कानपुर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा! मार्क जुकरबर्ग और एलन मस्क बनकर ठगों ने रिटायर्ड शिक्षिका से 1.57 करोड़ ठगे, 13 महीने तक चला जाल; पुलिस ने 30 लाख से ज्यादा रकम फ्रीज की
मार्क जुकरबर्ग बनकर ठगी, 13 महीने में शिक्षिका से करोड़ों की ठगी
Kanpur cyber fraud case: डिजिटल दुनिया में पहचान छिपाकर ठगी करने वाले अपराधियों ने अब अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के नाम का सहारा लेकर एक बुजुर्ग महिला की जीवनभर की कमाई पर डाका डाला है।
Kanpur cyber fraud case: कानपुर में साइबर ठगी का नया ट्रेंड
साइबर अपराधी अब मार्क जुकरबर्ग और एलन मस्क जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय नामों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगा रहे हैं। इस मामले में एक व्यक्ति ने फेसबुक पर मार्क जुकरबर्ग बनकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और धीरे-धीरे शिक्षिका का विश्वास जीता। शुरुआती बातचीत सामान्य थी, लेकिन जल्द ही निवेश के प्रस्ताव रखे गए। ठगों ने दावा किया कि वे कानपुर में एक बड़ा स्कूल खोलने की योजना बना रहे हैं और इसमें निवेश पर भारी मुनाफा मिलेगा।
Kanpur cyber fraud case: मल्टीपल आइडेंटिटी का इस्तेमाल
इस ठगी में साइबर अपराधियों ने कई फर्जी पहचानों का उपयोग किया। मार्क जुकरबर्ग के बाद एक अन्य व्यक्ति ने संपर्क किया, जिसने खुद को एलन मस्क का सहयोगी या गायक जॉश टर्नर बताया। बात को और विश्वसनीय बनाने के लिए ठगों ने ‘मिरेकल गिवर्स’ और ‘लीड इंडिया’ जैसे फर्जी संगठनों के वकील अशोक सुरेश के रूप में भी पहचान बनाई। शिक्षिका को लगा कि यह कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट है, इसलिए उन्होंने पैसे ट्रांसफर करने शुरू कर दिए।
Kanpur cyber fraud case: जालसाजी का नया तरीका
जब शिक्षिका को शक हुआ और उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो ठगों ने नया जाल फैलाया। उन्होंने दावा किया कि पैसे वापस दिलाने के लिए टैक्स, कन्वर्जन चार्ज, स्टांप ड्यूटी और अन्य कानूनी फीस जमा करनी होगी। इस बहाने उन्होंने पीड़िता से बार-बार अलग-अलग बैंक खातों में पैसे मंगवाए। कुल पांच अलग-अलग खातों में यह राशि भेजी गई। यह तरीका लोगों को भ्रमित करने और उन्हें फिर से फंसाने के लिए बनाया गया था।
Kanpur cyber fraud case: पुलिस कार्रवाई और जांच
जब शिक्षिका पूरी तरह लुट चुकी थीं, तब उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम सेल ने एनसीआरपी के माध्यम से मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। डीसीपी साइबर क्राइम ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को निवेश, पैसे वापसी या किसी भी तरह के charge के नाम पर पैसे न भेजें, खासकर जब वे मार्क जुकरबर्ग, एलन मस्क जैसे बड़े नामों का इस्तेमाल कर रहे हों। संदिग्ध मैसेज या कॉल पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए।
Kanpur cyber fraud case: ठगी के शिकार लोगों के लिए राहत
इस मामले में पुलिस ने फ्रॉड से जुड़े खातों से लगभग 30 लाख 42 हजार रुपये फ्रीज कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि यह ठगी बहुत सुनियोजित थी और अपराधियों ने व्हाट्सएप, फोन कॉल्स और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर पीड़िता का भावनात्मक और आर्थिक शोषण किया। यह पीड़ितों के लिए थोड़ी राहत की बात है क्योंकि उनके पैसे वापस मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
एक्सपर्ट एनालिसिस: साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ बताते हैं कि इस तरह की ठगी से बचने के लिए सावधानी और जागरूकता जरूरी है। विशेषज्ञ कहते हैं कि फर्जी प्रोफाइल्स को तुरंत रिपोर्ट करना, केवल वेरिफाइड अकाउंट्स से बात करना और किसी भी लालच में आने से पहले दो बार सोचना जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि बड़े अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के नाम का इस्तेमाल करना अब ठगों का पसंदीदा तरीका बन गया है।
Kanpur cyber fraud case: डिजिटल युग में बढ़ती चुनौतियां
जैसे-जैसे युग डिजिटल हो रहा है, वैसे-वैसे अपराध और अपराध के तरीकों में भी डिजिटलाइजेशन हो रहा है। इस तरह की ठगी लोगों की जीवनभर की कमाई पर डाका डाल रही है। कानपुर की यह घटना दिखाती है कि साइबर अपराधी अब कितनी गहराई तक जाल फैला रहे हैं। लोगों को जागरूक करना और उन्हें सावधान रहना ही इस चुनौती का सबसे बड़ा समाधान है।
निष्कर्ष
कानपुर की यह घटना दर्शाती है कि साइबर अपराधी अब कितना परिष्कृत हो रहे हैं। शिक्षिका की जीवनभर की बचत का लुट जाना एक दुखद घटना है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कुछ पैसे वापस मिलने की उम्मीद है, लेकिन समाज को जागरूक करना और सावधान रहना ही सबसे बड़ा समाधान है। डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
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