Jan Vishwas Bill 2026: संसद में ‘जन विश्वास विधेयक’ पारित, छोटे अपराधों पर अब जेल नहीं सिर्फ जुर्माना, PM मोदी बोले- ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में क्रांतिकारी कदम
राज्यसभा से मंजूरी, 784 प्रावधानों में बदलाव, छोटे अपराधों पर चेतावनी और जुर्माना, कारोबार होगा आसान
Jan Vishwas Bill 2026: देश में कारोबार और आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए लाया गया जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक 2026 को गुरुवार को राज्यसभा ने ध्वनिमत से पास कर दिया है। लोकसभा ने इसे एक दिन पहले ही मंजूरी दे दी थी।
इस विधेयक के माध्यम से सरकार ने 79 केंद्रीय कानूनों में कुल 784 प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव किया है। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना, दंड व्यवस्था को तर्कसंगत बनाना और भय की जगह विश्वास की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह कानून ‘कल्चर ऑफ ट्रस्ट’ यानी विश्वास की संस्कृति बनाएगा, जो भय पर नहीं, बल्कि कर्तव्य और विश्वास पर आधारित होगी। पीएम मोदी ने विधेयक के पारित होने पर खुशी जताते हुए कहा कि यह ‘जीवन की सुगमता’ और ‘व्यापार करने की सुगमता’ को बड़ा बढ़ावा देगा। उन्होंने इसे विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कानून में बड़े बदलाव: जेल की सजा और भारी जुर्माने से राहत
जन विश्वास विधेयक छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाकर कारोबार को आसान बनाने और आम नागरिकों को राहत देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। विधेयक में कुल 784 प्रावधानों में संशोधन प्रस्तावित हैं, जिनमें शामिल हैं:
-
57 प्रावधानों से कारावास की सजा हटाई गई है।
-
158 प्रावधानों से जुर्माना हटाया गया है।
-
17 प्रावधानों में कारावास की अवधि कम की गई है।
-
113 प्रावधानों में कारावास को जुर्माने में बदल दिया गया है।
इसके अलावा कई कानूनों में चरणबद्ध कार्रवाई का प्रावधान किया गया है – पहली बार चेतावनी, दूसरी बार दंड और गंभीर गलती पर ही कड़ी कार्रवाई। विधेयक में मोटर वाहन अधिनियम, नई दिल्ली नगरपालिका अधिनियम, दवाओं से संबंधित कानून, बैंकिंग, बीमा, पेटेंट, विद्युत, रेलवे समेत कई महत्वपूर्ण कानूनों में बदलाव किए गए हैं।
पीयूष गोयल का संबोधन: ‘भय की जगह विश्वास’ का नया दौर
पीयूष गोयल ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य छोटी गलतियों पर लोगों को सजा देने के बजाय उन्हें सुधरने का मौका देना है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ साल पहले देश में करीब 500 स्टार्टअप थे और आज इनकी संख्या तीन लाख से अधिक हो चुकी है। इन स्टार्टअप के संचालक युवाओं से छोटी-मोटी गलतियां हो सकती हैं लेकिन हमें उन्हें सजा देने के बजाय आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए। गोयल ने जोर दिया कि यह विधेयक भय की जगह विश्वास की संस्कृति स्थापित करेगा और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया: पुराने और जटिल नियमों का अंत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विधेयक के पारित होने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह उन नियमों और विनियमों की समाप्ति का प्रतीक है जो अब अप्रचलित हो चुके हैं। इसके साथ ही यह मामलों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित करता है और अपराध-मुक्तिकरण के माध्यम से मुकदमों के बोझ को कम करता है। पीएम मोदी ने परामर्श-आधारित दृष्टिकोण को अपनाने वाले सभी लोगों को बधाई दी।
स्टार्टअप्स और छोटे उद्यमियों पर सकारात्मक प्रभाव
जन विश्वास विधेयक छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाकर कारोबार करने की सुगमता बढ़ाएगा। नकली दवाओं के निर्माण, भंडारण, बिक्री और आयात पर कोई छूट नहीं दी गई है – सजा पहले की तरह ही बनी रहेगी। स्टार्टअप्स और छोटे उद्यमियों को राहत मिलेगी। लगभग 1,000 छोटी-मोटी गलतियों पर अब लोगों को अदालत नहीं जाना पड़ेगा। सरकार का मानना है कि यह विधेयक लोगों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति विश्वास को और मजबूत करेगा।
संसदीय सहमति और विपक्षी दलों का रुख
विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने कुछ सवाल उठाए लेकिन सरकार ने उन्हें विश्वास दिलाया कि यह कदम आम नागरिकों और व्यापारियों दोनों के हित में है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विभिन्न दलों के नेताओं के साथ बैठकें कर सहमति बनाने की कोशिश की। विधेयक को ध्वनिमत से पास होने से साफ है कि संसद में व्यापक सहमति बनी।
Jan Vishwas Bill 2026: निष्कर्ष
जन विश्वास विधेयक को राज्यसभा से मिली मंजूरी देश में विश्वास-आधारित शासन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम है। 784 प्रावधानों में संशोधन के माध्यम से सरकार छोटे अपराधों पर सजा की जगह चेतावनी और सुधार पर जोर दे रही है। पीएम मोदी और पीयूष गोयल ने इसे ‘कल्चर ऑफ ट्रस्ट’ का प्रतीक बताया है। यह विधेयक स्टार्टअप्स, छोटे उद्यमियों और आम नागरिकों को राहत देगा और विकसित भारत के सपने को मजबूत करेगा। 16 अप्रैल से शुरू होने वाले विशेष सत्र में और भी महत्वपूर्ण चर्चाएं हो सकती हैं। यह कानून लागू होने के बाद कारोबार और आम जीवन दोनों आसान होंगे।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध सरकारी बयानों और संसदीय कार्यवाही पर आधारित है। विधेयक के अंतिम प्रावधान और क्रियान्वयन की तिथि आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही तय होगी। नवीनतम अपडेट के लिए संसद की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
Read More Here
- Vikat Sankashti Chaturthi 2026: करियर और बिजनेस की रुकावटें होंगी दूर! 5 अप्रैल को है विकट संकष्टी चतुर्थी, बुध-केतु को मजबूत करने के लिए करें गणपति की विशेष आराधना
- Vikat Sankashti Chaturthi 2026 Date: विघ्नहर्ता दूर करेंगे हर बाधा! 5 अप्रैल को है विकट संकष्टी चतुर्थी, नोट कर लें पूजा का सटीक समय और चंद्रोदय का मुहूर्त
- कांचीपुरम: पल्लव राजवंश की वो ‘स्वर्ण नगरी’ जहाँ के पत्थरों में आज भी जीवंत है भारत का गौरवशाली इतिहास और बेजोड़ वास्तुकला
- IRCTC Tour Packages: कम बजट में करें चार धाम और ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, 10 अप्रैल से शुरू हो रही हैं खास ट्रेनें; जानें किराया और सुविधाओं की पूरी डिटेल