‘सेवा तीर्थ’ से अब चलेगी सरकार: PM मोदी ने किया उद्घाटन, जानें क्या है खासियत और कैसे बदलेगा शासन का तरीका
PM मोदी ने किया उद्घाटन, साउथ ब्लॉक से हटा PMO, ₹1,189 करोड़ की लागत, एन्क्रिप्टेड-साइबर सुरक्षित
PMO Shift Seva Teerth: आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अपने ऐतिहासिक ठिकाने साउथ ब्लॉक से हटकर एक नई और अत्याधुनिक इमारत में शिफ्ट हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार दोपहर 1:30 बजे सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बने ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन-1 एवं 2’ का उद्घाटन किया। यह भारत की प्रशासनिक शासन संरचना में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
सेवा तीर्थ में अब प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय होंगे, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर थे। शाम 6 बजे पीएम मोदी ने सेवा तीर्थ में एक जनसभा को भी संबोधित किया।
सेवा तीर्थ: आधुनिकता और परंपरा का संगम
सेवा तीर्थ करीब 2.26 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ है और इसके निर्माण पर ₹1,189 करोड़ की लागत आई है।
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परिसर का ढांचा: यह परिसर तीन मुख्य इमारतों से बना है – सेवा तीर्थ-1 (PMO), सेवा तीर्थ-2 (कैबिनेट सचिवालय) और सेवा तीर्थ-3 (NSCS और NSA कार्यालय)।
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डिजाइन: पहली बार ये तीनों महत्वपूर्ण संस्थाएं एक ही परिसर में होंगी। इमारत की डिजाइन भारतीय वास्तुकला और आधुनिक जरूरतों का बेहतरीन मिश्रण है। इसे ओपन फ्लोर प्लान के साथ बनाया गया है ताकि अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल और पारदर्शिता बढ़े।
PMO Shift Seva Teerth: अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था और तकनीक
सेवा तीर्थ को देश की सबसे संवेदनशील और सुरक्षित इमारतों में से एक बनाया गया है:
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सुरक्षा: यह एन्क्रिप्टेड संचार प्रणालियों और उन्नत साइबर सुरक्षा नेटवर्क से लैस है। स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और बहु-स्तरीय सुरक्षा जांच इसमें शामिल है।
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निगरानी: AI-आधारित कैमरे और सेंसर किसी भी असामान्य गतिविधि का तुरंत पता लगा सकते हैं।
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भूकंप प्रतिरोधी: भारत के भूकंप संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण, इसे सबसे उच्च भूकंप प्रतिरोधी मानकों के अनुसार बनाया गया है।
कर्तव्य भवन 1 और 2: प्रमुख मंत्रालयों का नया घर
इन भवनों में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य और कृषि जैसे कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय स्थापित किए गए हैं।
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डिजिटल एकीकरण: सभी मंत्रालय एक दूसरे से डिजिटली जुड़े होंगे और सूचना का आदान-प्रदान तुरंत हो सकेगा।
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सार्वजनिक सुविधा: संरचित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाएं बनाई गई हैं ताकि आम नागरिक आसानी से मंत्रालयों से संपर्क कर सकें।
PMO Shift Seva Teerth: पर्यावरण अनुकूल और हरित भवन (Green Building)
परिसर को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है:
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ऊर्जा: नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां और सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं।
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जल संरक्षण: रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और वाटर रिसाइक्लिंग की व्यवस्था है।
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इन्सुलेशन: इमारतों में इन्सुलेशन इस तरह से किया गया है कि ऊर्जा की खपत कम हो और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
PMO Shift Seva Teerth: शासन में परिवर्तनकारी बदलाव और ऐतिहासिक शिफ्टिंग
1947 में आजादी के बाद से अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक में ही रहा है।
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जरूरत: साउथ और नॉर्थ ब्लॉक 1920-30 के दशक में बने थे और आधुनिक शासन की जरूरतों के लिए अपर्याप्त थे। बिखरे हुए कार्यालयों के कारण समन्वय में चुनौतियां आती थीं।
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प्रतीकात्मक बदलाव: यह बदलाव दर्शाता है कि भारत अपने औपनिवेशिक अतीत से आगे बढ़कर एक आधुनिक, आत्मनिर्भर राष्ट्र बन रहा है। ‘सेवा तीर्थ’ का नाम जन-केंद्रित शासन के विजन को प्रतिबिंबित करता है।
निष्कर्ष
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन का उद्घाटन भारत के प्रशासनिक इतिहास में एक नया अध्याय है। यह आधुनिक तकनीक, उन्नत सुरक्षा, पर्यावरण अनुकूलता और कुशल शासन का प्रतीक है। इन नए भवनों से सरकारी काम में तेजी आएगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
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