हरकी पैड़ी पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक, रील बनाने पर भी लगा प्रतिबंध
हरिद्वार के हरकी पैड़ी में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक, बोर्ड लगाए गए
Haridwar: उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल हरकी पैड़ी पर अब गैर हिंदुओं का प्रवेश निषेध कर दिया गया है। इस संबंध में पूरे घाट क्षेत्र में जगह-जगह बोर्ड लगाए गए हैं। साथ ही तीर्थस्थल की मर्यादा और पवित्रता बनाए रखने के लिए कई अन्य नियम भी लागू किए गए हैं। इनमें ड्रोन उड़ाना और रील बनाना भी शामिल है।
हरकी पैड़ी हरिद्वार का सबसे महत्वपूर्ण घाट है जहां रोजाना हजारों श्रद्धालु पवित्र गंगा में स्नान करने आते हैं। शाम को होने वाली गंगा आरती यहां का मुख्य आकर्षण है। इस आरती में देश-विदेश से लोग शामिल होने आते हैं। प्रशासन ने अब यहां की सुरक्षा और मर्यादा को लेकर कड़े कदम उठाए हैं।
Haridwar: क्या लिखा है बोर्डों पर

हरकी पैड़ी (Haridwar) और मालवीय द्वीप क्षेत्र में लगाए गए बोर्डों पर स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि अहिंदू यानी गैर हिंदुओं का प्रवेश पूरी तरह से निषेध है। यह निर्देश सख्ती से लागू किया जाएगा। बोर्डों में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह क्षेत्र हिंदू धर्म का पवित्र तीर्थस्थल है।
तीर्थस्थल की धार्मिक मर्यादा और पवित्रता को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं से अपेक्षा की जाती है कि वे नियमों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि यह कदम स्थानीय आस्था और परंपराओं के संरक्षण के लिए उठाया गया है ताकि घाट की गरिमा बनी रहे।
ड्रोन उड़ाने और रील बनाने पर भी प्रतिबंध
तीर्थस्थल की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए हरकी पैड़ी (Haridwar) और मालवीय द्वीप क्षेत्र में ड्रोन उड़ाना भी पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पिछले कुछ समय से कई लोग यहां ड्रोन से वीडियो शूटिंग कर रहे थे जो धार्मिक गरिमा के खिलाफ था। प्रशासन का कहना है कि ड्रोन से शूटिंग करने से श्रद्धालुओं की निजता भंग होती है।
साथ ही, सोशल मीडिया के लिए रील बनाना अब पूरी तरह वर्जित कर दिया गया है। कई युवा यहां आकर म्यूजिक के साथ डांस करते हुए या अजीबोगरीब हरकतें करते हुए रील बना रहे थे। यह गतिविधियां तीर्थस्थल की मर्यादा के खिलाफ थीं और श्रद्धालुओं को भी इससे परेशानी होती थी। जो लोग इसका उल्लंघन करेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
Haridwar: क्यों उठाया गया यह कदम?
प्रशासन और स्थानीय धार्मिक संगठनों का कहना है कि पिछले कुछ समय से हरकी पैड़ी (Haridwar) की पवित्रता और मर्यादा खतरे में थी। बड़ी संख्या में पर्यटक यहां सिर्फ घूमने-फिरने के उद्देश्य से आते थे। कुछ लोग अनुचित कपड़े पहनकर या नशे की हालत में भी यहां पहुंच जाते थे, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी।
सोशल मीडिया पर अभद्र रील बनाकर वायरल करने से हरकी पैड़ी की छवि खराब हो रही थी। इन सब समस्याओं को देखते हुए सख्त नियम बनाए गए हैं। अब यह स्थान केवल धार्मिक आस्था और पूजा-अर्चना के लिए सुरक्षित किया गया है। नियम तोड़ने वालों के ड्रोन जब्त किए जा सकते हैं और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
धार्मिक संगठनों की मांग और पहचान की प्रक्रिया
हरिद्वार (Haridwar) के कई धार्मिक संगठन और संत-महात्मा लंबे समय से यह मांग कर रहे थे कि हरकी पैड़ी की पवित्रता बनाए रखने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं। संतों का तर्क है कि जिस तरह अन्य धर्मों के पूजा स्थलों में प्रवेश के नियम होते हैं, उसी तरह हिंदू तीर्थों की भी अपनी मर्यादा होनी चाहिए।
अब सवाल यह है कि धार्मिक पहचान कैसे होगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने अभी तक स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं की है, लेकिन स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घाट पर तैनात सुरक्षाकर्मी और पंडे-पुजारी नजर रखेंगे। संदिग्ध लगने पर सवाल पूछे जा सकते हैं। बोर्ड लगाने से लोगों को एक स्पष्ट संदेश दे दिया गया है।
Haridwar: पर्यटन और कानूनी पहलू
इन नए नियमों से हरिद्वार (Haridwar) के पर्यटन उद्योग पर असर पड़ सकता है। हरकी पैड़ी मुख्य आकर्षण है और विदेशी पर्यटकों की संख्या घटने से होटल व अन्य व्यवसाय प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, धार्मिक संगठनों का कहना है कि आस्था व्यापार से ऊपर है और पवित्रता सबसे जरूरी है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह नियम अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) के तहत आ सकता है, लेकिन अनुच्छेद 15 के कारण यह विवादास्पद भी हो सकता है। जगन्नाथ पुरी जैसे कई अन्य मंदिरों में भी गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि यह नियम धरातल पर कितनी सख्ती से लागू हो पाता है।
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