नेपाल में बड़ा उलटफेर! रैपर बालेन की RSP ने पुरानी पार्टियों को धूल चटाई, काठमांडू की सभी 10 सीटें जीतीं, पीएम मोदी ने दी बधाई — “नेपाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे”
रैपर बालेन की RSP ने नेपाल चुनाव में तहलका मचाया, काठमांडू की 10/10 सीटें जीतीं, मोदी बोले — शांति-प्रगति के लिए प्रतिबद्ध
India Nepal relations: पड़ोसी देश नेपाल में लोकतंत्र का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। वहां हुए आम चुनावों के नतीजे पूरी दुनिया को चौंका रहे हैं। रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानी RSP ने एक के बाद एक सीटें जीतकर पुराने और स्थापित राजनीतिक दलों की नींव हिला दी है। इस ऐतिहासिक चुनावी उपलब्धि पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की जनता और सरकार को हार्दिक बधाई दी है और दोनों देशों के बीच और गहरे होते रिश्तों का संकेत दिया है।
India Nepal relations: पीएम मोदी का नेपाल को खास संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नेपाल को लेकर एक भावनापूर्ण और राजनयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पोस्ट साझा की। उन्होंने नेपाल के चुनावों को शांतिपूर्ण और सफल बताते हुए वहां की जनता की तारीफ की। पीएम मोदी ने लिखा कि नेपाली भाइयों और बहनों को इतने उत्साह के साथ अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करते देखना बेहद खुशी की बात है। उन्होंने इस चुनाव को नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा में एक गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण करार दिया।
India Nepal relations: शांति और प्रगति के लिए भारत की प्रतिबद्धता
साथ ही यह भी कहा कि भारत एक घनिष्ठ मित्र और पड़ोसी की हैसियत से नेपाल के लोगों और उसकी नई सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर शांति, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी का यह संदेश भारत-नेपाल संबंधों की मजबूत नींव को और भी पुख्ता करता है। यह स्पष्ट है कि भारत नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। व्यापार, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग की असीम संभावनाएं हैं।
India Nepal relations: कौन हैं बालेंद्र शाह जिन्होंने पलट दी बाजी
नेपाल की राजनीति में बालेंद्र शाह का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। ‘बालेन’ के नाम से मशहूर यह युवा नेता पहले एक रैपर के रूप में जाने जाते थे। उनके गाने नेपाल के युवाओं में बेहद लोकप्रिय रहे हैं। लेकिन जब उन्होंने राजनीति में कदम रखा तो उनकी सोच, उनकी भाषा और उनका जमीनी जुड़ाव उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करने लगा। उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान खुद को ‘मधेश का बेटा’ बताया और आम जनता की भाषा में उनसे बात की। पार्टी ने ‘अबकी बार बालेंद्र सरकार’ का नारा दिया जो नेपाली जनता के दिलों में उतर गया।
India Nepal relations: RSP की जीत ने पुरानी पार्टियों को दिया झटका
चुनाव के नतीजों और रुझानों ने जो तस्वीर सामने रखी है वह नेपाल की राजनीति को एक नई दिशा देने वाली है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने काठमांडू जिले की सभी 10 सीटें जीत लीं। इसके अलावा भक्तपुर जिले की दो सीटें और ललितपुर जिले की एक सीट भी RSP की झोली में आ गई। मधेश प्रांत में भी RSP का दबदबा देखने को मिला। आठ जिलों की 32 सीटों में से पार्टी ने 7 सीटें जीत लीं और 23 अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में उसकी बढ़त बरकरार है। यह आंकड़े बता रहे हैं कि RSP ने पूरे नेपाल में अपनी पैठ बना ली है।
India Nepal relations: नेपाली कांग्रेस और वामपंथी दलों का क्या हाल
जो दल दशकों से नेपाल की राजनीति में वर्चस्व रखते आए हैं उनके लिए यह चुनाव एक बड़ी चेतावनी लेकर आया है। नेपाली कांग्रेस ने अब तक छह सीटों पर जीत हासिल की है और 12 अन्य सीटों पर वह आगे चल रही है। यह आंकड़े उनकी पिछली स्थिति की तुलना में काफी कमजोर हैं। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की हालत भी कुछ ऐसी ही है। उसने दो सीटें जीती हैं और छह सीटों पर आगे है। लेकिन RSP की आंधी के सामने पुराने दल कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं।
India Nepal relations: युवा नेतृत्व का बढ़ता दबदबा
बालेंद्र शाह की जीत सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी की जीत नहीं है। यह एक पूरी पीढ़ी की जीत है जो पुरानी और जड़ हो चुकी राजनीतिक व्यवस्था से थक चुकी थी और बदलाव चाहती थी। उनकी कहानी यह भी बताती है कि जब कोई नेता जमीन से जुड़ा हो, जनता की भाषा बोलता हो और ईमानदारी के साथ काम करने का इरादा रखता हो तो जनता उसे जरूर चुनती है। दक्षिण एशिया में युवा नेतृत्व के उभार की यह प्रवृत्ति नेपाल में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर देखने को मिल रही है। बालेन की जीत आने वाले कई चुनावों के लिए एक नजीर बन सकती है।
India Nepal relations: आगे का रास्ता
अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि बालेंद्र शाह की पार्टी सरकार बनाने के लिए किन दलों के साथ गठबंधन करती है और नई सरकार किस तरह की नीतियां अपनाती है। नेपाल की जनता ने बदलाव में भरोसा जताया है और अब इस भरोसे को बनाए रखना नई सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। भारत की ओर से दोस्ती और सहयोग का हाथ पहले से ही बढ़ा हुआ है। एक स्थिर और लोकतांत्रिक नेपाल पूरे दक्षिण एशिया के लिए शुभ संकेत है।
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