India-US Trade Deal: पीयूष गोयल ने लोकसभा में बताई भारत-अमेरिका ट्रेड डील की 10 बड़ी बातें, कृषि और डेयरी क्षेत्र सुरक्षित, निर्यातकों को मिलेगा बड़ा फायदा
पीयूष गोयल ने लोकसभा में कहा :- कृषि-डेयरी सुरक्षित, निर्यातकों को फायदा, टैरिफ 18% पर, 500 अरब डॉलर लक्ष्य, मोदी-ट्रंप वार्ता से सफलता
India-US Trade Deal: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार, 4 फरवरी 2026 को लोकसभा में भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते (Trade Deal) की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि एक साल तक चली गहन बातचीत के बाद दोनों पक्ष इस महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में सफल रहे हैं। मंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता के दौरान भारतीय पक्ष ने अपने संवेदनशील क्षेत्रों – विशेषकर कृषि और दुग्ध उद्योग – के हितों को पूरी तरह संरक्षित रखने में सफलता प्राप्त की है।
India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील की 10 प्रमुख बातें
पीयूष गोयल ने लोकसभा में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की निम्नलिखित 10 महत्वपूर्ण बातें साझा कीं:
1. दोनों देशों के हित में समझौता:
यह मेगा ट्रेड डील भारत और अमेरिका दोनों देशों के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। यह एक win-win स्थिति है जिसमें दोनों पक्ष लाभान्वित होंगे।
2. कृषि क्षेत्र की पूर्ण सुरक्षा:
कृषि क्षेत्र के हितों की पूरी तरह से सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। भारतीय किसानों को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। यह समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।
3. संवेदनशील सेक्टरों की रक्षा:
अमेरिका के साथ बातचीत के दौरान भारतीय पक्ष अपने सबसे संवेदनशील सेक्टरों – विशेषकर कृषि और डेयरी – के हितों की पूर्ण रूप से रक्षा करने में सफल रहा है। इन क्षेत्रों में भारत की विशेष चिंताओं को पूरी तरह संबोधित किया गया है।
4. एक वर्ष की गहन बातचीत:
एक साल तक चली सघन और गंभीर बातचीत के बाद दोनों पक्ष इस द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में सफल रहे हैं। यह लंबी वार्ता प्रक्रिया दोनों पक्षों की गंभीरता को दर्शाती है।
5. मोदी-ट्रंप वार्ता:
2 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच टेलीफोन पर विस्तृत चर्चा हुई। इस वार्ता में द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
6. टैरिफ में कटौती:
प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के तुरंत बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर लगाए जाने वाले टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की। यह भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत है।
7. प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर:
भारत के वर्तमान टैरिफ की तुलना में अमेरिका कई अन्य प्रतिस्पर्धी देशों से अधिक टैरिफ वसूल कर रहा है। इसका मतलब है कि भारत को अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर सौदा मिला है।
8. निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि:
इस समझौते से अमेरिकी बाजार में भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे।
9. श्रम प्रधान क्षेत्रों को विशेष लाभ:
यह समझौता भारतीय निर्यातकों को विशेष रूप से श्रम प्रधान क्षेत्रों और विनिर्माण में महत्वपूर्ण तुलनात्मक लाभ प्रदान करेगा। इससे रोजगार सृजन में भी मदद मिलेगी।
10. विवरण की घोषणा:
दोनों पक्ष व्यापार समझौते से जुड़ी सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद समझौते का संपूर्ण विवरण सार्वजनिक रूप से घोषित करेंगे।
India-US Trade Deal: भारत की व्यापार समझौतों में सफल यात्रा
पीयूष गोयल ने बताया कि भारत ने पिछले 6 वर्षों में 9 व्यापार समझौतों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। अमेरिका के साथ हुआ यह समझौता वर्ष 2026 की दूसरी सबसे बड़ी व्यापार डील है।
हाल के प्रमुख व्यापार समझौते:
अमेरिका से ठीक पहले भारत ने यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) की घोषणा की थी।
2025 में:
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ओमान के साथ व्यापार समझौता
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न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौता
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यूनाइटेड किंगडम के साथ व्यापार समझौता
2024 में:
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EFTA (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) के साथ व्यापार समझौता
2022 में:
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ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौता
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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ व्यापार समझौता
2021 में:
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मॉरीशस के साथ व्यापार समझौता
यह प्रभावशाली सूची भारत की आक्रामक और सकारात्मक व्यापार नीति को दर्शाती है।
India-US Trade Deal: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्व
यह व्यापार समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कई दृष्टिकोणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है:
निर्यात को बढ़ावा: कम टैरिफ से भारतीय उत्पादों की अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
रोजगार सृजन: विशेषकर श्रम प्रधान क्षेत्रों में निर्यात बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
किसानों की सुरक्षा: कृषि और डेयरी क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करके किसानों के हितों को संरक्षित रखा गया है।
विनिर्माण को बढ़ावा: विनिर्माण क्षेत्र को तुलनात्मक लाभ मिलने से ‘मेक इन इंडिया’ को बल मिलेगा।
यह व्यापार समझौता भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय खोलता है और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करता है।
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