नमो भारत ट्रेन,- 55 मिनट में 82 KM का सफर, 743 KM नेटवर्क से लंदन-हांगकांग को पछाड़ेगा भारत; जानें A टू Z पूरी डिटेल
22 फरवरी को PM मोदी करेंगे उद्घाटन, 743 KM नेटवर्क से लंदन-हांगकांग को पछाड़ेगा भारत
Namo Bharat Train: भारत के सबसे महत्वाकांक्षी रेल प्रोजेक्ट में से एक नमो भारत कॉरिडोर 22 फरवरी 2026 को पूरी तरह चालू हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसी दिन मेरठ मेट्रो और नमो भारत के अंतिम चरण का उद्घाटन करेंगे। 30,274 करोड़ रुपये की लागत से बने इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा और अधिकतम परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है।
नींव से उद्घाटन तक: कैसे बना यह कॉरिडोर?
परियोजना का विकास विभिन्न चरणों में पूरा हुआ है:
-
8 मार्च 2019: परियोजना की नींव रखी गई।
-
20 अक्टूबर 2023: साहिबाबाद व दुहाई डिपो के बीच 17 किलोमीटर का प्राथमिक सेक्शन देश को समर्पित।
-
6 मार्च 2024: मोदी नगर नॉर्थ तक एक और 17 किलोमीटर का सेक्शन खुला।
-
18 अगस्त 2024: आठ किलोमीटर आगे मेरठ साउथ तक विस्तार।
-
5 जनवरी 2025: साहिबाबाद और न्यू अशोक नगर के बीच 13 किलोमीटर सेक्शन का उद्घाटन।
-
22 फरवरी 2026: न्यू अशोक नगर से सराय काले खां और मेरठ साउथ से मोदीपुरम सेक्शन के शुरू होने से कॉरिडोर पूरा हो जाएगा।
Namo Bharat Train: नमो भारत कॉरिडोर की मुख्य जानकारी
-
कुल लंबाई: 82.15 किलोमीटर (70 किलोमीटर एलिवेटेड और 12 किलोमीटर अंडरग्राउंड)।
-
नेटवर्क वितरण: दिल्ली में 14 किलोमीटर और उत्तर प्रदेश में 68 किलोमीटर हिस्सा।
-
फंडिंग: एशियन डेवलपमेंट बैंक (1 अरब डॉलर), न्यू डेवलपमेंट बैंक (500 मिलियन डॉलर) और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (500 मिलियन डॉलर)।
-
हिस्सेदारी: केंद्र सरकार (20%), उत्तर प्रदेश (16.78%) और दिल्ली (3.22%)।
Namo Bharat Train: 16 स्टेशनों की पूरी सूची
| स्टेशन का प्रकार | स्टेशनों के नाम |
| एलिवेटेड स्टेशन | जंगपुरा, सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, दुहाई डिपो, मुरादनगर, मोदी नगर साउथ, मोदी नगर नॉर्थ, मेरठ साउथ, शताब्दी नगर और मोदीपुरम। |
| अंडरग्राउंड स्टेशन | आनंद विहार और बेगमपुल। |
Namo Bharat Train: ट्रेन की विशेषताएं और मेरठ मेट्रो
नमो भारत ट्रेन की सुविधाएं:
-
आरामदायक 2×2 सीटें, ओवरहेड लगेज रैक और मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट।
-
पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, डायनामिक रूट मैप डिस्प्ले और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी/फायर डिटेक्टर।
-
हर ट्रेन में एक प्रीमियम कोच और महिलाओं के लिए एक आरक्षित कोच।
मेरठ मेट्रो:
-
यह नमो भारत के ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही चलेगी।
-
गति: इसकी परिचालन गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो इसे देश का सबसे तेज मेट्रो सिस्टम बनाती है।
-
विस्तार: मेरठ में 23 किलोमीटर के दायरे में 13 स्टेशन होंगे।
सराय काले खां: देश का सबसे बड़ा मल्टी मॉडल हब
-
कनेक्टिविटी: यहाँ दिल्ली-मेरठ के साथ नमो भारत के प्रस्तावित दिल्ली-करनाल और दिल्ली-अलवर रूट भी मिलेंगे।
-
हब: इसे रेलवे और दिल्ली मेट्रो से भी जोड़ा गया है। हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ने के लिए 280 मीटर लंबा फुटओवर ब्रिज और छह ट्रैवलेटर बनाए गए हैं।
-
ढांचा: स्टेशन में 5 प्रवेश-निकास द्वार, 14 लिफ्ट और 18 एस्केलेटर हैं।
Namo Bharat Train: हरित ऊर्जा और मेक इन इंडिया की मिसाल
-
मेक इन इंडिया: सभी 30 नमो भारत ट्रेनसेट और 10 मेरठ मेट्रो ट्रेनसेट गुजरात में एल्सटॉम के सावली प्लांट में बनाए गए हैं।
-
हरित पहल: सोलर पावर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग से 30 प्रतिशत ऊर्जा की बचत। इसमें 110 मेगावाट का सोलर प्लांट भी शामिल है।
निष्कर्ष: नमो भारत का पूर्ण होना भारत के बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। 743 किलोमीटर के विशाल नेटवर्क के साथ यह परियोजना भारत को वैश्विक परिवहन मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगी।
read more here