IPO नियमों में बड़ा बदलाव! अब आसान होगी दिग्गज कंपनियों की लिस्टिंग, NSE और रिलायंस जियो के शेयर बाजार में आने की बढ़ी उम्मीद
सरकार ने IPO नियमों में ढील दी, बड़ी कंपनियों को बाजार में आने का मिलेगा आसान मौका
IPO rule change India: भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। केंद्र सरकार ने आईपीओ यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। इस फैसले के बाद देश की सबसे बड़ी और सबसे मूल्यवान कंपनियों के लिए शेयर बाजार में लिस्ट होने का रास्ता पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है। खास बात यह है कि इस बदलाव के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE और रिलायंस जियो जैसी दिग्गज कंपनियों की लिस्टिंग की संभावना अब बहुत मजबूत हो गई है। बाजार जानकारों का मानना है कि यह फैसला भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।
IPO rule change India: क्या है नया नियम और किसे मिलेगा फायदा
सरकार के नए नियमों के मुताबिक जिन कंपनियों का लिस्टिंग के बाद बाजार मूल्य यानी मार्केट कैपिटलाइजेशन 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा, उन्हें अब सार्वजनिक निवेशकों के लिए अपनी चुकता पूंजी का केवल 2.5 प्रतिशत हिस्सा ही बेचना होगा। पहले यह सीमा काफी ज्यादा थी जिसकी वजह से कई बड़ी कंपनियां आईपीओ लाने में हिचकिचाती थीं या उन्हें आईपीओ की प्रक्रिया में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। यह बदलाव इसलिए अहम है क्योंकि जब कोई कंपनी बहुत बड़ी होती है तो उसके लिए पब्लिक को बड़ी मात्रा में शेयर देना व्यावहारिक रूप से मुश्किल होता है। नए नियम इस समस्या का समाधान करते हैं और बड़ी कंपनियों को राहत देते हैं।
IPO rule change India: पाँच अहम बदलाव जो हर निवेशक को जानने चाहिए
सरकार ने आईपीओ नियमों में जो बदलाव किए हैं उनमें कई महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं। पहली बात यह है कि अब हर कंपनी को अपने हर इक्विटी शेयर वर्ग का कम से कम 2.5 प्रतिशत हिस्सा आम निवेशकों के लिए रखना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सरकार ने पब्लिक शेयरहोल्डिंग को धीरे धीरे बढ़ाने के लिए एक स्पष्ट समयसीमा भी तय की है। दूसरी अहम बात यह है कि अगर किसी कंपनी की लिस्टिंग के वक्त सार्वजनिक हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से कम है तो उसे 5 साल के भीतर इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक और 10 साल के अंदर 25 प्रतिशत तक करना होगा।
तीसरा बदलाव यह है कि जिन कंपनियों की पब्लिक शेयरहोल्डिंग लिस्टिंग के समय ही 15 प्रतिशत से ज्यादा है, उन्हें अगले 5 साल के भीतर इसे 25 प्रतिशत तक पहुंचाना अनिवार्य होगा। चौथे बदलाव के तहत मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर अलग अलग श्रेणियाँ बनाई गई हैं। जिन कंपनियों का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ से 5 लाख करोड़ रुपये के बीच होगा, उन्हें आईपीओ के दौरान कम से कम 2.75 प्रतिशत शेयर आम निवेशकों को देने होंगे। पाँचवाँ बदलाव यह है कि अगर किसी कंपनी के पास सुपीरियर वोटिंग राइट्स वाले इक्विटी शेयर हैं और वह अपने सामान्य शेयरों को बाजार में लिस्ट करना चाहती है, तो ऐसे विशेष शेयरों को भी साथ में लिस्ट करना जरूरी होगा।
IPO rule change India: NSE और Jio की लिस्टिंग का रास्ता साफ
इन नए नियमों के लागू होने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और रिलायंस जियो को लेकर हो रही है। NSE का आईपीओ लंबे समय से बाजार में इंतजार की स्थिति में था। कंपनी ने मर्चेंट बैंकर्स की टीम भी चुन ली है और तैयारियाँ काफी आगे बढ़ चुकी हैं। नए नियमों ने इस प्रक्रिया को और आसान बना दिया है। रिलायंस जियो को लेकर भी बाजार में काफी उत्साह देखा जा रहा है। यह कंपनी भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों में से एक है और इसके आईपीओ को लेकर निवेशकों में जबरदस्त दिलचस्पी है। नए नियमों के बाद यह माना जा रहा है कि जियो का आईपीओ अब जल्द ही आ सकता है।
IPO rule change India: निवेशकों के लिए क्या है मौका
आम निवेशकों के नजरिए से यह बदलाव एक बड़ा अवसर लेकर आया है। जब NSE और Jio जैसी बड़ी कंपनियाँ शेयर बाजार में आएंगी तो छोटे और मझोले निवेशकों को भी इनमें हिस्सेदारी खरीदने का मौका मिलेगा। इससे न सिर्फ निवेशकों की संपत्ति बढ़ सकती है बल्कि भारतीय पूंजी बाजार और भी मजबूत होगा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से भारत के शेयर बाजार में नई जान आ सकती है। बड़ी कंपनियों के आने से बाजार की गहराई बढ़ेगी, विदेशी निवेशकों का आकर्षण बढ़ेगा और बाजार में ज्यादा विविधता आएगी।
निष्कर्ष
सरकार का यह फैसला भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार दोनों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। IPO नियमों में यह बदलाव दिखाता है कि सरकार बड़ी कंपनियों को पूंजी बाजार में लाने के लिए गंभीर है। NSE और रिलायंस जियो जैसी कंपनियों की संभावित लिस्टिंग आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकती है। निवेशकों को अब इस मौके के लिए तैयार रहना चाहिए।
read more here