ईरानियों के मोबाइल पर रहस्यमय संदेश,- ‘ट्रंप कार्रवाई करने वाले व्यक्ति हैं, इंतजार करो और देखो’; USS Gerald Ford तैनात, जेनेवा में परमाणु वार्ता भी तय
"ट्रंप कार्रवाई करने वाले हैं, इंतजार करो" संदेश, USS Gerald Ford तैनात, जेनेवा वार्ता 27 फरवरी को
Iran-US War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव इस समय इतना अधिक है कि दुनिया एक बड़े सैन्य संघर्ष की आशंका से कांप रही है। इस बीच सोमवार को एक ऐसी घटना हुई जिसने ईरान में खलबली मचा दी। ईरान के हजारों नागरिकों के मोबाइल फोन पर एक साथ एक अनजान नंबर से रहस्यमय संदेश आया। फारसी में लिखे इस संदेश में कहा गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति कार्रवाई करने वाले व्यक्ति हैं, इंतजार कीजिए और देखिए। यह संदेश ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सेना ईरान के करीब युद्ध की तैयारी के साथ जमा हो रही है और राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर सीमित सैन्य हमले की धमकी दे चुके हैं।
Iran-US War: कैसे आया यह रहस्यमय संदेश?
ईरान इंटरनेशनल न्यूज एजेंसी ने राज्य मीडिया के हवाले से इस घटना की पुष्टि की है। संदेश का सीधा संकेत यह था कि ट्रंप जो कहते हैं वह करते भी हैं यानी ईरान पर हमला अब होने वाला है। इस मैसेज के आते ही ईरान की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह संदेश किसने भेजा और इसके पीछे कौन सी शक्ति है। क्या यह अमेरिकी साइबर ऑपरेशन का हिस्सा है या किसी इजरायली एजेंसी की कार्रवाई है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
Iran-US War: USS Gerald Ford की तैनाती से बढ़ा खतरा
इस रहस्यमय संदेश से पहले ही अमेरिका ने अपनी सैन्य तैयारियां तेज कर दी थीं। राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया के सबसे शक्तिशाली परमाणु विमानवाहक पोत USS Gerald Ford को इजरायल के करीबी समुद्र में तैनात कर दिया है। यह विमानवाहक पोत दर्जनों लड़ाकू विमानों को ले जाने में सक्षम है और इसकी तैनाती को ईरान के लिए एक स्पष्ट सैन्य संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा अमेरिकी सेना के अन्य युद्धपोत और सैन्य साजो-सामान भी तेहरान के करीबी इलाकों में जमा हो रहे हैं।
Iran-US War: ट्रंप की धमकियों का इतिहास
राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है कि अगर ईरान के साथ परमाणु वार्ता विफल होती है तो वे तेहरान पर सीमित सैन्य हमले से पीछे नहीं हटेंगे। ट्रंप की इस कड़ी भाषा को ईरान ने शुरुआत में ब्लफ माना था लेकिन अब सैन्य तैयारियों को देखकर तेहरान के रणनीतिकार भी चिंतित हो रहे हैं।
Iran-US War: जेनेवा में वार्ता की उम्मीद भी बरकरार
युद्ध की इन आशंकाओं के बीच एक सकारात्मक खबर भी है। अमेरिका और ईरान के बीच जेनेवा में अगले गुरुवार को परमाणु वार्ता का अगला दौर तय हो गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को CBS को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि वे परमाणु कार्यक्रम पर गतिरोध के कूटनीतिक समाधान की अच्छी संभावना देख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सैन्य जुटान से ईरान दबाव में नहीं आएगा और वे अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेंगे।
Iran-US War: लेबनान से भी अमेरिकी कर्मचारियों की वापसी
युद्ध की बढ़ती आशंकाओं के मद्देनजर अमेरिका ने एहतियात के तौर पर लेबनान स्थित अपने दूतावास से सोमवार को दर्जनों कर्मचारियों को वापस बुला लिया। यह कदम इस बात का संकेत है कि अमेरिका पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में किसी बड़े संघर्ष की तैयारी कर रहा है। भारत सरकार ने भी अपने नागरिकों को तत्काल ईरान छोड़ने की सलाह दी है।
| महत्वपूर्ण घटनाक्रम | वर्तमान स्थिति |
| रहस्यमय संदेश | ईरान के हजारों नागरिकों को फारसी में चेतावनी मिली। |
| विमानवाहक पोत | USS Gerald Ford इजरायल के पास समुद्र में तैनात। |
| परमाणु वार्ता | अगले गुरुवार को जेनेवा में बैठक प्रस्तावित। |
| डिप्लोमैटिक अलर्ट | लेबनान से अमेरिकी कर्मचारी वापस बुलाए गए। |
| भारतीय एडवाइजरी | भारतीयों को तत्काल ईरान छोड़ने की सलाह। |
दुनिया की नजरें अब जेनेवा वार्ता पर टिकी हैं। अगर यह वार्ता सफल रही तो युद्ध टल सकता है लेकिन अगर बातचीत विफल हुई तो मध्य पूर्व में एक नए और विनाशकारी संघर्ष का रास्ता खुल सकता है।
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