मुर्शिदाबाद बाबरी मस्जिद विवाद, हुमायूं कबीर ने सुवेंदु अधिकारी को दिया करारा जवाब, बोले- ‘7 नहीं, 12 दिन रहा हूं बांग्लादेश में, जांच कराएं’
हुमायूं कबीर बोले- 7 नहीं 12 दिन रहा बांग्लादेश में, जांच कराएं, सुवेंदु के आरोपों पर करारा जवाब
Babri Masque Murshidabad: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। अब एक नया विवाद मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण और उसके लिए जमा हो रहे धन को लेकर भड़क उठा है। इस मामले में जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष और निलंबित तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर तथा पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और BJP नेता सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं।
हुमायूं कबीर का पलटवार: 7 नहीं, 12 दिन रहा हूं बांग्लादेश में
सुवेंदु अधिकारी के आरोपों पर हुमायूं कबीर ने न केवल पलटवार किया बल्कि खुद जांच कराने की चुनौती भी दे डाली:
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प्रवास की जानकारी: हुमायूं कबीर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को सही जानकारी नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि वो 7 नहीं बल्कि 12 दिन बांग्लादेश में रहे हैं।
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जांच की चुनौती: उन्होंने आगे कहा कि अगर सुवेंदु अधिकारी को इस पर शक है तो वो जांच एजेंसियों को भेजकर पूरी पड़ताल करा सकते हैं और वो इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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परिवर्तन यात्रा पर तंज: उन्होंने कहा कि BJP जो परिवर्तन यात्रा निकाल रही है वह असल में बाबरी यात्रा की नकल है।
Babri Masque Murshidabad: सुवेंदु अधिकारी के आरोप और मांगें
नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले में निम्नलिखित मांगें की थीं:
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धन की जांच: मस्जिद निर्माण के लिए जो करोड़ों रुपये जमा किए गए हैं, उनमें से बांग्लादेश से कितना धन आया, इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।
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बैंकिंग रिकॉर्ड: उन्होंने मांग की कि स्टेट बैंक को इस संबंध में विस्तृत सूची सार्वजनिक करनी चाहिए।
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ममता बनर्जी पर निशाना: उन्होंने मुख्यमंत्री पर BSF को सीमा पर फेंसिंग के लिए जमीन न देने को लेकर भी सवाल उठाए।
विवाद की पृष्ठभूमि: 6 दिसंबर की तारीख
इस पूरे विवाद की जड़ पिछले साल की एक विशेष घटना में है:
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नींव: 6 दिसंबर 2025 को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी।
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स्थान: यह मस्जिद नेशनल हाईवे-12 के समीप एक प्रमुख स्थान पर बनाई जानी है।
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संवेदनशीलता: 6 दिसंबर 1992 की घटना के कारण यह तारीख और नाम राजनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील है, जिस पर BJP लगातार सवाल उठा रही है।
Babri Masque Murshidabad: चुनाव से पहले धर्म और राजनीति का मेल
यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं:
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ध्रुवीकरण: बाबरी मस्जिद जैसा संवेदनशील मुद्दा स्वाभाविक रूप से राजनीतिक ध्रुवीकरण का कारण बन सकता है।
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विदेशी फंडिंग: BJP इस मुद्दे को बांग्लादेश कनेक्शन के कोण से उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है।
निष्कर्ष: बंगाल की राजनीति में यह विवाद आने वाले दिनों में और गर्म होने की संभावना है क्योंकि चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आएंगे, इस तरह के मुद्दों पर बयानबाजी और तेज होती जाएगी।
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