ईरान ने अरामको पर दागी मिसाइल! तेल बाजार में मची तबाही, खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट में आग लगा दी है
खामेनेई की मौत के बाद अरामको पर हमला, 15 देशों के अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल बौछार
Iran Aramco attack: खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट में आग लगा दी है। सऊदी अरब की दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफायनरी अरामको पर ईरान ने हमला बोल दिया है। इसके साथ ही ईरान ने कतर, कुवैत, बहरीन और यूएई में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन की नई बौछार शुरू कर दी है। पूरा मिडिल ईस्ट इस वक्त जंग की आग में झुलस रहा है।
Iran Aramco attack: मध्य पूर्व में गहराता संकट और अरामको पर हमला
मध्य पूर्व में जो तूफान पिछले 36 घंटों से उठा हुआ है, वह अब और भी भयावह रूप ले चुका है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद से ईरान ने जैसे बदला लेने की कसम खा ली है। अब ईरान ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने पूरी दुनिया को हिला दिया है। ईरान ने सऊदी अरब की दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे प्रतिष्ठित तेल रिफायनरी अरामको को निशाना बनाया है। इस हमले की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भूचाल आ गया और वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें तेजी से उछलने लगीं।
सऊदी अरब की राज्य स्वामित्व वाली कंपनी अरामको को दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी माना जाता है। यह रिफायनरी वैश्विक तेल आपूर्ति में अहम भूमिका निभाती है। ईरान द्वारा इस पर हमला किया जाना सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था पर सीधा वार है। इस हमले के बाद से खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुँच गया है और सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अरामको की उत्पादन क्षमता किसी भी तरह प्रभावित होती है तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई को छू सकती हैं।
Iran Aramco attack: 15 से अधिक देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले
ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में 15 से अधिक देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। सोमवार को ईरान ने एक बार फिर मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई श्रृंखला शुरू की जिसमें कतर की राजधानी दोहा, कुवैत, दुबई, बहरीन और अबू धाबी में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को एक के बाद एक निशाना बनाया गया। बहरीन में ईरानी हमले के बाद सड़क के किनारे काले धुएं का घना गुबार उठता देखा गया।
कुवैत में स्थित अमेरिकी दूतावास की इमारत से भी काले धुएं की तस्वीरें सामने आई हैं। हालात इतने गंभीर हो गए कि कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास को सुरक्षा अलर्ट जारी करना पड़ा जिसमें कहा गया कि कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का लगातार खतरा बना हुआ है। दूतावास में न आएं और सुरक्षित स्थान पर रहें।
Iran Aramco attack: ट्रंप की ईरानी सेना को कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो संबोधन में ईरान के सैन्य अधिकारियों को सीधे हथियार डालने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के लक्ष्य बेहद गंभीर हैं और सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। उन्होंने ईरानी सैन्यकर्मियों से कहा कि अगर उन्होंने हथियार डाले तो उनकी सुरक्षा की पूरी गारंटी दी जाएगी, अन्यथा परिणाम बेहद भयावह होंगे।
ट्रंप का यह बयान उस वक्त आया है जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के अंदर 2,000 से अधिक सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। इन हमलों में ईरान की मिसाइल भंडारण सुविधाएं, वायु रक्षा प्रणाली, नौसैनिक ठिकाने और अन्य अहम सैन्य बुनियादी ढाँचे को नेस्तनाबूद किया गया है।
Iran Aramco attack: यूरोपीय देशों ने दी कड़ा रुख अपनाने की चेतावनी
इस युद्ध में अब यूरोप भी मोर्चा खोलने की तैयारी में है। फ्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम ने मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया है जिसमें ईरान को कड़ी चेतावनी दी गई है। तीनों देशों ने कहा कि ईरान के अंधाधुंध मिसाइल हमलों से वे स्तब्ध हैं जिनमें वे देश भी शामिल हैं जो इस युद्ध का हिस्सा नहीं थे। तीनों सरकारों ने स्पष्ट किया कि वे खाड़ी में अपने सहयोगियों और अपने हितों की रक्षा के लिए रक्षात्मक कार्रवाई करने से नहीं हिचकेंगे। यह बयान इशारा करता है कि यह युद्ध अब केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा और अगर स्थिति काबू से बाहर हुई तो यूरोपीय देश भी इस संघर्ष में शामिल हो सकते हैं।
अहमदीनेजाद जिंदा हैं: चीन का बड़ा दावा
युद्ध के बीच एक और अहम खबर सामने आई है। चीन के प्रमुख अखबार ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया है कि ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद अमेरिका और इजरायल के हमलों में नहीं मारे गए हैं और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। अखबार ने तुर्की की समाचार एजेंसी अनादोलु के हवाले से एक करीबी सहयोगी के बयान का जिक्र किया जिन्होंने कहा कि मैं उनसे संपर्क में हूँ और सब ठीक है। इससे पहले कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा था कि अहमदीनेजाद अमेरिकी और इजरायली हमलों में मारे गए हैं। लेकिन अब यह दावे गलत साबित होते नजर आ रहे हैं।
Iran Aramco attack: फेक एकाउंट से भ्रम और हिज्बुल्लाह की सक्रियता
इस पूरे संकट के बीच सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों का भी बाजार गर्म है। भारत स्थित ईरानी दूतावास ने चेतावनी जारी की है कि ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रसिद्ध हस्तियों के नाम पर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाए जा रहे हैं। मोज्तबा खामेनेई और अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी के नाम पर बने फेक एक्स अकाउंट इसका ताजा उदाहरण हैं। दूतावास ने मीडिया और आम जनता से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक और सत्यापित स्रोतों पर ही भरोसा करें।
इस जंग में लेबनान का आतंकवादी संगठन हिज्बुल्लाह भी सक्रिय हो गया है। हिज्बुल्लाह ईरान के समर्थन में लगातार इजरायल पर हमले कर रहा है। जवाब में इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं। इस दो मोर्चे की लड़ाई में इजरायल एक ओर ईरान से और दूसरी ओर हिज्बुल्लाह से एक साथ जूझ रहा है।
आगे क्या होगा?
मध्य पूर्व में यह जंग अब किस दिशा में जाएगी यह कहना मुश्किल है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी कीमत पर अमेरिका से बातचीत के लिए तैयार नहीं है। अमेरिका और इजरायल भी अपने सैन्य अभियान रोकने के मूड में नहीं हैं। ऐसे में यह युद्ध अब और विकराल रूप लेता जा रहा है। दुनिया के तमाम देश स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और शांति की उम्मीद अभी भी धुंधली बनी हुई है।
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