इंडिगो के CEO ने छोड़ी कुर्सी! 9 लाख यात्रियों को रुलाने के बाद पीटर एल्बर्स का इस्तीफा
9 लाख यात्रियों को परेशान करने के बाद इंडिगो CEO पीटर एल्बर्स ने दिया इस्तीफा, DGCA नोटिस के बाद फैसला, राहुल भाटिया अंतरिम CEO बने
IndiGo CEO Resignation: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो के लिए मंगलवार का दिन बेहद अहम रहा। इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ पीटर एल्बर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने स्टॉक एक्सचेंज को इसकी जानकारी दी। पीटर एल्बर्स के जाने के बाद कंपनी के सह संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया ने अंतरिम प्रभार अपने हाथ में ले लिया है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब इंडिगो पर पिछले कुछ महीनों से यात्रियों की परेशानी और खराब संचालन को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
IndiGo CEO Resignation: आखिर क्यों दिया पीटर एल्बर्स ने इस्तीफा
इंटरग्लोब एविएशन ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि पीटर एल्बर्स 10 मार्च को अपनी शिफ्ट पूरी होने के साथ ही कंपनी में अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो गए। हालांकि कंपनी ने इस्तीफे की कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई है लेकिन जानकारों का मानना है कि दिसंबर 2025 में हजारों फ्लाइट्स रद्द होने की घटना और उसके बाद नागरिक उड्डयन नियामक डीजीसीए के नोटिस ने उनकी कुर्सी पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया था। पीटर एल्बर्स जुलाई 2022 में इंडिगो के सीईओ बने थे। उनके कार्यकाल में इंडिगो ने कई नए रूट शुरू किए और अंतरराष्ट्रीय विस्तार किया लेकिन अंत में फ्लाइट कैंसिलेशन का वह दौर उनके लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ।
IndiGo CEO Resignation: 9 दिन में रद्द हुईं 5000 से ज्यादा फ्लाइट्स
दिसंबर 2025 में इंडिगो ने जो किया वह एयरलाइन के अपने इतिहास में इससे पहले कभी नहीं हुआ था। 2 से 10 दिसंबर के बीच महज 9 दिनों में कंपनी ने 5000 से अधिक फ्लाइट्स रद्द कर दीं। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहल ने जनवरी 2026 में लोकसभा को बताया कि दिसंबर महीने में इंडिगो ने कुल 5689 फ्लाइट्स रद्द कीं जिसकी वजह से 9 लाख 2 हजार 384 यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। यह पूरा संकट फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन यानी एफडीटीएल नियमों में हुए बदलाव के बाद पायलट और केबिन क्रू की रोस्टरिंग में हुई खराब योजना की वजह से उत्पन्न हुआ था।
IndiGo CEO Resignation: डीजीसीए ने पीटर एल्बर्स को भेजा था कड़ा नोटिस
फ्लाइट्स के इस भारी संकट के बाद देश की नागरिक उड्डयन नियामक संस्था डीजीसीए यानी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविऐशन ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को सीधे नोटिस जारी किया। इस नोटिस में डीजीसीए ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि सीईओ के तौर पर एल्बर्स एयरलाइन का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हैं लेकिन वे भरोसेमंद संचालन बनाए रखने और यात्रियों को समय पर जरूरी सुविधाएं देने में अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे। नियामक का यह नोटिस किसी एयरलाइन के सीईओ को सीधे जवाबदेह ठहराने का एक असाधारण कदम था।
IndiGo CEO Resignation: कौन हैं राहुल भाटिया जो संभालेंगे इंडिगो की कमान
पीटर एल्बर्स के जाने के बाद इंडिगो की कमान अंतरिम रूप से राहुल भाटिया के हाथों में आ गई है। राहुल भाटिया इंडिगो के सह संस्थापक हैं और कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर पहले से कार्यरत हैं। उन्होंने 2006 में अरबपति कारोबारी राकेश गंगवाल के साथ मिलकर इंडिगो की नींव रखी थी। फोर्ब्स की ताजा सूची के मुताबिक राहुल भाटिया की कुल संपत्ति 6.5 अरब डॉलर है और वे दुनिया के सबसे धनी लोगों की सूची में 602वें स्थान पर हैं। माना जा रहा है कि उनके अनुभव और कंपनी की गहरी समझ के चलते वे इस मुश्किल दौर में इंडिगो को स्थिरता दे सकते हैं।
IndiGo CEO Resignation: इंडिगो के लिए आगे की राह
पीटर एल्बर्स के इस्तीफे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इंडिगो का अगला स्थायी सीईओ कौन होगा। कंपनी के बोर्ड पर अब एक ऐसे अनुभवी नेतृत्व को चुनने की जिम्मेदारी है जो एयरलाइन को इस संकट से बाहर निकाल सके और यात्रियों का भरोसा फिर से जीत सके। इंडिगो की बाजार में हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक है और वह देश की नंबर एक एयरलाइन है। लेकिन यात्रियों के बीच कंपनी की जो छवि धूमिल हुई है उसे सुधारना राहुल भाटिया और आने वाले नए सीईओ के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
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