Jammu & Kashmir: कुपवाड़ा में पाकिस्तानी ड्रोन ने की घुसपैठ की कोशिश, भारतीय सेना की फायरिंग के बाद वापस भागे 15 ड्रोन
15 पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश, भारतीय सेना की फायरिंग से वापस लौटे; कोई हताहत नहीं
Jammu & Kashmir: जम्मू-कश्मीर के उत्तरी कुपवाड़ा जिले में शुक्रवार को नियंत्रण रेखा पर एक बार फिर पाकिस्तान ने नापाक हरकत की कोशिश की। लगभग 15 पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय वायु क्षेत्र में घुसपैठ करने का प्रयास कर रहे थे लेकिन भारतीय सेना के जवानों की त्वरित कार्रवाई और फायरिंग के बाद ये ड्रोन वापस अपने इलाके में भाग गए।
Jammu & Kashmir: केरन सेक्टर में हुई घटना
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह घटना उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में केरन सेक्टर के जोधा माकन बीरंडोरी इलाके के पास घटी। शुक्रवार को करीब 15 पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा की ओर उड़ते हुए देखे गए। इन ड्रोनों का मकसद भारतीय इलाके में घुसपैठ करना था जिसे सेना के जवानों ने समय रहते भांप लिया।
सेना की त्वरित कार्रवाई
भारतीय सेना की 06 राष्ट्रीय राइफल्स की टुकड़ी ड्यूटी पर तैनात थी। जवानों ने जैसे ही भारतीय वायु क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन को घुसते देखा तुरंत सतर्क हो गए और उन पर फायरिंग शुरू कर दी। भारतीय जवानों की तत्परता और तेज कार्रवाई के कारण पाकिस्तानी ड्रोन अपने मिशन में सफल नहीं हो सके।
फायरिंग शुरू होते ही सभी ड्रोन तुरंत पीछे मुड़ गए और पाकिस्तानी इलाके में वापस लौट गए। सेना के जवानों की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय सीमाओं की सुरक्षा मजबूत हाथों में है।
Jammu & Kashmir: किसी के हताहत होने की खबर नहीं
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने या किसी तरह के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। ड्रोनों को वापस खदेड़ने में सेना पूरी तरह सफल रही और कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। हालांकि सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में हालात पर कड़ी नजर रखी हुई है।
सुरक्षा व्यवस्था में वृद्धि

इस घटना के बाद पूरे इलाके में चौकसी बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त को और मजबूत किया गया है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी कोशिश को समय रहते विफल किया जा सके। सेना के जवान पूरी तत्परता के साथ अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं।
नियंत्रण रेखा पर निगरानी प्रणाली को और प्रभावी बनाया गया है। आधुनिक तकनीक और उपकरणों की मदद से सीमा पर हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा बलों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी प्रकार की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
Jammu & Kashmir: रक्षा मंत्रालय का बयान प्रतीक्षित
अभी तक रक्षा मंत्रालय ने कुपवाड़ा में पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ की कोशिश पर कोई आधिकारिक वक्तव्य जारी नहीं किया है। उम्मीद है कि जल्द ही मंत्रालय की ओर से इस घटना पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
ड्रोन घुसपैठ की बढ़ती घटनाएं
पिछले कुछ समय से जम्मू-कश्मीर की सीमा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए घुसपैठ की कोशिशें बढ़ी हैं। इन ड्रोनों का इस्तेमाल हथियार, गोला-बारूद और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी के लिए किया जाता है। कई बार इन ड्रोनों को आतंकवादियों को हथियार पहुंचाने के लिए भी इस्तेमाल किया गया है।
भारतीय सुरक्षा बल इस खतरे से भलीभांति परिचित हैं और ड्रोन घुसपैठ को रोकने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं। एंटी-ड्रोन तकनीक और अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली तैनात की गई है। जवानों को ड्रोन की पहचान और उन्हें निष्क्रिय करने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
Jammu & Kashmir: सतर्कता बनी रहेगी
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की ओर से इस तरह की कोशिशें जारी रह सकती हैं इसलिए सीमा पर सतर्कता बेहद जरूरी है। भारतीय सेना पूरी तरह सक्षम है और किसी भी चुनौती का मुकाबला करने के लिए तैयार है।
आज की घटना एक बार फिर साबित करती है कि भारतीय सेना देश की सीमाओं की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर है और किसी भी खतरे को खत्म करने में सक्षम है। जवानों की बहादुरी और समर्पण के कारण ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं।
स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा बलों को दें। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
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