मायावती का बड़ा फैसला,- 2027 में बिना गठबंधन के लड़ेगी BSP, कांग्रेस-सपा-भाजपा को बताया स्वार्थी और अंबेडकर विरोधी
गठबंधन नहीं करेगी BSP, कांग्रेस-सपा-भाजपा को अंबेडकर विरोधी बताया, 2007 जैसा बहुमत का संकल्प
UP Assembly Election 2026: बहुजन समाज पार्टी की सर्वोच्च नेता मायावती ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा और निर्णायक ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की कि 2027 के विधानसभा चुनाव में BSP किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अकेले दम पर चुनावी मैदान में उतरेगी। मायावती ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी तीनों को अंबेडकर विरोधी और संकीर्ण सोच वाला बताया है।
UP Assembly Election 2026: गठबंधन से होता है सिर्फ नुकसान
मायावती ने अपने बयान में गठबंधन की राजनीति पर तीखा प्रहार किया:
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विचारधारा: उन्होंने कहा कि BSP के समर्थकों को अच्छी तरह पता है कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और भाजपा जैसी पार्टियों की विचारधारा संकीर्ण है और वे बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों के विरोधी हैं।
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राजनीतिक स्वार्थ: उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां अंबेडकरवादी BSP से गठबंधन केवल वोटों के राजनीतिक और चुनावी स्वार्थ के लिए करती हैं।
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अनुभव: मायावती का कहना है कि पिछले अनुभवों से यह साबित हो चुका है कि इन पार्टियों से गठबंधन करने से BSP को केवल नुकसान ही हुआ है, कोई फायदा नहीं मिला।
UP Assembly Election 2026: 2007 की सफलता दोहराने का संकल्प
बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो ने अपने कार्यकर्ताओं को 2007 की याद दिलाई:
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पूर्ण बहुमत: 2007 में BSP ने अकेले दम पर 403 सदस्यीय विधानसभा में 206 सीटें जीती थीं।
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अपील: उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे हाथी की मस्त चाल चलते हुए 2007 की तरह फिर से अकेले चुनाव लड़कर पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएं।
UP Assembly Election 2026: विरोधियों की साजिशों की चेतावनी
मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं को चेताते हुए कहा:
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साजिशें: विरोधी पार्टियां BSP के लोगों का ध्यान भटकाने के लिए घिनौनी साजिशें और मनगढ़ंत बातें करती रहती हैं।
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हथकंडे: जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा, विरोधियों द्वारा साम, दाम, दंड और भेद जैसे हथकंडे अपनाए जाने की संभावना बढ़ जाएगी।
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मजबूत नेतृत्व: उन्होंने अंबेडकरवादियों से अपील की कि वे अपनी पार्टी और उसकी आयरन लीडरशिप पर पक्का और पुख्ता भरोसा करें।
UP Assembly Election 2026: BSP की वर्तमान रणनीतिक स्थिति
पार्टी अब 2027 के चुनाव के लिए अपनी तैयारी तेज कर रही है:
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जातीय समीकरण: पार्टी ब्राह्मण, मुस्लिम और अन्य समुदायों के वोट बैंक को साधने के लिए लगातार बैठकें कर रही है।
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संगठन: जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है और संभावित उम्मीदवारों की पहचान का काम शुरू हो गया है।
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चुनौतियां: वर्तमान प्रतिस्पर्धी वातावरण में अकेले चुनाव लड़कर सफल होना BSP के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, लेकिन पार्टी नेतृत्व प्रत्येक क्षेत्र का सूक्ष्म विश्लेषण कर रहा है।
निष्कर्ष: मायावती की यह घोषणा उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ है। पार्टी कार्यकर्ताओं को बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आत्म-सम्मान और स्वाभिमान के आंदोलन को मजबूती देने के लिए मिशनरी भावना के साथ जुटे रहने का संदेश दिया गया है।
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