ईरान-अमेरिका युद्ध: तेहरान में भीषण बमबारी, रिहायशी इलाकों में 13 मौतें, शरीफ यूनिवर्सिटी पर हमला – तनाव चरम पर, रात भर धमाकों की गड़गड़ाहट

ईरान-अमेरिका युद्ध में तेहरान के रिहायशी इलाकों पर बमबारी, 13 मौतें, शरीफ यूनिवर्सिटी पर हमला, तनाव चरम पर पहुंचा

0

Iran US conflict: हमलों की तीव्रता इतनी अधिक है कि रात भर शहर में धमाकों की आवाजें गूंजती रहीं और कम ऊंचाई पर उड़ते लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट सुनाई देती रही। ईरानी अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि नागरिक इलाकों को जानबूझकर टारगेट किया गया है।

Iran US conflict: तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में रिहायशी इमारत पर हमला, 13 की मौत

तेहरान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित एक शांत रिहायशी इलाके में सोमवार सुबह करीब 4 बजे हवाई हमला हुआ। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक बहुमंजिला इमारत पर कई मिसाइलें दागी गईं, जिससे पूरी बिल्डिंग में आग लग गई। बचाव दल अभी भी मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहा है। धमाके इतने जोरदार थे कि आसपास के कई घरों के शीशे टूट गए और लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। अस्पतालों में खून की कमी हो रही है और डॉक्टरों ने अपील की है कि लोग रक्तदान करें।

Iran US conflict: शरीफ यूनिवर्सिटी पर सिलसिलेवार हमले, गैस वितरण केंद्र भी प्रभावित

तेहरान की प्रमुख शैक्षणिक संस्था शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी को भी इस हमले में निशाना बनाया गया। कैंपस की कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है और पास स्थित प्राकृतिक गैस वितरण केंद्र पर भी हमले का असर पड़ा है, जिससे आसपास के इलाकों में गैस सप्लाई बाधित हो गई है। कई देशों ने इस यूनिवर्सिटी पर प्रतिबंध लगा रखे हैं क्योंकि इसे ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जोड़ा जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हमलावर पक्ष ने इसी वजह से यूनिवर्सिटी को टारगेट किया क्योंकि यहां वैज्ञानिक अनुसंधान और मिसाइल तकनीक से जुड़े काम होते हैं।

Iran US conflict: कोम शहर में अलग हमला, 5 मौतों की खबर

तेहरान से करीब 140 किलोमीटर दक्षिण में स्थित पवित्र शहर कोम में भी हवाई हमला रिपोर्ट किया गया है। सरकारी समाचार पत्र ‘ईरान’ ने बताया कि यहां एक रिहायशी इलाके पर हमले में कम से कम 5 लोगों की मौत हुई है। कोम ईरान के शिया धर्मगुरुओं का प्रमुख केंद्र है। हमले के बाद शहर में सड़कों पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है।

Iran US conflict: रात भर तेहरान में धमाके, आसमान में लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट

पिछली रात तेहरान के आसमान में लगातार हलचल रही। ईरानी नागरिकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किए, जिनमें दूर से धमाकों की चमक और विमानों की आवाज साफ सुनाई दे रही है। ईरानी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हैं और कई हमलों को रोकने की कोशिश की गई। हालांकि, कुछ मिसाइलें लक्ष्य पर पहुंच गईं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले 20 साल में ऐसा तनाव कभी नहीं देखा गया।

Iran US conflict: ट्रंप की डेडलाइन और ईरान पर बढ़ता दबाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी गई समय-सीमा को लेकर सख्त रुख अपनाया हुआ है। ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान समझौते की दिशा में नहीं बढ़ता तो “गंभीर परिणाम” भुगतने पड़ेंगे। इसी दबाव के बीच हमले तेज हुए हैं। ट्रंप आज एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं, जिसमें सफल रेस्क्यू ऑपरेशन की डिटेल्स शेयर करने की उम्मीद है। ईरान ने ट्रंप की धमकियों को खारिज करते हुए कहा है कि वह “मुंहतोड़ जवाब” देगा।

45 दिन का सीजफायर प्लान: मध्यस्थों की दो चरण वाली डील

रिपोर्ट्स के अनुसार, मध्यस्थ देश दो चरण वाली डील पर काम कर रहे हैं। पहले चरण में 45 दिनों का सीजफायर प्रस्तावित है। इस दौरान दोनों पक्ष युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने पर बातचीत करेंगे। यह प्लान कतर और ओमान जैसे देशों के माध्यम से आगे बढ़ रहा है। हालांकि, दोनों पक्ष अभी भी एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, इसलिए सफलता की संभावना कम दिख रही है।

वैश्विक प्रभाव: तेल की कीमतें बढ़ीं, भारत समेत कई देश चिंतित

यह युद्ध मध्य पूर्व में तेल सप्लाई को प्रभावित कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 5 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई हैं। भारत, जो ईरान से काफी तेल आयात करता है, इस स्थिति पर नजर रखे हुए है। विदेश मंत्रालय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर युद्ध लंबा चला तो वैश्विक मुद्रास्फीति बढ़ेगी और हॉर्मुज स्ट्रेट पर कोई भी बाधा पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला सकती है।

Iran US conflict: नागरिकों की पीड़ा और मानवीय संकट

हमलों में सबसे ज्यादा नुकसान आम नागरिकों को हो रहा है। तेहरान और कोम जैसे शहरों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने ईरान में सहायता भेजने की पेशकश की है, लेकिन युद्ध क्षेत्र होने के कारण पहुंच मुश्किल है। भारत सरकार भी ईरान में रह रहे हजारों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर फोकस कर रही है और उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

Iran US conflict: आगे क्या? युद्ध की संभावित दिशा

विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर सीजफायर नहीं हुआ तो अगले कुछ दिनों में ईरान भी जवाबी हमले कर सकता है। इजरायल और अमेरिका के ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की आशंका है। ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस आज दोपहर में होने वाली है और दुनिया की नजरें उसी पर टिकी हैं। यह युद्ध न केवल दो देशों के बीच टकराव है, बल्कि पूरे मध्य पूर्व की शांति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर रहा है।

read more here

Vaishakh 2026 1st Ekadashi Vrat: वैशाख माह की पहली एकादशी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण का समय

Share Market Outlook: निफ्टी-सेंसेक्स में उतार-चढ़ाव जारी, RBI बैठक और IT नतीजे होंगे बड़े ट्रिगर

Jio New Recharge Plan: जियो ने पेश किया सबसे सस्ता ‘AI और क्लाउड’ प्लान, मात्र 329 रुपये में 5000GB स्टोरेज और Gemini Pro का सब्सक्रिप्शन; जानें पूरी डिटेल

Health Tips: सुबह खाली पेट चबाएं भीगी हुई किशमिश और मूंगफली, शरीर बनेगा फौलादी और दिनभर बनी रहेगी जबरदस्त एनर्जी; जानें आयुर्वेद के अनुसार इसके लाभ

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.