Keral Election 2026: कांग्रेस ने किसी भी सांसद को नहीं दिया टिकट, 37 उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट जारी, K सुधाकरण और अडूर प्रकाश को झटका, 92 सीटों पर लड़ेगी चुनाव, पूर्व BJP नेता संदीप वारियर को मिला टिकट, युवा चेहरों पर दांव
UDF में 92 सीटों पर लड़ेगी कांग्रेस, युवा चेहरों पर दांव और CPM बागियों को अप्रत्यक्ष समर्थन
Keral Election 2026: केरल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं और सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर दी है। कांग्रेस पार्टी जो केरल में यूडीएफ यानी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट का नेतृत्व करती है, ने अपनी उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी है। इस सूची में कई चौंकाने वाले निर्णय हैं। सबसे बड़ा निर्णय यह है कि किसी भी लोकसभा सांसद को विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया है। यह फैसला राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। आइए विस्तार से जानते हैं कांग्रेस की टिकट बंटवारे की पूरी रणनीति।
किन सांसदों को मिली निराशा
कांग्रेस पार्टी के कई प्रमुख लोकसभा सांसद केरल विधानसभा चुनाव में टिकट की मांग कर रहे थे लेकिन पार्टी नेतृत्व ने किसी को भी टिकट देने से इनकार कर दिया। सबसे प्रमुख नाम है K सुधाकरण जो कन्नूर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वे कन्नूर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर काफी दबाव भी बनाया था। लेकिन कांग्रेस ने उनकी जगह T O मोहनन को टिकट दे दिया है। T O मोहनन एक अनुभवी स्थानीय नेता हैं और उनकी जमीनी पकड़ मजबूत मानी जाती है। दूसरा बड़ा नाम है अडूर प्रकाश जो एक वरिष्ठ सांसद हैं। उन्होंने कोन्नी विधानसभा सीट से टिकट की मांग की थी। कोन्नी एक महत्वपूर्ण सीट है जहां पिछले चुनाव में कड़ा मुकाबला हुआ था। लेकिन कांग्रेस ने अडूर प्रकाश को नजरअंदाज करते हुए प्रोफेसर सतीश कोच्चरम्बील को मौका दिया है। प्रोफेसर सतीश एक शिक्षाविद हैं और उन्हें बुद्धिजीवी वर्ग में अच्छी पहचान है। इन दोनों के अलावा भी कुछ अन्य सांसदों ने टिकट की इच्छा जताई थी लेकिन सभी को निराशा हाथ लगी।
कांग्रेस की सीट बंटवारे की रणनीति
केरल विधानसभा में कुल 140 सीटें हैं। यूडीएफ गठबंधन में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है इसलिए उसे सबसे अधिक सीटें मिलती हैं। कांग्रेस 92 सीटों पर प्रत्यक्ष रूप से चुनाव लड़ेगी। बाकी सीटें यूडीएफ के सहयोगी दलों जैसे इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस और अन्य छोटे दलों को दी गई हैं। इसके अलावा तीन विशेष निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस ने सीधे उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है। ये तीन सीटें हैं जहां CPM यानी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के बागी नेता चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने इन बागियों को अप्रत्यक्ष समर्थन देने का निर्णय लिया है ताकि CPM के वोट बंटें और यूडीएफ को फायदा हो। यह एक चालाक राजनीतिक रणनीति है। कांग्रेस ने पहले ही 55 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी थी। अब 37 उम्मीदवारों की दूसरी और अंतिम सूची आ गई है। कुल मिलाकर 92 उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है।
किन सीटों पर नहीं हुई उम्मीदवार की घोषणा
कांग्रेस पार्टी ने चार महत्वपूर्ण सीटों पर अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। ये चार सीटें हैं: अंबलपुझा, तलिपरम्बु, पय्यनूर और ओट्टपालम। इन चारों सीटों पर CPM के विद्रोही और बागी नेता मैदान में हैं। अंबलपुझा से G सुधाकरन चुनाव लड़ रहे हैं जो CPM से निकाले गए हैं। तलिपरम्बु से T K गोविंदन जो पहले CPM में थे अब स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में खड़े हैं। पय्यनूर से V कुन्हीकृष्णन और ओट्टपालम से P K ससी भी CPM के पूर्व नेता हैं जिन्होंने पार्टी से बगावत की है। कांग्रेस ने रणनीतिक रूप से इन चारों सीटों पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है। इसका मतलब यह है कि कांग्रेस अप्रत्यक्ष रूप से इन बागी नेताओं को समर्थन दे रही है। इससे CPM के मूल उम्मीदवार कमजोर होंगे और यूडीएफ को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यह केरल की राजनीति में एक सामान्य रणनीति है जहां शत्रु का शत्रु मित्र होता है।
मौजूदा विधायकों को बरकरार रखा
