LPG गैस कनेक्शन सरेंडर कैसे करें, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों की पूरी प्रोसेस, सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस लेना न भूलें, शहर बदलने या PNG कनेक्शन लेने पर है जरूरी, जानें वित्तीय, सुरक्षा और राष्ट्रीय लाभ की पूरी जानकारी

शहर बदलने, PNG कनेक्शन लेने या डुप्लिकेट कनेक्शन होने पर क्यों जरूरी है सरेंडर, जानें फायदे और स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

0

LPG Cylinder Surrender Process: भारत में LPG यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस का उपयोग करोड़ों घरों में खाना पकाने के लिए किया जाता है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल विपणन कंपनियां देश भर में LPG की आपूर्ति करती हैं। लेकिन कई बार ऐसी परिस्थितियां आती हैं जब किसी व्यक्ति को अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करने की जरूरत पड़ती है। पहले यह प्रक्रिया थोड़ी जटिल और समय लेने वाली थी। लेकिन अब डिजिटलीकरण के दौर में यह बहुत आसान हो गई है। आप घर बैठे ऑनलाइन भी अपना कनेक्शन सरेंडर कर सकते हैं या फिर पारंपरिक तरीके से गैस एजेंसी में जाकर ऑफलाइन भी यह काम कर सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि LPG कनेक्शन सरेंडर करने की पूरी प्रक्रिया क्या है और इसके क्या फायदे हैं।

कब जरूरी होता है LPG कनेक्शन सरेंडर करना?

कई विशेष परिस्थितियां होती हैं जब LPG कनेक्शन सरेंडर करना जरूरी या फायदेमंद हो जाता है। पहली स्थिति तब आती है जब आप नौकरी या अन्य कारणों से एक शहर से दूसरे शहर स्थायी रूप से शिफ्ट हो रहे हैं। ऐसे में पुराने शहर का कनेक्शन बेकार हो जाता है। दूसरी स्थिति यह है कि आप अपने मूल घर या गांव वापस जा रहे हैं जहां पहले से ही परिवार के नाम पर एक LPG कनेक्शन मौजूद है। तीसरी परिस्थिति तब होती है जब आप लंबे समय के लिए जैसे 2 साल या उससे अधिक समय के लिए विदेश जा रहे हैं और इस दौरान कनेक्शन का उपयोग नहीं होगा।

चौथा कारण यह हो सकता है कि आप किसी नई जगह पर अस्थायी रूप से रह रहे हैं और यह स्पष्ट नहीं है कि आप वहां कितने समय तक रहेंगे। पांचवां और सबसे आम कारण है पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG कनेक्शन लगवाना। जब आपके इलाके में PNG की सुविधा आ जाती है तो ज्यादातर लोग उसे लगवा लेते हैं क्योंकि यह सस्ती और सुविधाजनक होती है। ऐसे में LPG कनेक्शन की जरूरत नहीं रहती। छठा कारण सरकारी निर्देश के अनुसार डुप्लिकेट या एक से अधिक कनेक्शन सरेंडर करना भी है।

ऑनलाइन LPG गैस कनेक्शन सरेंडर करने की पूरी प्रक्रिया

बैंकबाजार और विभिन्न तेल कंपनियों की वेबसाइट के मुताबिक अगर आपको अपने LPG कनेक्शन को मैनुअली यानी व्यक्तिगत रूप से सरेंडर करने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनी यानी इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम या हिंदुस्तान पेट्रोलियम के ऑफिस या गैस एजेंसी में जाना कठिन, असुविधाजनक या बहुत समय लेने वाला काम लगता है तो अब आप इसे बहुत आसानी से ऑनलाइन घर बैठे सरेंडर कर सकते हैं। ऑनलाइन सरेंडर करने का पूरा तरीका इस प्रकार है। सबसे पहले अपने LPG कनेक्शन सप्लायर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। अगर आपका कनेक्शन इंडियन ऑयल का है तो www.iocl.com पर जाएं। अगर भारत पेट्रोलियम का है तो www.bharatpetroleum.in पर जाएं।

