Iran-US War Ceasefire: ईरान-अमेरिका युद्ध पर लगा ‘ब्रेक’, ट्रंप ने किया 2 हफ्ते के सीजफायर का ऐलान, जानें ईरान की वो 10 शर्तें जिसने बदल दी बाजी
ट्रंप के ऐलान के बाद दो हफ्ते का सीजफायर, ईरान की 10 शर्तों पर बनी सहमति, दोनों देशों ने दी प्रतिक्रिया
Iran-US War Ceasefire: ईरान-अमेरिका युद्ध में अचानक ब्रेक लग गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेडलाइन से डेढ़ घंटा पहले ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान कर दिया। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की 10 सूत्री योजना पर सहमति बन गई है और होर्मुज स्ट्रेट खोलने की शर्त मान ली गई है। ईरान के विदेश मंत्री ने भी इस समझौते की पुष्टि की है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उसकी अधिकांश शर्तें स्वीकार कर ली हैं। इस सीजफायर से दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीद है लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थायी समाधान नहीं है।
पश्चिम एशिया में पिछले कई दिनों से चले आ रहे भीषण युद्धविरोधी तनाव के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान कर दिया है। यह घोषणा डेडलाइन से डेढ़ घंटा पहले की गई जिससे बाजार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों में राहत की लहर दौड़ गई।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान की ओर से उन्हें 10 सूत्रीय प्रस्ताव मिला है जो बातचीत के लिए व्यावहारिक आधार बन सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका अगले दो हफ्तों तक ईरान पर कोई हमला नहीं करेगा।
क्या है ईरान का 10 सूत्रीय मास्टरप्लान? जानें समझौते की बड़ी शर्तें
ईरान ने सीजफायर की सहमति देते हुए अपनी 10 सूत्री शर्तों का जिक्र किया है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण बिंदु हैं:
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अहिंसा और अंतरराष्ट्रीय गारंटी: ईरान ने अहिंसा के प्रति प्रतिबद्धता जताई है और भविष्य में किसी भी आक्रमण के खिलाफ मजबूत अंतरराष्ट्रीय गारंटी मांगी है।
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होर्मुज स्ट्रेट पर संप्रभुता: होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण जारी रहेगा और कोई भी विदेशी ताकत इसके इस्तेमाल पर दबाव नहीं डाल सकेगी।
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यूरेनियम संवर्धन: ईरान की यूरेनियम संवर्धन गतिविधियों को स्वीकार किया जाना चाहिए।
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प्रतिबंधों की समाप्ति: सभी प्राथमिक प्रतिबंधों को तुरंत हटाया जाए।
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इजरायल पर लगाम: इजरायल के हमलों को रोकने की मांग की गई है।
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UNSC के प्रस्ताव: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों को समाप्त किया जाए।
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युद्ध का मुआवजा: ईरान को युद्ध में हुए नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जाए।
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अमेरिकी सैन्य ठिकाने: खाड़ी क्षेत्र में सभी अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद किया जाए।
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लेबनान और गाजा में शांति: लेबनान और गाजा में भी युद्ध समाप्त किया जाए।
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सुरक्षित मार्ग: ईरान ने स्पष्ट किया है कि अगर इन शर्तों पर अमल होता है तो वह होर्मुज स्ट्रेट में दो हफ्तों के लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा।
अमेरिका और ईरान के बीच बनी रजामंदी
ट्रंप के ऐलान के कुछ घंटों बाद ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने भी सहमति जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आग्रह और चीन के हस्तक्षेप के बाद यह समझौता संभव हो सका है।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने भी सीजफायर को मंजूरी दे दी है। ईरानी मीडिया ने इसे ईरान की बड़ी कूटनीतिक जीत बताया है।
कच्चे तेल के दामों में आई भारी गिरावट
सीजफायर की खबर के तुरंत बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। क्रूड ऑयल 20 प्रतिशत तक सस्ता होकर 91 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया।
सोने की कीमतों में भी शुरुआती उछाल के बाद स्थिरता आई क्योंकि निवेशकों ने राहत की सांस ली। शेयर बाजार में सकारात्मक रुख देखा गया क्योंकि युद्ध का खतरा कम होने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।
पाकिस्तान और चीन की मध्यस्थता
पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने ट्रंप को ईरान की शर्तों के बारे में जानकारी दी।
चीन ने अंतिम समय में हस्तक्षेप करते हुए ईरान से लचीलापन दिखाने का आग्रह किया। ईरानी अधिकारियों ने आर्थिक तबाही और बुनियादी ढांचे को हो रहे नुकसान को मुख्य कारण बताया।
क्या यह शांति स्थायी होगी?
विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीजफायर अस्थायी है लेकिन तत्काल राहत देने वाला है।
वे कहते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट खुलने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव कम होगा और तेल की कीमतें नियंत्रण में रहेंगी।
कुछ विशेषज्ञ चेतावते हैं कि दो हफ्तों के बाद अगर स्थायी समझौता नहीं हुआ तो तनाव फिर बढ़ सकता है।
ग्लोबल इकोनॉमी के लिए अच्छे संकेत
सीजफायर की खबर से आम लोगों में राहत है क्योंकि युद्ध के कारण ईंधन और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही थीं।
भारत जैसे देशों में तेल आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। निवेशक अब स्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं लेकिन सतर्क बने हुए हैं।
बातचीत की मेज पर आमने-सामने होंगे दोनों देश
अगले दो हफ्तों में दोनों देशों के बीच वार्ता होने की संभावना है। इस्लामाबाद में शुक्रवार को बातचीत हो सकती है। यदि समझौता स्थायी हुआ तो क्षेत्र में शांति स्थापित हो सकती है। अन्यथा तनाव फिर बढ़ने की आशंका बनी रहेगी।
Iran-US War Ceasefire: निष्कर्ष
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर दोनों देशों के लिए राहत भरा कदम साबित हुआ है। ट्रंप ने इसे बड़ी जीत बताया है जबकि ईरान अपनी 10 सूत्री योजना के कई बिंदुओं को मान लिए जाने पर संतुष्ट है।
होर्मुज स्ट्रेट खुलने से वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिरता मिलेगी। अब देखना होगा कि अगले दो हफ्तों में बातचीत से स्थायी समाधान निकलता है या नहीं।
वर्तमान में दोनों देशों ने युद्ध रोकने पर सहमति जता दी है लेकिन क्षेत्रीय शांति के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।
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