’ के गठन की औपचारिक घोषणा कर दी। कांग्रेस से निष्कासित होने के बाद यह कदम उन्होंने उठाया है, जिससे बीजेपी में शामिल होने की लंबे समय से चल रही अटकलों पर पूरी तरह विराम लग गया है। नवजोत कौर सिद्धू ने इसे ‘ईश्वरीय हस्तक्षेप’ करार दिया है। पार्टी का मुख्य लक्ष्य पंजाब को उसकी खोई हुई शान ‘स्वर्ण राज्य’ के रूप में वापस दिलाना रहेगा।

Navjot Kaur Sidhu: कांग्रेस से निष्कासन का सफर और राजनीतिक पृष्ठभूमि

डॉ. नवजोत कौर सिद्धू का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने 2012 में अमृतसर पूर्व सीट से भाजपा के टिकट पर विधायक के रूप में चुनाव जीता था। बाद में पति नवजोत सिंह सिद्धू के साथ कांग्रेस में शामिल हुईं। दिसंबर 2025 में उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री पद के लिए ‘500 करोड़ रुपये के सूटकेस’ वाले बयान से सुर्खियां बटोरीं। इस बयान पर कांग्रेस ने उन्हें पहले सस्पेंड किया और फिर फरवरी 2026 में पार्टी से निष्कासित कर दिया। निष्कासन के बाद उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे किसी मौजूदा बड़े दल में शामिल होने के बजाय अपना अलग रास्ता चुन रही हैं।

Navjot Kaur Sidhu: सोशल मीडिया पोस्ट में क्या कहा नवजोत कौर ने

नई पार्टी की घोषणा करते हुए डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने सोशल मीडिया पर विस्तार से अपना विजन साझा किया। उन्होंने लिखा, “जिस घोषणा का बेसब्री से इंतजार था, वह अब सामने है। हमने राजनीतिक नेताओं के मौजूदा कामकाज का बारीकी से विश्लेषण किया है और राष्ट्रीय स्तर पर एक नए विकल्प के रूप में काम शुरू कर दिया है। हम अपना पूरा जीवन देश को समर्पित करना चाहते हैं। यह एक ईश्वरीय हस्तक्षेप है जिसने समान विचारधारा वाले लोगों को एकत्र किया है। हम पंजाब को उसकी खोई हुई पुरानी शान, ‘स्वर्ण राज्य’ का गौरव वापस दिलाएंगे।”

पंजाब का सपना: प्रेम, न्याय और लोगों की सरकार

नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब को लेकर अपना विजन स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वे ऐसे पंजाब का निर्माण करना चाहती हैं जहां लोग प्रेम और मिल-बांटकर रहें, न्याय मिले, स्वतंत्रता के अधिकारों की रक्षा हो और आजादी की शक्ति महसूस हो। उन्होंने जोर दिया कि यहां लोग बिना किसी बाहरी दखल के निस्वार्थ सेवा और आध्यात्मिक विकास के उद्देश्य से काम करेंगे। यह पंजाब की जनता की, जनता के लिए और जनता द्वारा चलाई जाने वाली सरकार होगी।

Navjot Kaur Sidhu: पंजाब की राजनीति में नई पार्टी का प्रभाव

पंजाब में पहले से ही आप, कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल जैसी पार्टियों के बीच कड़ी टक्कर है। नई पार्टी के आने से गठबंधनों और वोट बैंक के समीकरण बदल सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि सिद्धू दंपति के पास पंजाब में खासकर अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों में मजबूत भावनात्मक समर्थन है। अगर पार्टी युवाओं, किसानों और महिलाओं को आकर्षित करने में सफल हुई तो वह वोट बैंक में सेंध लगा सकती है। भाजपा के लिए भी यह राहत की खबर हो सकती है क्योंकि सिद्धू दंपति अब उनके खिलाफ सीधे मुकाबले में नहीं होंगे।

Navjot Kaur Sidhu: नवजोत सिंह सिद्धू की भूमिका क्या होगी?

घोषणा में नवजोत सिंह सिद्धू की भूमिका को लेकर अभी पूर्ण स्पष्टता नहीं है। नवजोत कौर ने मुख्य रूप से खुद और समान विचारधारा वाले लोगों की बात की है। सिद्धू पहले कांग्रेस में सक्रिय थे लेकिन हाल के वर्षों में उनकी सक्रियता कम रही। हालांकि, नई पार्टी के गठन के साथ दंपति की राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। सिद्धू का लोकप्रिय चेहरा पार्टी को शुरुआती बढ़त दिला सकता है।

Navjot Kaur Sidhu: राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और भविष्य की संभावनाएं

नई पार्टी की घोषणा पर विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं। डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने स्पष्ट किया कि पार्टी का लक्ष्य केवल सत्ता नहीं बल्कि लोगों की सेवा और उच्च मूल्यों पर आधारित शासन है। उन्होंने ‘वाहेगुरु’ का जिक्र कर सिख समुदाय से भी जुड़ाव दिखाया है, जो पंजाब में महत्वपूर्ण है। 2027 के विधानसभा चुनावों में यह पार्टी कुछ सीटों पर प्रत्याशी उतार सकती है या अन्य दलों के साथ गठबंधन कर सकती है।

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