टी20 वर्ल्ड कप जीत के जश्न में हार्दिक पांड्या पर तिरंगे के अपमान का आरोप, पुणे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज; वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वर्ल्ड कप जीत के जश्न का वीडियो वायरल, पुणे में दर्ज हुई राष्ट्रीय ध्वज अपमान की शिकायत

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Hardik Pandya controversy: टी20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत का जश्न अभी थमा भी नहीं था कि टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एक विवाद में घिर गए हैं। पुणे के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ राष्ट्रीय ध्वज के अपमान को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। यह मामला उस समय का है जब भारतीय टीम ने 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था।

Hardik Pandya controversy: क्या है पूरा मामला

जीत के बाद मैदान पर खिलाड़ी तिरंगा लेकर खुशी मना रहे थे। इसी दौरान हार्दिक पांड्या के एक वीडियो और तस्वीरें सामने आईं जिसमें वह तिरंगे को अपने शरीर पर लपेटे हुए अपनी गर्लफ्रेंड के साथ जश्न मनाते नजर आए। इसी को लेकर पुणे के वकील वाजेद खान ने शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता वाजेद खान ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि 1971 नेशनल फ्लैग एक्ट के सेक्शन 2 के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उनका आरोप है कि हार्दिक पांड्या ने जश्न के दौरान तिरंगे को केप की तरह शरीर पर लपेटकर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लेटकर उसका अपमान किया।

Hardik Pandya controversy: पुलिस ने पहले किया मना, फिर दर्ज की शिकायत

वाजेद खान ने बताया कि जब वह शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने शुरुआत में यह कहते हुए मना कर दिया कि यह घटना अहमदाबाद में हुई थी, पुणे में नहीं। इस पर शिकायतकर्ता ने तर्क दिया कि राष्ट्रीय ध्वज पूरे देश का प्रतीक है और इसके अपमान की शिकायत देश के किसी भी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई जा सकती है। इस दलील के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर उसकी एक प्रति शिकायतकर्ता को सौंप दी।

Hardik Pandya controversy: वर्ल्ड कप में हार्दिक का शानदार प्रदर्शन

विवाद चाहे जो भी हो, इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हार्दिक पांड्या का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। हार्दिक ने टूर्नामेंट में कुल 9 मैच खेले और बल्लेबाजी में 27.12 के औसत से 217 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 2 अर्धशतकीय पारियां भी निकलीं। गेंदबाजी में भी उन्होंने 32.33 के औसत से 9 विकेट झटके। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ मैच में हार्दिक ने जब 19वां ओवर फेंका तो उस क्षण ने पूरे मैच का पासा पलट दिया। फाइनल में भी हार्दिक ने बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया जिससे टीम इंडिया 96 रनों के बड़े अंतर से न्यूजीलैंड को हराने में सफल रही।

Hardik Pandya controversy: क्या कहता है कानून

भारतीय झंडा संहिता 2002 और प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट 1971 के तहत राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना दंडनीय अपराध है। कानून के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज को किसी पोशाक, वर्दी या किसी अन्य वस्त्र के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही झंडे को कमर के नीचे या जमीन पर नहीं रखा जा सकता। इन नियमों का उल्लंघन करने पर तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। हालांकि यह भी ध्यान देने वाली बात है कि भारतीय झंडा संहिता में समय समय पर बदलाव किए गए हैं। लेकिन झंडे को शरीर पर पहनने या लपेटने की अनुमति नहीं है।

Hardik Pandya controversy: सोशल मीडिया पर बंटी राय

इस पूरे विवाद पर सोशल मीडिया पर लोगों की राय दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है। एक वर्ग का मानना है कि जश्न के जोश में हार्दिक से अनजाने में यह गलती हुई और उनका इरादा कभी भी तिरंगे का अपमान करने का नहीं था। वह देश के लिए खेले और देश को विश्व विजेता बनाया इसलिए उन्हें इस मामले में राहत मिलनी चाहिए। दूसरा वर्ग यह मानता है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है और किसी भी परिस्थिति में उसके साथ अनुचित व्यवहार स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। चाहे व्यक्ति कितना भी बड़ा क्रिकेटर क्यों न हो, कानून सबके लिए बराबर है।

Hardik Pandya controversy: हार्दिक की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं

इस विवाद पर अब तक हार्दिक पांड्या की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। न तो उनकी टीम ने और न ही बीसीसीआई ने इस मामले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया दी है। पुलिस ने भी शिकायत दर्ज कर लेने के बाद आगे की कार्रवाई के बारे में कुछ नहीं बताया है। यह पहला मौका नहीं है जब किसी क्रिकेटर पर इस तरह का आरोप लगा हो। इससे पहले भी कई मौकों पर खिलाड़ियों के जश्न मनाने के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं। लेकिन जिस तरह से इस बार पुणे में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है, वह इस मामले को एक कानूनी रूप दे देती है।

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