काशी में भावुक हुईं जैकलीन फर्नांडिस! मां की अस्थियां गंगा में विसर्जित कर दी अंतिम विदाई, बोलीं—‘सनातन धर्म से गहरा जुड़ाव’
वाराणसी में मां को दी अंतिम विदाई, सनातन धर्म के प्रति जताया सम्मान
Jacqueline Fernandez news: आध्यात्मिकता और श्रद्धा के संगम शहर काशी में जैकलीन फर्नांडिस ने अपनी दिवंगत मां को अंतिम विदाई दी।
Jacqueline Fernandez news: जैकलीन फर्नांडिस की काशी यात्रा का ब्रेकिंग अपडेट
जैकलीन फर्नांडिस ने 15 मार्च को अपने पिता एलरॉय फर्नांडिस के साथ काशी की यात्रा की। लगभग डेढ़ घंटे तक वह बनारस में रहीं और मणिकर्णिका घाट पर अपनी मां की अस्थियां गंगा में विसर्जित कीं। जैकलीन ने गोपनीयता बनाए रखने के लिए अपना चेहरा ढक रखा था ताकि कोई उन्हें पहचान ना पाए। उन्होंने चाहते थे कि यह प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
Jacqueline Fernandez news: किम फर्नांडिस के निधन की पृष्ठभूमि
जैकलीन फर्नांडिस की मां किम फर्नांडिस का निधन 6 अप्रैल 2025 को हुआ था। उन्हें 24 मार्च 2025 को दिल का दौरा पड़ा था और मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। 13 दिनों तक वह आईसीयू में रहीं और 6 अप्रैल को दुनिया को अलविदा कह दिया। यह पहली बार नहीं था जब किम फर्नांडिस को दिल का दौरा पड़ा था। 2022 में भी उन्हें बहरीन में उपचार के लिए भर्ती किया गया था।
Jacqueline Fernandez news: सनातन धर्म के प्रति जैकलीन का विश्वास और प्रभाव
इस भावनात्मक क्षण ने जैकलीन की निजी यात्रा को रेखांकित किया। जैकलीन श्रीलंका की रहने वाली हैं और ईसाई धर्म से ताल्लुक रखती हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें सनातन धर्म बहुत ही ज्यादा पसंद है। इसी विश्वास के साथ उन्होंने काशी को चुना जहां उनकी मां की अस्थियां विसर्जित की गईं। इस अनुष्ठान ने उनकी मां को अंतिम विदाई देने का एक शांतिपूर्ण और सम्मानजनक तरीका प्रदान किया।
विशेषज्ञ विश्लेषण: अस्थि विसर्जन का महत्व
धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार अस्थि विसर्जन का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू धर्म में मृत्यु के 12वें दिन तक अस्थि विसर्जन का विधान है, लेकिन कई लोग अपनी सुविधा और शुभ तिथियों के अनुसार इसे बाद में भी करते हैं। जैकलीन का एक साल बाद यह अनुष्ठान संपन्न करना उनकी गहरी श्रद्धा और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है। सनातन धर्म में अस्थि विसर्जन केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा की शांति के लिए एक महत्वपूर्ण संस्कार है।
Jacqueline Fernandez news: जैकलीन फर्नांडिस के जीवन में आगे क्या होगा?
जैकलीन के इस कदम ने उनके प्रशंसकों के बीच काफी चर्चा छेड़ दी है। इस कठिन समय में उनकी भावनात्मक मजबूती ने लोगों को प्रभावित किया है। आगे वह अपने करियर और अन्य परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर सकती हैं, लेकिन उनकी मां की अस्थियां विसर्जित करने का यह क्षण उनके जीवन का एक विशेष हिस्सा रहेगा।
निष्कर्ष
जैकलीन फर्नांडिस ने अपनी मां की मृत्यु के एक साल बाद उनके साथ बिताए अंतिम क्षणों को पूरा किया। गंगा में अस्थियां विसर्जित करके उन्होंने अपनी मां को एक शांतिपूर्ण विदाई दी और अपने विश्वास को भी व्यक्त किया।
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