भारत की GDP में आएगी जबरदस्त तेजी! SBI रिसर्च का बड़ा अनुमान, Q3 में 8% से ऊपर रहेगी विकास दर

घरेलू मांग के दम पर वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 8-8.1% विकास दर, 27 फरवरी को नए आंकड़े

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GDP Growth Rate: जब पूरी दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी टैरिफ की मार और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से जूझ रही है, तब भारतीय अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। भारतीय स्टेट बैंक की शोध शाखा SBI रिसर्च ने मंगलवार को जारी अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर 2025 के दौरान देश की सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP की वृद्धि दर 8 से 8.1 प्रतिशत के बीच रह सकती है। यह आंकड़ा न सिर्फ उत्साहजनक है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भारत की आर्थिक बुनियाद कितनी मजबूत है।

GDP Growth Rate: घरेलू मांग बनी है विकास की रीढ़

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, उच्च-आवृत्ति यानी हाई-फ्रीक्वेंसी गतिविधि के आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय और मजबूत बनी रहीं। इस मजबूती का सबसे बड़ा आधार देश की घरेलू मांग रही है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उपभोग की गति बनी रही, जिसने समग्र आर्थिक विकास को सहारा दिया।

एसबीआई के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष ने इस बारे में कहा कि ग्रामीण खपत में लगातार सुधार देखा जा रहा है और कृषि के साथ-साथ गैर-कृषि गतिविधियों से भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। वहीं शहरी खपत में भी पिछले त्योहारी सीजन के बाद से राजकोषीय प्रोत्साहन यानी फिस्कल स्टिम्युलस के सहारे सुधार की प्रवृत्ति बनी हुई है।

GDP Growth Rate: पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए क्या है अनुमान?

तिमाही आंकड़ों से अलग, पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए पहले अग्रिम अनुमान में जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है। इस वृद्धि का मुख्य आधार भी घरेलू मांग को ही बताया गया है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि केंद्र सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे पर किए जा रहे भारी निवेश और मध्यम वर्ग की बढ़ती क्रय शक्ति ने इस गति को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भी भारत की संभावित जीडीपी लगभग 7 प्रतिशत आंकी गई है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2027 में इसके 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान जताया गया है। इस प्रकार आने वाले वर्षों में भी भारत की आर्थिक विकास यात्रा निर्बाध जारी रहने की उम्मीद है।

GDP Growth Rate: 27 फरवरी को जारी होगा नया GDP डेटा

इस रिपोर्ट में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। भारत अपनी जीडीपी गणना का आधार वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 करने की प्रक्रिया में है। इसके साथ ही उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के आधार वर्ष को भी 2024 में अपडेट किया जाएगा। इन दोनों बदलावों का उद्देश्य मौजूदा आर्थिक संरचना को अधिक सटीक और पारदर्शी तरीके से दर्शाना है।

नई पद्धति में डिजिटल कॉमर्स, सेवा क्षेत्र, जीएसटी रिकॉर्ड, ई-वाहन यानी वाहन पंजीकरण और प्राकृतिक गैस खपत जैसे आधुनिक और विस्तृत डेटा स्रोतों को शामिल किया जाएगा। अनौपचारिक क्षेत्र के बेहतर आकलन की व्यवस्था भी इसमें जोड़ी जाएगी। इन सुधारों के बाद भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो सकता है।

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी के दूसरे अग्रिम अनुमान और पिछले तीन वित्त वर्षों के आंकड़े 27 फरवरी को जारी किए जाएंगे। साथ ही नए 2022-23 आधार वर्ष के अनुसार तिमाही जीडीपी अनुमान भी उसी दिन सार्वजनिक किए जाएंगे। हालांकि रिपोर्ट में यह भी स्वीकार किया गया है कि पद्धतिगत बदलावों की जटिलता के कारण संशोधन की सीमा का सटीक अनुमान लगाना फिलहाल कठिन है।

GDP Growth Rate: वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत का मजबूत रुख

जहां एक ओर भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक अर्थव्यवस्था कई अनिश्चितताओं से घिरी हुई है। अंतरराष्ट्रीय अनुमानों के अनुसार 2025 और 2026 में वैश्विक विकास दर 3.3 प्रतिशत रहने की संभावना है। लेकिन भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ता वैश्विक कर्ज और डिजिटलीकरण तथा डीकार्बोनाइजेशन जैसे संरचनात्मक बदलावों के कारण विभिन्न क्षेत्रों में यह वृद्धि असमान बनी रह सकती है।

अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे टैरिफ और व्यापारिक तनाव के बावजूद भारत अपनी विकास गति को बनाए रखने में सफल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की विशाल घरेलू बाजार क्षमता और युवा आबादी उसे वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

GDP Growth Rate: G-20 देशों में सबसे तेज विकास दर

रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी हाल ही में अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2027 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जो G-20 देशों में सबसे अधिक होगी। यहां तक कि 2026 की GDP वृद्धि दर के मामले में भारत अमेरिका को भी पीछे छोड़ चुका है। अमेरिका के प्रमुख उद्योगपति एलन मस्क ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वैश्विक आर्थिक शक्ति का संतुलन बदल रहा है, जो भारत के लिए एक बड़े सम्मान की बात है।

GDP Growth Rate: आगे की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार बुनियादी ढांचे में निवेश जारी रखती है, कृषि क्षेत्र में सुधार की गति बनाए रखती है और डिजिटल अर्थव्यवस्था को और अधिक बढ़ावा देती है, तो भारत आने वाले वर्षों में भी दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। 27 फरवरी को जारी होने वाले नए GDP आंकड़े इस दिशा में और अधिक स्पष्टता प्रदान करेंगे।

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