इंश्योरेंस खरीदते समय इन कंपनियों से रहें सावधान, IRDAI को 2024-25 में मिलीं 2,57,790 शिकायतें, एलआईसी के खिलाफ सबसे ज्यादा 74,104 शिकायतें, दावा न देना सबसे बड़ी समस्या, जानें पूरी सूची

IRDAI को 2.57 लाख शिकायतें, LIC के खिलाफ सबसे ज्यादा, क्लेम निपटान सबसे बड़ी समस्या

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Insurance Buying Tips: जहां एक तरफ सरकार देश के अधिक से अधिक नागरिकों को बीमा के दायरे में लाने की कोशिश कर रही है वहीं दूसरी तरफ जिन लोगों ने बीमा ले रखा है वे अपनी बीमा कंपनियों से परेशान हैं। वित्त मंत्रालय ने संसद में बीमा शिकायतों से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में बीमा कंपनियों के खिलाफ कुल 2,57,790 शिकायतें दर्ज की गईं। तीन साल में यह संख्या लगातार बढ़ रही है। दावे का निपटारा न करना सबसे बड़ी शिकायत है। एलआईसी के खिलाफ सबसे ज्यादा 74,104 शिकायतें दर्ज हुईं।

Insurance Buying Tips: IRDAI शिकायत आंकड़े – तीन साल का हाल

वित्त वर्ष कुल शिकायतें पिछले साल से बदलाव
2022-23 2,02,640 आधार वर्ष
2023-24 2,15,569 6.4 प्रतिशत वृद्धि
2024-25 2,57,790 19.6 प्रतिशत वृद्धि

तीन वर्षों में बीमा शिकायतों में लगातार वृद्धि हो रही है। यह आंकड़े बताते हैं कि बीमा उद्योग में ग्राहक संतुष्टि की स्थिति चिंताजनक है।

वित्त वर्ष 2024-25 में सबसे ज्यादा शिकायत वाली 10 बीमा कंपनियां

क्रम बीमा कंपनी शिकायतों की संख्या
1 एलआईसी 74,104
2 स्टार हेल्थ एंड अलाइड इंश्योरेंस 20,527
3 नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड 12,859
4 केयर हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड 10,281
5 यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी 10,126
6 नीवा बुपा हेल्थ इंश्योरेंस 7,970
7 आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस 7,781
8 द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड 7,768
9 एचडीएफसी एरगो जनरल इंश्योरेंस 7,326
10 द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी 6,854

Insurance Buying Tips: शिकायतें क्यों होती हैं – पांच प्रमुख कारण

वित्त मंत्रालय के अनुसार बीमाधारकों द्वारा IRDAI में शिकायतें दर्ज करने के पांच प्रमुख कारण हैं।

क्रम शिकायत का कारण विवरण
1 दावे का निपटारा न करना सबसे बड़ी और सबसे आम शिकायत
2 बिना कारण दावा अस्वीकार बीमाकर्ता बिना स्पष्ट कारण के दावा खारिज करते हैं
3 जीवन लाभ न देना सर्वाइवल बेनिफिट का भुगतान नहीं
4 परिपक्वता लाभ न देना मैच्योरिटी बेनिफिट का भुगतान नहीं
5 राशि में अंतर अनुमानित नुकसान और बीमाकर्ता की राशि में फर्क

एलआईसी के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायतें – समझें कारण

एलआईसी के खिलाफ 74,104 शिकायतें सबसे अधिक हैं। हालांकि यह ध्यान देना जरूरी है कि एलआईसी भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है और इसके पास करोड़ों पॉलिसीधारक हैं। इसलिए शिकायतों की संख्या अधिक होना कुछ हद तक अपेक्षित भी है।

एलआईसी की स्थिति विवरण
कुल शिकायतें 74,104
कुल शिकायतों में हिस्सेदारी लगभग 28.7 प्रतिशत
दूसरे स्थान की कंपनी स्टार हेल्थ (20,527)
एलआईसी और दूसरे नंबर का अंतर 53,577 अधिक शिकायतें

बीमा खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें

बीमा एक दीर्घकालिक वित्तीय निर्णय है। शिकायतों के इन आंकड़ों को देखते हुए बीमा खरीदते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बीमा खरीदने से पहले उस कंपनी का दावा निपटान अनुपात जरूर जांचें। यह जितना अधिक होगा उतना बेहतर है। पॉलिसी की शर्तें और बहिष्करण यानी क्या कवर नहीं होगा यह ध्यान से पढ़ें। नेटवर्क हॉस्पिटल सूची देखें ताकि दावे के समय परेशानी न हो। प्रीमियम के साथ-साथ कवरेज की गुणवत्ता भी देखें। ऑनलाइन समीक्षाएं और उपभोक्ता फोरम में उस कंपनी के बारे में क्या कहा गया है यह जरूर जांचें।

Insurance Buying Tips: शिकायत दर्ज करने के रास्ते

अगर आपकी बीमा कंपनी आपकी शिकायत नहीं सुन रही है तो आपके पास कई विकल्प हैं।

माध्यम विवरण
IRDAI हेल्पलाइन 155255 या 1800 4254 732
IRDAI वेबसाइट igms.irda.gov.in
बीमा लोकपाल नजदीकी लोकपाल कार्यालय से संपर्क
उपभोक्ता फोरम जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत
बीमाधारक शिकायत पोर्टल bimashikayat.irda.gov.in

बीमा उद्योग में सुधार की जरूरत

शिकायतों के बढ़ते आंकड़े यह दर्शाते हैं कि बीमा उद्योग में ग्राहक सेवा और दावा निपटान प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है। IRDAI लगातार नए नियम बना रहा है लेकिन जमीनी स्तर पर अमल अभी भी अपेक्षाकृत कमजोर है।

वित्तीय सलाहकार और बीमा विशेषज्ञ का कहना है कि बीमाधारकों को अपने अधिकारों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। दावा खारिज होने पर निराश न हों बल्कि IRDAI के पास अपील करें। कंपनियों को भी चाहिए कि वे दावा निपटान प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाएं। बढ़ती शिकायतें पूरे उद्योग की साख को नुकसान पहुंचाती हैं।

Insurance Buying Tips: निष्कर्ष

बीमा शिकायतों के बढ़ते आंकड़े एक गंभीर चेतावनी है। 2022-23 से 2024-25 के बीच शिकायतों में 27 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। बीमा खरीदते समय केवल प्रीमियम नहीं बल्कि दावा निपटान अनुपात और ग्राहक सेवा की गुणवत्ता भी जांचना जरूरी है। IRDAI के आंकड़ों का यह खुलासा उपभोक्ताओं को सही निर्णय लेने में मदद करेगा। अगर आपकी भी कोई बीमा शिकायत है तो चुप न बैठें और IRDAI में अपनी आवाज जरूर उठाएं।

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