अगर हिंदुस्तान पेट्रोलियम का है तो www.hindustanpetroleum.com पर जाएं। वेबसाइट पर पहुंचने के बाद अपने LPG कनेक्शन की डिटेल्स जैसे कस्टमर आईडी या कनेक्शन नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालकर लॉग इन करें। अगर आपने पहले लॉग इन नहीं किया है तो आपको पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा। लॉग इन करने के बाद आपको होम पेज पर या मेनू में “Surrender Connection” या “Termination Request” या इसी तरह का कोई ऑप्शन मिलेगा। इस पर क्लिक करें। अब आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा जिसमें आपको सरेंडर करने का कारण, आपका पूरा पता, बैंक अकाउंट डिटेल्स जिसमें सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस की जाएगी और अन्य आवश्यक जानकारी भरनी होगी।

सभी जानकारी सही सही भरने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें। इसके बाद यह सप्लायर कंपनी या गैस एजेंसी की जिम्मेदारी होगी कि वे आपके घर से LPG सिलेंडर, रेगुलेटर और अन्य सामान को एकत्र करें। आमतौर पर 3 से 7 दिनों के अंदर गैस एजेंसी का प्रतिनिधि आपके घर आएगा। सामान की जांच करेगा और ले जाएगा। इसके बाद आपकी सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि 15 से 30 दिनों में आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

LPG Cylinder Surrender Process: ऑफलाइन LPG गैस कनेक्शन सरेंडर करने का तरीका

अगर आप ऑनलाइन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं या आपको पारंपरिक तरीका पसंद है तो आप चाहें तो ऑफलाइन भी अपने LPG गैस कनेक्शन को बहुत आसानी से सरेंडर कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी नजदीकी LPG गैस एजेंसी या डिस्ट्रीब्यूटर के ऑफिस में व्यक्तिगत रूप से जाना होगा। जाते समय आपको अपना गैस सिलेंडर चाहे वह भरा हो या खाली, गैस रेगुलेटर, गैस पाइप और कनेक्शन बुकलेट साथ लेकर जानी होगी। एजेंसी पहुंचकर आपको वहां के अधिकारी को बताना होगा कि आप अपना कनेक्शन सरेंडर करना चाहते हैं। यहां आपको एक विशेष फॉर्म दिया जाएगा जिसका नाम “LPG Connection Termination Form” या “Surrender Form” होता है।

इस फॉर्म में आपको अपनी सारी डिटेल्स जैसे नाम, कनेक्शन नंबर, कस्टमर आईडी, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, पूरा पता, सरेंडर करने का कारण, बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड आदि सही सही भरनी होंगी। फॉर्म भरने के बाद आवश्यक डॉक्यूमेंट्स जैसे आधार कार्ड की कॉपी, बैंक पासबुक की कॉपी और कनेक्शन बुकलेट साथ में अटैच करें। सबकुछ सही पाए जाने और वेरिफिकेशन के बाद डिस्ट्रीब्यूटर या एजेंसी अधिकारी आपसे गैस सिलेंडर, रेगुलेटर और अन्य सामान जमा कर लेगा।

वह सामान की हालत चेक करेगा कि कोई नुकसान तो नहीं है। अगर सब कुछ ठीक है तो वह आपको एक रसीद देगा जिसमें सरेंडर की तारीख और सिक्योरिटी डिपॉजिट वापसी की जानकारी होगी। आपकी सिक्योरिटी डिपॉजिट मनी जो कनेक्शन लेते समय आपने जमा की थी वह आपको 15 से 30 दिनों के अंदर चेक या बैंक ट्रांसफर के जरिए लौटा दी जाएगी।

सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि लेना न भूलें

LPG कनेक्शन सरेंडर करते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपनी सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि लेना बिल्कुल न भूलें। जब आप पहली बार नया LPG कनेक्शन लेते हैं तो आपको एक निश्चित राशि सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा करनी पड़ती है। यह राशि सिलेंडर, रेगुलेटर और अन्य सामान की सुरक्षा के लिए ली जाती है।

वर्तमान में यह राशि लगभग 1500 से 2000 रुपये के बीच होती है जो समय समय पर बदल सकती है। जब आप कनेक्शन सरेंडर करते हैं तो यह पूरी राशि आपको वापस मिलनी चाहिए बशर्ते कि सिलेंडर और रेगुलेटर अच्छी हालत में हों। इसलिए सरेंडर फॉर्म में अपना सही बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड जरूर भरें। अगर ऑफलाइन प्रक्रिया कर रहे हैं तो रसीद जरूर ले लें और सुरक्षित रखें। 30 दिनों के बाद भी अगर राशि नहीं आती तो एजेंसी से संपर्क करें।