कांग्रेस ने अधिकांश अपने मौजूदा विधायकों को फिर से टिकट देने का निर्णय लिया है। यह पार्टी की स्थिरता और निरंतरता की नीति को दर्शाता है। जो विधायक पिछले 5 साल से अच्छा काम कर रहे हैं और जमीन पर मजबूत हैं उन्हें बरकरार रखा गया है। हालांकि दो सीटों पर बदलाव किए गए हैं। पहली सीट है त्रिपुनिथरा जहां से मौजूदा विधायक K बाबू थे। K बाबू ने खुद चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था इसलिए उनकी जगह दीपक जाय को टिकट दिया गया है। दीपक जाय एक युवा और ऊर्जावान नेता हैं। दूसरी सीट है पेरुंबावूर जहां से मौजूदा विधायक एल्डोज कुन्नापिल्ली थे। एल्डोज को खराब प्रदर्शन और स्थानीय असंतोष के कारण टिकट से वंचित कर दिया गया है। उनकी जगह मनोज मूथेदान को मैदान में उतारा गया है। यह निर्णय दिखाता है कि कांग्रेस गैर-परफॉर्मर्स के खिलाफ सख्त है।
युवा और नए चेहरों पर दांव
कांग्रेस ने इस बार कई युवा और नए चेहरों को मौका दिया है। यह पार्टी की युवा नेतृत्व विकसित करने की रणनीति का हिस्सा है। कुट्टनाड सीट पर साजी जोसेफ को टिकट दिया गया है। साजी जोसेफ ने पहले धमकी दी थी कि अगर उन्हें टिकट नहीं मिला तो वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे। लेकिन अब उन्हें पूंजार सीट से टिकट मिल गया है और वे संतुष्ट हैं। अरनमुला सीट पर युवा कांग्रेस नेता अबिन वर्गी को मैदान में उतारा गया है। अरनमुला बहुत महत्वपूर्ण सीट है क्योंकि यहां से BJP के दिग्गज नेता कुम्मनम राजशेखरन चुनाव लड़ रहे हैं। कुम्मनम राजशेखरन केरल में BJP के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं। उनके खिलाफ युवा अबिन वर्गी को उतारना एक साहसिक निर्णय है। नेमम सीट पर BJP प्रदेश अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर के सामने कांग्रेस ने अपने युवा चेहरे और अरुविकरा के पूर्व विधायक K S सबरीनाथन को मैदान में उतारा है। ये सभी निर्णय दिखाते हैं कि कांग्रेस युवा शक्ति पर भरोसा कर रही है।
पूर्व BJP नेता को भी मिला टिकट
कांग्रेस ने कासरगोड जिले की त्रिकारिपुर सीट से संदीप वारियर को टिकट दिया है। संदीप वारियर पहले BJP में थे और केरल में BJP के प्रवक्ता भी रहे हैं। लेकिन कुछ महीने पहले उन्होंने BJP छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन की थी। उनके कांग्रेस में शामिल होने से काफी चर्चा हुई थी। अब कांग्रेस ने उन्हें तुरंत टिकट देकर विश्वास जताया है। यह निर्णय थोड़ा विवादास्पद हो सकता है क्योंकि कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता नाराज हो सकते हैं कि एक नए व्यक्ति को तुरंत टिकट मिल गया। लेकिन पार्टी नेतृत्व का मानना है कि संदीप वारियर की BJP में रही पहचान से कुछ वोट कांग्रेस की तरफ आ सकते हैं।
केरल चुनाव 2026 की महत्वपूर्ण सीटें और उम्मीदवार
| सीट का नाम | कांग्रेस उम्मीदवार | मुख्य प्रतिद्वंदी | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| कन्नूर | T O मोहनन | CPM उम्मीदवार | सांसद K सुधाकरण को टिकट नहीं |
| कोन्नी | प्रोफेसर सतीश कोच्चरम्बील | CPM उम्मीदवार | सांसद अडूर प्रकाश को टिकट नहीं |
| अरनमुला | अबिन वर्गी | कुम्मनम राजशेखरन (BJP) | युवा नेता बनाम दिग्गज BJP नेता |
| नेमम | K S सबरीनाथन | राजीव चन्द्रशेखर (BJP) | BJP प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ |
| त्रिकारिपुर | संदीप वारियर | BJP/CPM उम्मीदवार | पूर्व BJP नेता अब कांग्रेस में |
| पूंजार | साजी जोसेफ | विरोधी उम्मीदवार | पहले कुट्टनाड से निर्दलीय की धमकी दी थी |
| त्रिपुनिथरा | दीपक जाय | CPM उम्मीदवार | K बाबू की जगह नया चेहरा |
| पेरुंबावूर | मनोज मूथेदान | CPM उम्मीदवार | एल्डोज कुन्नापिल्ली को हटाया गया |
| अंबलपुझा | कोई नहीं (समर्थन) | G सुधाकरन (CPM बागी) | CPM बागी को अप्रत्यक्ष समर्थन |
| तलिपरम्बु | कोई नहीं (समर्थन) | T K गोविंदन (CPM बागी) | CPM बागी को अप्रत्यक्ष समर्थन |
| पय्यनूर | कोई नहीं (समर्थन) | V कुन्हीकृष्णन (CPM बागी) | CPM बागी को अप्रत्यक्ष समर्थन |
| ओट्टपालम | कोई नहीं (समर्थन) | P K ससी (CPM बागी) | CPM बागी को अप्रत्यक्ष समर्थन |
नोट: यह सूची केवल कुछ महत्वपूर्ण और चर्चित सीटों की है। कांग्रेस कुल 92 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
Keral Election 2026: कांग्रेस की चुनावी रणनीति क्या है?
कांग्रेस की इस बार की चुनावी रणनीति कई स्तरों पर काम कर रही है। पहला, पुराने और प्रदर्शन करने वाले विधायकों को बरकरार रखना ताकि स्थिरता बनी रहे। दूसरा, गैर-परफॉर्मर्स को हटाना ताकि पार्टी की छवि खराब न हो। तीसरा, युवा और नए चेहरों को मौका देना ताकि नई ऊर्जा आए। चौथा, किसी भी सांसद को टिकट न देना ताकि लोकसभा में कांग्रेस की संख्या प्रभावित न हो। पांचवां, CPM के बागियों को अप्रत्यक्ष समर्थन देकर विरोधी वोट बांटना। छठा, BJP के मजबूत सीटों पर युवा और आक्रामक उम्मीदवार उतारना। सातवां, अल्पसंख्यक और ईसाई वोटों को साधने के लिए संतुलित प्रतिनिधित्व देना।
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