Meerut Metro, देश का 25वां मेट्रो शहर बनने जा रहा है मेरठ, जानें कहां से शुरू हुई थी भारत में मेट्रो की कहानी
रविवार से शुरू होगी मेट्रो सेवा, दिल्ली रोड का जाम कम होगा, 13 स्टेशनों पर कड़ी व्यवस्था
Meerut Metro: उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक शहर मेरठ अब एक नए युग में प्रवेश करने वाला है। इस रविवार से मेरठ में मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत होने जा रही है, जिसके साथ ही यह शहर देश का 25वां ऐसा शहर बन जाएगा जहां मेट्रो ट्रेन दौड़ेगी। यह सिर्फ एक परिवहन सेवा की शुरुआत नहीं है, बल्कि मेरठ के बदलते स्वरूप और आधुनिक विकास की एक बड़ी पहचान भी है।
Meerut Metro: यातायात का बोझ बन चुका है मेरठ के लिए सिरदर्द
मेरठ में पिछले कुछ वर्षों में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है:
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वाहनों की संख्या: हर साल करीब 67 हजार नए वाहन शहर की सड़कों पर उतर रहे हैं। वर्तमान में निजी वाहनों की तादाद 12 लाख के पार और व्यावसायिक वाहनों की संख्या 83 हजार के करीब पहुंच चुकी है।
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ट्रैफिक की स्थिति: सड़कों पर भारी जाम रहता है। परतापुर से बेगमपुल तक का सफर तय करने में लगने वाले समय में कोई व्यक्ति परतापुर से दिल्ली तक पहुंच सकता है।
Meerut Metro: 1984 में कोलकाता से हुई थी देश में मेट्रो की शुरुआत
भारत में मेट्रो रेल का इतिहास चार दशक से भी पुराना है। इसका विकास क्रम इस प्रकार रहा है:
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1984: कोलकाता में देश की पहली अंडरग्राउंड मेट्रो सेवा शुरू हुई।
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2002: राजधानी दिल्ली में मेट्रो की शुरुआत हुई, जिसका विस्तार गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक हुआ।
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2011-2014: बेंगलुरु (2011) और मुंबई (2014) इस सूची में शामिल हुए।
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2015-2017: जयपुर और चेन्नई (2015), लखनऊ, हैदराबाद और कोच्चि (2017)।
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2019-2022: नागपुर और अहमदाबाद-गांधीनगर (2019), कानपुर (2021), पुणे (2022)।
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2024-2025: आगरा (2024), इंदौर, पटना तथा भोपाल (2025)।
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2026: इस सूची में मेरठ का नाम जुड़ने जा रहा है।
Meerut Metro: दिल्ली रोड की ट्रैफिक को मिलेगी बड़ी राहत
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार मेट्रो के आने से निम्नलिखित बदलाव अपेक्षित हैं:
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सकारात्मक प्रभाव: दिल्ली रोड पर यातायात का दबाव कम होगा। एसएसपी अविनाश पांडेय के मुताबिक लखनऊ, आगरा और कानपुर की तर्ज पर मेरठ के यातायात में भी सुधार होगा।
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ई-रिक्शा और ऑटो: इनका संचालन मुख्य सड़क के बजाय मोहल्लों और गलियों तक सिमट जाएगा, जिससे मुख्य सड़कों पर भीड़भाड़ कम होगी।
Meerut Metro: 13 स्टेशनों पर होगी कड़ी यातायात व्यवस्था
मेट्रो के संचालन को सुचारू बनाने के लिए यातायात पुलिस की योजना:
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विशेष ड्यूटी: मेट्रो के सभी 13 स्टेशनों पर 22 फरवरी से पुलिसकर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई जा रही है।
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नियम: स्टेशनों के बाहर किसी भी वाहन को सड़क पर खड़े होकर सवारी बैठाने की अनुमति नहीं होगी।
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निगरानी: पार्किंग व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जाएगा और एक टीआई को सभी स्टेशनों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
Meerut Metro: मेरठ के लिए क्यों अहम है यह पल?
मेरठ एक ऐतिहासिक और तेजी से बढ़ता शहर है। मेट्रो के आने से होने वाले लाभ:
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आर्थिक विकास: शहर में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और रियल एस्टेट को नई ऊंचाई मिलेगी।
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व्यावसायिक गतिविधियां: मेट्रो स्टेशनों के आसपास कमर्शियल गतिविधियां तेज होंगी।
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शहरी ढांचा: जिस तरह दिल्ली और लखनऊ का स्वरूप बदला, उसी तर्ज पर मेरठ भी एक नए रूप में सामने आएगा।
निष्कर्ष: मेट्रो का यह सफर लाखों लोगों की उम्मीदों की कहानी है जो हर रोज घंटों जाम में फंसते हैं। मेरठ का 25वें मेट्रो शहर बनना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और यह सेवा शहर के विकास में एक निर्णायक मोड़ साबित होगी।
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