लोकसभा में भारी बवाल, मर्यादा लांघने पर 8 विपक्षी सांसद पूरे बजट सत्र के लिए निष्कासित

स्पीकर कुर्सी पर कागज उछालने पर 8 कांग्रेस सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किया। सदन की कार्यवाही स्थगित, स्पीकर ने कड़ा रुख अपनाया

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Loksabha Budget Session: लोकसभा में मंगलवार को जोरदार हंगामा हुआ जब आठ विपक्षी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला की कुर्सी के पास जाकर कागज़ों को उछाला। इस अनुशासनहीन व्यवहार के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हो गई। स्पीकर ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए आठ सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया।

Loksabha Budget Session: हंगामे की पूरी घटना

बजट सत्र के दौरान लोकसभा में विपक्षी दलों के कई सांसद अपनी मांगों और मुद्दों को लेकर आंदोलन पर आए। आठ विपक्षी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला की कुर्सी के पास पहुंचकर कागज़ों को हवा में उछाला। यह कदम स्पीकर की गरिमा और सदन की गरिमा दोनों पर सीधा आक्रमण माना गया।

इस हंगामे के कारण सदन में जोरदार शोर-शोगुल मच गया और कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों से शांत रहने की कई बार अपील की लेकिन हंगामा जारी रहा।

आठ सांसदों के नाम

निलंबित किए गए आठ सांसदों में गुरजीत सिंह औजला, मणिकम टैगोर जो तमिलनाडु से कांग्रेस के सांसद हैं, राजा वडिंग, किरण रेड्डी, वेंकट रमण और हिबी ईडन जो केरल से कांग्रेस के सांसद हैं, इनके नाम प्रमुख हैं। इन सभी सांसदों को स्पीकर के आदेश पर पूरे बजट सत्र के लिए लोकसभा से बाहर किया गया है।

निलंबन का मतलब है कि ये सांसद बजट सत्र की अवधि में सदन की कार्यवाही में भाग नहीं ले सकेंगे। वे सदन में प्रवेश नहीं कर सकेंगे और किसी प्रकार की बहस या मतदान में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

Loksabha Budget Session: स्पीकर की दृष्टिकोण

स्पीकर ओम बिरला ने इस घटना को बहुत गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा एक महान संस्था है और इसकी गरिमा की रक्षा करना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्पीकर की कुर्सी संविधान की गरिमा का प्रतीक है और किसी भी प्रकार की अनुचित कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

स्पीकर ने कहा कि विपक्ष के सांसдам को अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है लेकिन इसे सभ्य और संसदीय तरीके से व्यक्त करना चाहिए। कागज़ फेंकना एक गैर-संसदीय तरीका है।

बजट सत्र स्थगित

इस हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही को कल यानी बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। स्पीकर ओम बिरला ने उम्मीद व्यक्ती की कि कल सदन की कार्यवाही सुचारू तरीके से चलेगी।

बजट सत्र एक बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है क्योंकि इसमें केंद्रीय बजट पेश और पारित किया जाता है। इस सत्र में बहुत से महत्वपूर्ण बिलों पर बहस और मतदान होता है। हंगामे से कार्यवाही बाधित होने पर समय की बर्बादी होती है।

Loksabha Budget Session: विपक्ष की प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों ने इस निलंबन को लोकतंत्र पर आक्रमण बताया है। कांग्रेस के कई नेताओं ने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाना लोकतंत्र का मूल अधिकार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सांसदों को चुप करने की कोशिश की जा रही है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि यह कदम लोकसभा में विपक्ष की भूमिका को कमजोर करने की कोशिश है। वे इसे स्वीकार नहीं करते और इसे लोकतंत्र की भावना के विरुद्ध बताया है।

सत्तारूढ़ दल की प्रतिक्रिया

भाजपा और सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसदों ने इस निलंबन को सही कदम बताया है। उनका कहना है कि सदन की गरिमा और स्पीकर की गरिमा की रक्षा करना जरूरी है। भाजपा के नेताओं ने कहा कि विपक्ष को अपनी बात कहने के लिए बहुत से उचित माध्यम उपलब्ध हैं लेकिन स्पीकर पर कागज़ फेंकना किसी भी दौर में स्वीकार्य नहीं।

सत्तारूढ़ दलों ने कहा कि इस प्रकार के व्यवहार से देश की जनता को बहुत खराब संदेश जाता है। सांसद जनता के प्रतिनिधि हैं और उनसे सभ्य व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।

Loksabha Budget Session: पिछले ऐसे मामलों की याद

लोकसभा में इस प्रकार की घटनाएं पहले भी हुई हैं जब सांसदों को निलंबित किया गया है। 2023 में भी बड़ी संख्या में विपक्षी सांसदों को एक सत्र के लिए निलंबित किया गया था। ऐसे निलंबनों ने हर बार विवाद पैदा किए हैं।

इन घटनाओं ने संसदीय कार्यवाही और लोकतंत्र की भावना पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कई विशेषज्ञों ने कहा है कि जरूरत है कि सरकार और विपक्ष दोनों संसदीय मर्यादाओं का पालन करें और अपनी बातों को उचित तरीके से रखें।

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