महाशिवरात्रि 2026: घर बैठे कैसे पाएं 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन का पुण्य? जानें विधि और मंत्र, ज्योतिर्लिंग के दर्शन नहीं कर पा रहे तो घर पर करें यह स्तुति का पाठ, मिलेगा सभी ज्योतिर्लिंगों के पूजन का फल
15 फरवरी को महाशिवरात्रि, घर पर द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तुति पाठ से मिलेगा सभी ज्योतिर्लिंग दर्शन का पुण्य
Maha Shivratri 2026: भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि नजदीक आ रहा है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन ज्योतिर्लिंग के दर्शन करना अत्यंत पुण्यकारी होता है और इससे जीवन की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। लेकिन हर किसी के लिए दूर-दराज स्थित इन ज्योतिर्लिंगों तक पहुंचना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में शास्त्रों में एक विशेष उपाय बताया गया है, जिसके माध्यम से आप घर बैठे ही सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन और पूजन का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।
Maha Shivratri 2026: क्या है 12 ज्योतिर्लिंग स्तुति
हिंदू धर्म शास्त्रों में एक विशेष स्तुति का उल्लेख मिलता है, जिसे द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तुति या 12 ज्योतिर्लिंग स्तोत्र कहा जाता है। यह स्तुति संस्कृत में रची गई है और इसमें सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम, स्थान और महत्व का वर्णन है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति इस स्तुति का नियमित रूप से पाठ करता है, उसे सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है। यह स्तुति विशेष रूप से उन भक्तों के लिए वरदान है जो शारीरिक, आर्थिक या अन्य किसी कारण से ज्योतिर्लिंगों की यात्रा नहीं कर पाते।
Maha Shivratri 2026: स्तुति पाठ की विधि और महत्व
शास्त्रों में कहा गया है कि जो व्यक्ति प्रतिदिन सुबह और शाम इस स्तुति का पाठ करता है, उसके सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। महाशिवरात्रि के दिन इस स्तुति का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।
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विधि: पाठ करते समय व्यक्ति को स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए, स्नान करके शुद्ध होना चाहिए।
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वातावरण: शिवलिंग के सामने बैठकर, दीपक जलाकर और धूप-अगरबत्ती से वातावरण को पवित्र करना चाहिए।
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ध्यान: पाठ करते समय प्रत्येक ज्योतिर्लिंग का मन में ध्यान करना चाहिए।
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जप: अगर संभव हो तो इस स्तुति का 108 बार जप करना अत्यंत फलदायी होता है। लेकिन समय की कमी हो तो कम से कम तीन बार अवश्य पढ़ना चाहिए।
Maha Shivratri 2026: 12 ज्योतिर्लिंग मंत्र और उनका स्थान
स्तुति के अलावा प्रत्येक ज्योतिर्लिंग के लिए विशेष मंत्र भी बताए गए हैं:
| क्रम | ज्योतिर्लिंग मंत्र | स्थान |
| 1 | ॐ सोमनाथाय नमः | गुजरात (सोमनाथ) |
| 2 | ॐ मल्लिकार्जुनाय नमः | आंध्र प्रदेश (श्रीशैलम) |
| 3 | ॐ महाकालेश्वराय नमः | मध्य प्रदेश (उज्जैन) |
| 4 | ॐ ओम्कारेश्वराय नमः | मध्य प्रदेश (ओंकारेश्वर) |
| 5 | ॐ वैद्यनाथाय नमः | झारखंड (देवघर) |
| 6 | ॐ भीमाशङ्कराय नमः | महाराष्ट्र (भीमाशंकर) |
| 7 | ॐ रामेश्वराय नमः | तमिलनाडु (रामेश्वरम) |
| 8 | ॐ नागेश्वराय नमः | गुजरात (द्वारका) |
| 9 | ॐ विश्वनाथाय नमः | उत्तर प्रदेश (वाराणसी) |
| 10 | ॐ त्र्यम्बकेश्वराय नमः | महाराष्ट्र (नासिक) |
| 11 | ॐ केदारनाथाय नमः | उत्तराखंड (केदारनाथ) |
| 12 | ॐ घृष्णेश्वराय नमः | महाराष्ट्र (औरंगाबाद) |
Maha Shivratri 2026: द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का विस्तृत वर्णन
द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र में प्रत्येक ज्योतिर्लिंग की महिमा का वर्णन है:
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सोमनाथ: चंद्रकला से सुशोभित, भक्तों को भक्ति प्रदान करने वाले।
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मल्लिकार्जुन: श्रीशैल पर्वत पर निवास करने वाले, संसार सागर से पार करने वाले।
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महाकाल: अकाल मृत्यु से रक्षा करने वाले महाकाल महासुरेश्वर।
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ओंकारेश्वर: कावेरी और नर्मदा के पवित्र संगम पर स्थित।
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विश्वनाथ: आनंद के भंडार, पापों को नष्ट करने वाले वाराणसी के नाथ।
Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि पर विशेष उपाय
महाशिवरात्रि के दिन इस स्तुति और मंत्रों के साथ निम्नलिखित उपाय करें:
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अभिषेक: शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से रुद्राभिषेक करें।
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अर्पण: बेल पत्र, धतूरा, आक के फूल, भांग, धूप और दीप अर्पित करें।
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साधना: पाठ के बाद शिव चालीसा, शिव आरती और महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
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व्रत: दिन भर उपवास रखें और रात में शिव की पूजा करके ही भोजन ग्रहण करें।
निष्कर्ष
भगवान शिव भाव के भूखे हैं, दिखावे के नहीं। अगर कोई व्यक्ति सच्चे मन से घर बैठे ही इस स्तुति का पाठ करता है, तो उसे ज्योतिर्लिंग दर्शन के बराबर ही पुण्य मिलता है। भगवान शिव की कृपा से आपके जीवन में खुशहाली, समृद्धि और शांति आएगी। हर हर महादेव।
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