ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता में बड़ी प्रगति,- मार्गदर्शक सिद्धांतों पर सहमति, लेकिन खामेनेई की धमकी से बढ़ा तनाव
मार्गदर्शक सिद्धांतों पर सहमति, लेकिन खामेनेई की धमकी से बढ़ा तनाव, जेनेवा में दूसरा दौर
Iran-US Deal: ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। जेनेवा में हुए दूसरे दौर की वार्ता के बाद दोनों देशों ने संभावित समझौते के लिए कुछ बुनियादी सिद्धांतों पर सहमति जताई है। हालांकि, यह प्रगति उतनी आसान नहीं रही जितनी दिख रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे सकारात्मक कदम बताया है, जबकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया है कि अभी भी कई विवादास्पद मुद्दे बने हुए हैं।
Iran-US Deal: वार्ता में हुई प्रगति, ईरानी विदेश मंत्री का बयान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जेनेवा वार्ता के बाद राज्य टेलीविजन को जानकारी दी:
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मार्गदर्शक सिद्धांत: दोनों पक्ष कुछ मार्गदर्शक सिद्धांतों पर सामान्य समझौते तक पहुंचने में सफल रहे हैं। इन सिद्धांतों के आधार पर अब समझौते का प्रारूप तैयार करने की दिशा में काम होगा।
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सावधानी: अराघची ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अंतिम समझौता तुरंत हो जाएगा, लेकिन एक रास्ता शुरू हो गया है।
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आगामी प्रस्ताव: ईरानी अधिकारी अगले दो हफ्तों में एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करेंगे, जिसमें शेष विवादास्पद मुद्दों को संबोधित किया जाएगा।
Iran-US Deal: अमेरिकी पक्ष का नजरिया, सतर्क आशावाद और रेड लाइन्स
अमेरिकी प्रशासन ने वार्ता को लेकर सावधानी भरा रुख अपनाया है:
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सकारात्मक संकेत: एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने प्रगति को स्वीकार किया है लेकिन कहा कि अभी भी महत्वपूर्ण विवरणों पर चर्चा बाकी है।
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जेडी वेंस की चेतावनी: अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ स्पष्ट सीमाएं (Red Lines) निर्धारित की हैं, जिन्हें पार नहीं किया जा सकता।
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प्राथमिकता: वाशिंगटन का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न करे।
Iran-US Deal: ट्रंप प्रशासन की व्यापक मांगें
अमेरिका इस वार्ता का दायरा केवल परमाणु मुद्दे तक सीमित नहीं रखना चाहता:
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मिसाइल कार्यक्रम: वार्ता में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को भी शामिल करने की मांग।
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मानवाधिकार: ईरान अपने यहां विरोध प्रदर्शन करने वाले नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार करे।
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सैन्य चेतावनी: जेडी वेंस ने अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति के उपयोग से नहीं हिचकिचाएगा।
Iran-US Deal: खामेनेई की आक्रामक चेतावनी
वार्ता के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिका को सीधी चुनौती दी है:
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नौसेना को थप्पड़: खामेनेई ने कहा कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की नौसेना को इतना जोर से थप्पड़ मारा जा सकता है कि वह फिर कभी उठ नहीं पाएगा।
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हथियारों का दावा: उन्होंने अमेरिकी युद्धपोतों को डुबोने की धमकी देते हुए कहा कि ईरान के पास ऐसे हथियार हैं जो विशाल युद्धपोत को सीधे समुद्र की गहराइयों में भेज सकते हैं।
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रणनीतिक संदेश: खामेनेई के बयान के साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास किए हैं।
Iran-US Deal: वार्ता की पृष्ठभूमि और चुनौतियां
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इतिहास: 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) से 2018 में राष्ट्रपति ट्रंप के बाहर निकलने के बाद से दोनों देशों में अविश्वास बढ़ा है।
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मध्यस्थता: ओमान ने पारंपरिक रूप से दोनों पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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भावी संकट: यूरेनियम संवर्धन की अनुमत सीमा, परमाणु सुविधाओं का निरीक्षण और प्रतिबंधों में राहत की समयसीमा अभी भी बड़े विवादास्पद मुद्दे बने हुए हैं।
निष्कर्ष: ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता एक नाजुक मोड़ पर है। प्रगति के संकेत उत्साहजनक हैं, लेकिन खामेनेई की धमकियों और दोनों पक्षों के कठोर रुख से तनाव बना हुआ है। आने वाले सप्ताहों में ईरान द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला विस्तृत प्रस्ताव इस प्रक्रिया का भविष्य तय करेगा।
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