ईरान ने डिएगो गार्सिया अमेरिकी सैन्य अड्डे पर दागीं लंबी दूरी की मिसाइलें, इजरायल-ईरान युद्ध के 22वें दिन बढ़ा तनाव, होर्मुज नाकाबंदी से वैश्विक ऊर्जा संकट गहराया
22वें दिन युद्ध में नया मोड़, ईरान ने अमेरिकी बेस पर दागीं मिसाइलें, बढ़ा वैश्विक तनाव
Diego Garcia: जब कोई देश दुनिया के सबसे शक्तिशाली सैन्य ठिकाने पर मिसाइल दागने का साहस करे, तो समझ लीजिए कि वह युद्ध केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। ईरान ने आज हिंद महासागर में स्थित अमेरिका के रणनीतिक सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया पर लंबी दूरी की मिसाइलें दागकर इस संघर्ष को एक खतरनाक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है।
Diego Garcia: डिएगो गार्सिया पर ईरान का हमला क्यों है इतना महत्वपूर्ण
डिएगो गार्सिया हिंद महासागर में स्थित ब्रिटिश क्षेत्र चागोस द्वीपसमूह का एक द्वीप है जहां अमेरिका का अत्यंत महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा स्थित है। यह अड्डा मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया तीनों दिशाओं में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए एक केंद्रीय आधार के रूप में काम करता है।
ईरान का इस ठिकाने पर हमला करना केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं है बल्कि यह अमेरिका को एक स्पष्ट संदेश है कि वह अपनी पहुंच से कहीं भी जवाब दे सकता है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह हमला इस पूरे संघर्ष में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।
Diego Garcia: इजरायल ईरान युद्ध की पृष्ठभूमि क्या है
यह युद्ध 22 दिन पहले शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल और अमेरिकी हितों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू किए।
ऑस्ट्रियाई हवाई युद्ध विश्लेषक और इतिहासकार टॉम कूपर ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका और इजरायल के बीच इस युद्ध की रणनीति को लेकर संभावित मतभेद उभर सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो यह गठबंधन के भीतर एक बड़ी दरार का संकेत होगा।
Diego Garcia: होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी का क्या है वैश्विक असर
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी लगा रखी है जो दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में से एक है। दुनिया का एक बड़ा हिस्सा इसी जलमार्ग से गुजरने वाले कच्चे तेल पर निर्भर है।
इस नाकाबंदी के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो रही है और कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। भारत सहित दर्जनों देश इस नाकाबंदी से सीधे प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि उनकी ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आता है।
Diego Garcia: जापान को होर्मुज से गुजरने की अनुमति क्यों दी ईरान ने
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जापानी मीडिया को बताया है कि तेहरान जापान से जुड़े जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति देने के लिए तैयार है। यह एक कूटनीतिक संकेत है जिसमें ईरान ने तटस्थ देशों के साथ अपने संबंध सामान्य रखने की इच्छा जाहिर की है।
सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त प्रयास करने की इच्छा जताने वाले छह देशों में जापान भी शामिल है। यह घटनाक्रम बताता है कि ईरान युद्ध के बावजूद कुछ देशों के साथ व्यावहारिक संबंध बनाए रखना चाहता है।
Diego Garcia: ट्रंप ने युद्ध समाप्ति के क्या दिए संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के पास अब बातचीत के लिए कुछ नहीं बचा है। यह बयान दो तरह से देखा जा सकता है। एक व्याख्या यह है कि ट्रंप ईरान पर दबाव बनाए रखना चाहते हैं। दूसरी व्याख्या यह है कि वे युद्ध को एक निश्चित बिंदु पर समाप्त करने का रास्ता खोज रहे हैं।
कूटनीतिक विश्लेषकों के अनुसार ट्रंप प्रशासन किसी भी बड़े संघर्ष को लंबे समय तक खींचने का जोखिम नहीं उठाना चाहता। यही कारण है कि बातचीत के संकेत एक ओर से आ रहे हैं जबकि सैन्य कार्रवाई दूसरी ओर जारी है।
Diego Garcia: रियाद में भारतीय नागरिक की मौत से क्या बढ़ी चिंता
इस युद्ध की आंच अब भारत तक भी पहुंच रही है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एक और भारतीय नागरिक की मौत की खबर आई है। मध्य पूर्व में लाखों भारतीय प्रवासी काम करते हैं और इस युद्ध के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
भारत सरकार की ओर से नागरिकों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार भारत स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर निकासी की योजना पर काम किया जा रहा है।
Diego Garcia: भारत पर इस युद्ध का क्या पड़ेगा आर्थिक असर
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व से आयात करता है। होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी और युद्ध के कारण आपूर्ति बाधित होने से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है।
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह युद्ध और लंबा खिंचता है तो भारत में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। साथ ही मध्य पूर्व में काम करने वाले भारतीयों की ओर से आने वाला विदेशी मुद्रा प्रवाह भी प्रभावित हो सकता है।
निष्कर्ष
इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच यह युद्ध अब केवल मध्य पूर्व का मामला नहीं रहा। डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमले ने इसे एक वैश्विक संकट में बदल दिया है। होर्मुज की नाकाबंदी से वैश्विक तेल आपूर्ति खतरे में है और भारत सहित दर्जनों देश इसके प्रभाव से बच नहीं सकते। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रंप के युद्ध विराम के संकेत किसी वास्तविक कूटनीतिक समाधान की ओर ले जाते हैं या यह संघर्ष और विकराल रूप लेता है।
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