पीएम इंटर्नशिप योजना में होगा बड़ा बदलाव,- अवधि और उम्र की सीमा घटाने की तैयारी, जानें क्या होगा युवाओं पर असर
अवधि 12 से घटाकर 6-9 महीने, आयु सीमा 21-24 से बढ़ाकर 18-28 वर्ष करने की तैयारी
PM Internship Scheme: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना में व्यापक बदलाव की तैयारी चल रही है। युवाओं को देश की शीर्ष कंपनियों में व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना को अधिक कारगर और आकर्षक बनाने के लिए सरकार इसकी समयावधि और पात्रता आयु में कमी लाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने इस संबंध में व्यय वित्त समिति को विस्तृत प्रस्ताव भेजा है।
PM Internship Scheme: योजना के प्रारंभिक चरणों में मिले मिश्रित परिणाम
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कम भागीदारी: शुरुआती दो पायलट चरणों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि युवाओं की भागीदारी अपेक्षित लक्ष्य से काफी कम रही है। कुल ऑफर्स में से केवल 33 प्रतिशत को ही उम्मीदवारों ने स्वीकार किया।
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ज्वाइनिंग का स्तर: स्वीकृति देने वाले युवाओं में से भी मात्र 6 प्रतिशत ने वास्तव में इंटर्नशिप ज्वाइन की।
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चुनौतियां: विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षण की लंबी अवधि, वजीफे की अपर्याप्तता, इंटर्नशिप स्थान की दूरी और भविष्य में नियमित रोजगार की अनिश्चितता इसके मुख्य कारण रहे हैं।
PM Internship Scheme: वर्तमान योजना की मुख्य विशेषताएं
फिलहाल लागू योजना के प्रमुख प्रावधान निम्नलिखित हैं:
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पात्रता आयु: 21 से 24 वर्ष।
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अवधि: शीर्ष 500 कंपनियों में 12 महीने का प्रशिक्षण।
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वजीफा: 5,000 रुपये मासिक वजीफा और एकमुश्त 6,000 रुपये की सहायता राशि।
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आवेदन: आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया।
PM Internship Scheme: संशोधन की आवश्यकता और प्रमुख कारण
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वजीफे की कमी: महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में रहने की लागत 5,000 रुपये के वजीफे से कहीं अधिक है।
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समय सीमा: 12 महीने की लंबी अवधि उन युवाओं के लिए मुश्किल रही जो उच्च शिक्षा या अन्य रोजगार के अवसरों पर विचार कर रहे थे।
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अनिश्चितता: इंटर्नशिप पूरी करने के बाद नियमित नौकरी मिलेगी या नहीं, इसकी अस्पष्टता ने भी युवाओं को दूर रखा।
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स्थान: गृहनगर से दूर शहरों में इंटर्नशिप के अवसर मिलना कई युवाओं के लिए व्यावहारिक नहीं रहा।
PM Internship Scheme: बजट आवंटन में भारी कटौती
युवाओं की कम भागीदारी के कारण आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट में संशोधन किया गया है:
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वित्तीय वर्ष 2025-26: 10,800 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था।
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वित्तीय वर्ष 2026-27: बजट को 56 प्रतिशत घटाकर 4,788 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
PM Internship Scheme: प्रस्तावित परिवर्तन और भविष्य की रणनीति
कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय निम्नलिखित महत्वपूर्ण बदलावों पर विचार कर रहा है:
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अवधि: इंटर्नशिप की अवधि को 12 महीने से घटाकर 6 या 9 महीने किया जा सकता है।
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आयु सीमा: वर्तमान 21-24 वर्ष की सीमा को विस्तारित करके 18-28 वर्ष किया जा सकता है।
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नया पायलट चरण: संशोधित प्रारूप को पहले एक लाख प्रशिक्षुओं पर परखने की योजना है।
PM Internship Scheme: युवाओं पर संभावित प्रभाव
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सकारात्मक पक्ष: कम अवधि और आयु सीमा में विस्तार से अधिक युवाओं को लाभ मिल सकेगा। जो युवा लंबी प्रतिबद्धता से हिचकिचा रहे थे, वे अब योजना के प्रति आकर्षित हो सकते हैं।
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चिंता का पक्ष: विशेषज्ञों का मानना है कि कम अवधि का मतलब यह भी हो सकता है कि युवाओं को गहन प्रशिक्षण और व्यापक अनुभव प्राप्त करने का समय कम मिलेगा।
निष्कर्ष: प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना में सुधार की इच्छा सराहनीय है। प्रस्तावित परिवर्तनों से उम्मीद है कि यह योजना अधिक प्रभावी होगी और देश के करोड़ों युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान कर सकेगी।
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