LPG कनेक्शन सरेंडर करने के वित्तीय लाभ

LPG कनेक्शन सरेंडर करने से आपको कई वित्तीय फायदे होते हैं। सबसे पहला और सीधा फायदा यह है कि सरेंडर किए गए कनेक्शन के लिए आपकी सुरक्षा जमा राशि जो 1500 से 2000 रुपये होती है वह पूरी तरह वापस मिल जाती है। यह राशि कई सालों से कंपनी के पास पड़ी रहती है। अब आप इसे अपने काम में लगा सकते हैं।

दूसरा फायदा यह है कि जो सिलेंडर इस्तेमाल नहीं हो रहे थे उनके लिए कभी कभी डिफॉल्ट चार्ज या डिटीरियोरेशन चार्ज यानी खराबी का चार्ज लगने का खतरा होता है। अगर लंबे समय तक सिलेंडर इस्तेमाल न हो तो कंपनी कुछ शुल्क लगा सकती है। सरेंडर करने से यह खतरा खत्म हो जाता है। तीसरा फायदा है अनावश्यक कनेक्शन रखने से बचकर परिवार का पैसा बचता है।

कई बार लोग सोचते हैं कि एक एक्स्ट्रा कनेक्शन रखने में क्या हर्ज है। लेकिन उसकी मेंटेनेंस, कभी कभी रिफिल बुकिंग आदि में भी पैसा लगता है। राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो करोड़ों अनावश्यक कनेक्शन सरेंडर होने से तेल विपणन कंपनियों के संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होता है जिससे राष्ट्रीय स्तर पर हजारों करोड़ रुपये की बचत होती है। यह बचत अंततः सब्सिडी के रूप में उपभोक्ताओं को ही फायदा पहुंचाती है।

सुरक्षा लाभ भी बहुत महत्वपूर्ण

LPG कनेक्शन सरेंडर करने से सुरक्षा के भी बड़े फायदे होते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सबसे पहला और सबसे बड़ा सुरक्षा लाभ यह है कि घर में उपयोग न होने वाले LPG सिलेंडरों से आग लगने या विस्फोट का गंभीर खतरा कम हो जाता है। खाली या भरे सिलेंडर अगर लंबे समय तक बिना देखभाल पड़े रहें तो उनमें लीकेज हो सकता है। गर्मी के मौसम में दबाव बढ़ने से विस्फोट का खतरा भी रहता है।

दूसरा लाभ है गैस लीकेज और उससे जुड़े हादसों का जोखिम घट जाता है। अगर सिलेंडर या रेगुलेटर पुराना हो गया है और उसका नियमित रूप से इस्तेमाल नहीं हो रहा तो धीरे धीरे गैस लीक होने लगती है। यह बहुत खतरनाक है क्योंकि LPG गैस हवा से भारी होती है और फर्श पर जमा हो जाती है। जरा सी चिंगारी से बड़ा हादसा हो सकता है।

तीसरा फायदा यह है कि निष्क्रिय कनेक्शनों का गलत इस्तेमाल या चोरी भी रोका जा सकता है। कई बार ऐसा होता है कि घर में कोई नहीं है और कनेक्शन बेकार पड़ा है तो कोई गलत व्यक्ति उसका दुरुपयोग कर सकता है। चौथा लाभ है परिवार के लिए सुरक्षित और चिंतामुक्त रहने का वातावरण सुनिश्चित होता है।

राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े फायदे

LPG कनेक्शन सरेंडर करना केवल व्यक्तिगत फायदे की बात नहीं है बल्कि इससे राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े लाभ होते हैं। पहला लाभ यह है कि अनावश्यक खर्च कम होता है। सरकार LPG पर भारी सब्सिडी देती है। अगर लाखों अनावश्यक कनेक्शन हैं तो उन पर भी सब्सिडी जाती है जो बर्बादी है।

दूसरा लाभ है ऊर्जा संसाधनों का बेहतर और न्यायसंगत वितरण संभव होता है। जब अनावश्यक कनेक्शन सरेंडर होते हैं तो वही सिलेंडर और संसाधन उन जरूरतमंद लोगों को दिए जा सकते हैं जिन्हें अभी तक कनेक्शन नहीं मिला है। तीसरा फायदा है भारत के शहरी ऊर्जा संक्रमण को समर्थन मिलता है। जैसे जैसे PNG का नेटवर्क बढ़ रहा है LPG से PNG में शिफ्ट होना पर्यावरण के लिए भी अच्छा है। चौथा लाभ है राष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता में योगदान होता है।

Read More Here

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.