दिल्ली में कुदरत का डबल अटैक, मार्च में बरसे बादल फिर भी टूटा गर्मी का रिकॉर्ड, IMD ने अप्रैल-मई के लिए जारी किया ‘हीटवेव’ अलर्ट

दिल्ली में मार्च में रिकॉर्ड गर्मी, 20% ज्यादा बारिश भी बेअसर, IMD ने अप्रैल-मई के लिए हीटवेव अलर्ट जारी किया

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IMD Alert for Delhi Weather: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस साल मार्च का मौसम दोहरी मार लेकर आया। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मार्च में सामान्य से 20 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई, फिर भी गर्मी ने कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। औसत अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले चार सालों में सबसे ऊंचा है। 11 मार्च को तापमान 36.8 डिग्री तक पहुंच गया। रातें भी असामान्य रूप से गर्म रहीं।

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि फरवरी के बाद मार्च भी सामान्य से कहीं ज्यादा गर्म रहा। यह अप्रैल और मई में भीषण गर्मी का स्पष्ट संकेत दे रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही मार्च से मई के दौरान प्रचंड गर्मी पड़ने का पूर्वानुमान जारी कर दिया था। दिल्लीवासियों को अब सतर्क रहने की जरूरत है।

मार्च 2026 का तापमान विश्लेषण: दिन तपे और रातें भी रहीं बेचैन

इस मार्च में दिल्ली का औसत अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रहा। यह आंकड़ा 2022 के 33.4 डिग्री से थोड़ा कम है, लेकिन चार सालों के औसत को देखें तो यह सबसे ऊंचा स्तर है। 11 मार्च को दिन का तापमान 36.8 डिग्री तक चढ़ गया, जिससे लोगों को गर्मी का एहसास पहले ही शुरू हो गया।

रातें भी राहत देने वाली नहीं रहीं। औसत न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य 15.6 डिग्री से काफी ज्यादा है। इससे पहले मार्च 2022 में यह 17.6 डिग्री रहा था। यानी चार साल बाद फिर रातें इतनी गर्म हुईं। तेज धूप और पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर प्रभाव के कारण गर्मी का असर कम नहीं हुआ।

बारिश का विरोधाभास: 20% अधिक वर्षा के बाद भी क्यों नहीं मिली राहत?

दिल्ली में 29 मार्च तक 19.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 16.2 मिलीमीटर से 20 प्रतिशत ज्यादा है। कई लोगों को लगा कि ज्यादा बारिश से गर्मी कम हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बावजूद आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने से तापमान ऊंचा बना रहा।

पिछले छह सालों की बारिश का आंकड़ा देखें तो 2026 में 19.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि 2023 में यह 51.8 मिलीमीटर थी और 2022 में बिल्कुल शून्य। इस साल बारिश सामान्य से ज्यादा हुई, फिर भी गर्मी ने रिकॉर्ड बनाया।

पिछले 6 वर्षों का तुलनात्मक डेटा: बढ़ता पारा और बदलता मिजाज

नीचे दिए गए आंकड़े साफ बताते हैं कि दिल्ली में गर्मी का ट्रेंड लगातार ऊपर जा रहा है:

वर्ष अधिकतम तापमान (°C) न्यूनतम तापमान (°C) कुल वर्षा (मिमी)
2021 33.2 16.8 3.6
2022 33.4 17.6 0
2023 30.8 16.2 51.8
2024 30.6 14.3 4.3
2025 32.3 15.5 1.8
2026 32.4 17.4 19.5

सिकुड़ता वसंत और जलवायु परिवर्तन: खतरे की घंटी

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में वसंत ऋतु का समय लगातार कम हो रहा है। सर्दियां खत्म होते ही सीधे तेज गर्मी शुरू हो रही है। मार्च में ही इतनी गर्मी पड़ना इस बात का संकेत है कि मौसम का पैटर्न बदल रहा है। जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी की लहरें पहले आ रही हैं और लंबी चल रही हैं।

दिल्ली जैसे महानगर में बढ़ते कंक्रीट, कम हरे क्षेत्र और प्रदूषण भी गर्मी को बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले सालों में मार्च-अप्रैल में 40 डिग्री से ऊपर तापमान आम हो जाएगा।

आने वाले महीनों का पूर्वानुमान: अप्रैल-मई में ‘प्रचंड’ लू की आशंका

मौसम विभाग ने इस साल पहले ही मार्च से मई तक प्रचंड गर्मी का पूर्वानुमान जारी कर दिया था। अप्रैल और मई में हीटवेव की संभावना है। पिछले सालों में भी अप्रैल-मई में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच चुका है। इस बार भी वैसा ही या उससे ज्यादा गर्मी पड़ने की आशंका है। दिल्लीवासियों को पानी की बचत, लू से बचाव और स्वास्थ्य सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

ताजा अपडेट: दिल्ली में ‘येलो अलर्ट’ और हवा की गुणवत्ता

सोमवार 30 मार्च को मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। दिन भर बादल छाए रहेंगे। गर्जन वाले बादल बनने, बिजली चमकने और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ हल्की बारिश की संभावना है।

  • तापमान: रविवार को अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस रहा (सामान्य से 3.6 डिग्री ज्यादा)।

  • AQI: दिल्ली की हवा फिलहाल ‘मध्यम’ श्रेणी (198) में है।

लू से बचाव के लिए जरूरी गाइडलाइंस

  • दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक सीधे धूप में निकलने से बचें।

  • शरीर में पानी की कमी न होने दें, तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं।

  • सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें।

  • बुजुर्गों, बच्चों और पालतू जानवरों का विशेष ख्याल रखें।

IMD Alert for Delhi Weather: बदलती जलवायु के लिए तैयार रहने का समय

मार्च की यह गर्मी सिर्फ एक मौसमी घटना नहीं, बल्कि पर्यावरण में हो रहे बड़े बदलाव का संकेत है। अप्रैल-मई की चुनौतियों के लिए अब से तैयारी शुरू करनी होगी। पानी की बचत और अधिक से अधिक पेड़ लगाना ही भविष्य की तपिश से बचने का एकमात्र रास्ता है।

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