बिना सिबिल स्कोर के मिलेगा लोन, सरकार ला रही है AI आधारित क्रेडिट स्कोरिंग सिस्टम, बिजली-पानी के बिल और डिजिटल लेनदेन से तय होगी योग्यता
सरकार ला रही AI आधारित क्रेडिट स्कोरिंग, बिजली-पानी बिल और UPI लेनदेन से तय होगी योग्यता
Loan Without Cibil Score: देश में लाखों लोगों के लिए बैंक से लोन लेना एक बड़ी चुनौती है। खासकर वे लोग जिन्होंने कभी कोई कर्ज नहीं लिया या जिनका कोई क्रेडिट इतिहास नहीं है। बैंक ऐसे लोगों को “न्यू टू क्रेडिट” मानकर लोन देने से मना कर देते हैं। लेकिन अब यह समस्या जल्द खत्म हो सकती है। केंद्र सरकार एक नई क्रांतिकारी योजना पर काम कर रही है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वैकल्पिक डेटा के आधार पर क्रेडिट स्कोरिंग फ्रेमवर्क तैयार करेगी।
Loan Without Cibil Score: मौजूदा सिस्टम की समस्याएं
फिलहाल भारत में लोन लेने के लिए सिबिल स्कोर (CIBIL) सबसे महत्वपूर्ण है:
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रिकॉर्ड का अभाव: यदि आपने पहले कभी कोई लोन नहीं लिया, तो आपका कोई क्रेडिट इतिहास नहीं बनता।
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क्रेडिट इनविजिबल: बैंक के पास पिछली साख का प्रमाण न होने के कारण वे लोन देने से मना कर देते हैं या बहुत अधिक ब्याज दर मांगते हैं।
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अन्यायपूर्ण व्यवस्था: यह उन लोगों के लिए मुश्किल है जो वित्तीय रूप से जिम्मेदार हैं और नियमित आय अर्जित करते हैं, लेकिन औपचारिक ऋण का हिस्सा नहीं रहे।
Loan Without Cibil Score: AI आधारित वैकल्पिक क्रेडिट स्कोरिंग कैसे काम करेगा?
इस नए सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा एनालिटिक्स के जरिए निम्नलिखित डेटा का उपयोग किया जा सकता है:
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यूटिलिटी बिल भुगतान: बिजली, पानी और गैस के बिलों का नियमित भुगतान।
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डिजिटल लेनदेन: UPI, डेबिट कार्ड और ई-वॉलेट के माध्यम से खर्च के पैटर्न का विश्लेषण।
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मोबाइल रिचार्ज: नियमित मोबाइल और इंटरनेट बिल का भुगतान रिकॉर्ड।
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बैंक खाता व्यवहार: खाते में नियमित जमा, न्यूनतम बैलेंस और चेक बाउंस न होने का रिकॉर्ड।
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सरकारी योजनाओं का लाभ: PM-KISAN और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं में पंजीकरण।
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किराया और रोजगार: नियमित किराया भुगतान और वेतन क्रेडिट का रिकॉर्ड।
Loan Without Cibil Score: किन वर्गों को मिलेगा विशेष लाभ?
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महिलाएं: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) में सक्रिय महिलाओं को उनके नियमित योगदान और वैकल्पिक डेटा के आधार पर लोन मिल सकेगा।
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ग्रामीण आबादी: कृषि और पशुपालन से जुड़े लोगों के अनौपचारिक डिजिटल लेनदेन से उनकी साख स्थापित होगी।
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छोटे कारोबारी: रेहड़ी-पटरी वाले और ऑटो चालक जो UPI स्वीकार करते हैं, उनकी डिजिटल पेमेंट हिस्ट्री लोन का आधार बनेगी।
Loan Without Cibil Score: बैंकिंग सेक्टर के लिए नए अवसर
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ग्राहक आधार विस्तार: करोड़ों लोग जो बैंकिंग सिस्टम से बाहर हैं, वे अब औपचारिक ऋण पा सकेंगे।
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माइक्रो लोन: छोटे टिकट के लोन की मांग और आपूर्ति के अंतर को कम किया जा सकेगा।
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फिनटेक इनोवेशन: फिनटेक कंपनियां इस नए डेटा का उपयोग करके नए उत्पाद विकसित कर सकेंगी।
Loan Without Cibil Score: डेटा सुरक्षा और गोपनीयता की चुनौती
पहल बहुत आशाजनक है, लेकिन इसके साथ कुछ गंभीर सवाल भी जुड़े हैं:
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डेटा सुरक्षा: बिजली बिल और डिजिटल लेनदेन जैसे संवेदनशील डेटा का दुरुपयोग न हो, यह सुनिश्चित करना होगा।
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कानूनी ढांचा: व्यक्ति की सहमति अनिवार्य होनी चाहिए और डेटा को एन्क्रिप्टेड रूप में सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
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DPDP एक्ट: डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के तहत मजबूत नियम बनाने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष: सरकार की यह पहल वित्तीय समावेशन की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकती है। इसकी सफलता सरकार, बैंकों और फिनटेक कंपनियों के बीच समन्वय पर निर्भर करेगी।
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