ईरानी राष्ट्रपति घुटने टेके! पड़ोसी देशों से माफी मांगी, हमले रोकने का ऐलान किया लेकिन फिर बोले ,- “कभी नहीं करेंगे सरेंडर”, मध्य-पूर्व में तनाव थमा या नया खेल शुरू?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पड़ोसियों से माफी मांगी, हमले रोकने का ऐलान, लेकिन अमेरिका-इजरायल से सरेंडर से इनकार
Iran president statement: मध्य-पूर्व में भड़की जंग की आग अब धीरे-धीरे थमती नजर आ रही है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने एक ऐतिहासिक बयान देते हुए उन पड़ोसी देशों से सार्वजनिक माफी मांगी है जिन पर ईरान ने हाल के दिनों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। यह माफी तब आई है जब पिछले एक हफ्ते से मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर है और पूरी दुनिया इस संकट पर नजर गड़ाए बैठी है।
Iran president statement: ईरान का बड़ा एलान, रोके जाएंगे हमले
पेजेश्कियन ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक कोई पड़ोसी देश ईरान पर पहले हमला नहीं करता, तब तक ईरान की तरफ से किसी भी मिसाइल या ड्रोन हमले को अंजाम नहीं दिया जाएगा। यह ऐलान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी राहत की खबर मानी जा रही है। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की अस्थायी नेतृत्व परिषद ने इस फैसले को औपचारिक मंजूरी भी दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब खाड़ी देशों में भीषण लड़ाई जारी थी और इस पूरे क्षेत्र में एक बड़े युद्ध का खतरा मंडरा रहा था। पेजेश्कियन के इस बयान को तनाव कम करने की दिशा में उठाया गया पहला ठोस कदम माना जा रहा है।
Iran president statement: “माफी मांगता हूं” जब राष्ट्रपति ने खुद कहे ये शब्द
एएफपी से बात करते हुए ईरान के राष्ट्रपति ने बेहद संयमित लेकिन स्पष्ट लहजे में कहा कि वे अपनी ओर से और ईरान की ओर से उन तमाम पड़ोसी देशों से माफी मांगते हैं जिन पर ईरान ने हमले किए। यह बयान किसी भी ईरानी नेता की तरफ से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का एक दुर्लभ मामला है। पेजेश्कियन ने यह भी स्वीकार किया कि इस युद्ध की वजह से पूरे क्षेत्र में जो अस्थिरता पैदा हुई है, उसके लिए ईरान खेद प्रकट करता है। उन्होंने कहा कि ईरान नहीं चाहता कि यह संकट पूरे मध्य-पूर्व में फैले और नई तबाही का कारण बने।
Iran president statement: युद्ध की शुरुआत कैसे हुई, जानिए पूरी कहानी
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पिछले हफ्ते अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के कई अहम ठिकानों पर बड़े हमले किए। इन हमलों में भारी तबाही हुई और कथित तौर पर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत सैकड़ों लोग मारे गए। हालांकि बाद में खामेनेई के चारों बेटों के सुरक्षित होने की तस्वीरें भी सामने आई थीं। इन हमलों के जवाब में ईरान ने भी क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली हितों से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया। ड्रोन और मिसाइलों की इस जंग में खाड़ी देशों के कई इलाके भी प्रभावित हुए। यही वजह है कि पेजेश्कियन को अपने पड़ोसियों से माफी मांगनी पड़ी।
Iran president statement: सरेंडर पर क्या बोले पेजेश्कियन, सुनकर हैरान रह जाएंगे आप
माफी मांगने के बावजूद ईरान के राष्ट्रपति ने एक बात पूरी दृढ़ता के साथ कही कि ईरान किसी भी हाल में अमेरिका या इजरायल के आगे नहीं झुकेगा। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ईरानी जनता कभी सरेंडर नहीं करेगी। पेजेश्कियन ने साफ शब्दों में दुश्मनों को चेताते हुए कहा कि जो लोग ईरान के सरेंडर का सपना देख रहे हैं, वे इस ख्वाहिश को अपने साथ कब्र में ले जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अपनी रक्षा के अधिकार से कभी पीछे नहीं हटेगा और देश की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
Iran president statement: मध्य-पूर्व में शांति की उम्मीद या सिर्फ रणनीतिक चाल
विशेषज्ञों का मानना है कि पेजेश्कियन का यह बयान दो परतों वाला है। एक तरफ वे पड़ोसी देशों को भरोसा दिला रहे हैं कि ईरान उनके लिए खतरा नहीं है, वहीं दूसरी तरफ वे अमेरिका और इजरायल को साफ संदेश दे रहे हैं कि ईरान दबाव में नहीं आएगा। इस दोहरे संदेश को कई विश्लेषक ईरान की कूटनीतिक चाल मान रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने भी सभी पक्षों से गंभीर बातचीत की अपील की है और चेताया है कि यह संघर्ष अगर और बढ़ा तो इसके परिणाम पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी हो सकते हैं।
Iran president statement: रूस की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
इस पूरे मामले में रूस की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार रूस ने ईरान को कुछ ऐसी सामरिक जानकारी मुहैया कराई है जिससे ईरान को क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले करने में मदद मिल सकती है। यह जानकारी अगर सच साबित होती है तो यह पूरा संघर्ष एक नया और खतरनाक रूप ले सकता है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख भी इन दिनों सऊदी अरब के दौरे पर हैं और इसे लेकर अटकलें तेज हैं कि क्या पाकिस्तान ईरान के बढ़ते हमलों से सऊदी अरब की रक्षा के लिए इस जंग में उतर सकता है।
Iran president statement: आगे क्या होगा, दुनिया की नजर ईरान पर
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ईरान का यह कदम वाकई शांति की शुरुआत है या यह सिर्फ एक अस्थायी विराम है। अमेरिका और इजरायल की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अगर दोनों पक्ष इस संघर्ष विराम का सम्मान करते हैं तो मध्य-पूर्व में बड़ी जंग टल सकती है, लेकिन अगर कोई भी एक हमला और हुआ तो हालात फिर से बेकाबू हो सकते हैं। दुनिया भर के राजनयिक इस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि पेजेश्कियन का यह बयान असल में एक नई शुरुआत बने, न कि महज एक औपचारिकता।
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