कूनो नेशनल पार्क में खुशखबरी, चीता गामिनी दूसरी बार बनी मां, तीन शावकों को दिया जन्म, भारत में चीतों की संख्या 38 हुई, प्रोजेक्ट चीता को बड़ी सफलता

गामिनी दूसरी बार बनी मां, भारत में चीतों की संख्या 38 हुई, प्रोजेक्ट चीता को मिली बड़ी सफलता

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MP News: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बुधवार 18 फरवरी 2026 को एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई चीता गामिनी ने तीन नए शावकों को जन्म दिया है। यह गामिनी का दूसरा प्रसव है जो भारत में चीता संरक्षण परियोजना की सफलता का एक और प्रमाण है। इन तीन नए शावकों के आगमन के साथ ही भारत में जन्मे जीवित चीता शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। देश में अब कुल चीतों की संख्या 38 तक पहुंच गई है जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

MP News: गामिनी का पहला प्रसव और दूसरी बार मां बनना

चीता गामिनी दक्षिण अफ्रीका से भारत लाए गए चीतों में से एक है:

  • प्रजनन का रिकॉर्ड: पहली बार उसने चार शावकों को जन्म दिया था। वे सभी शावक स्वस्थ और सुरक्षित हैं। अब दूसरी बार गामिनी ने तीन शावकों को जन्म दिया है।

  • अनुकूलन: यह साबित करता है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों के लिए उपयुक्त वातावरण, पर्याप्त भोजन और सुरक्षा मौजूद है।

  • निगरानी: गामिनी और उसके नवजात शावकों की सघन निगरानी की जा रही है। शावकों के जन्म के बाद पहले कुछ सप्ताह बेहद नाजुक होते हैं, इसलिए उनके आवास क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा रहा है।

MP News: भारत में चीतों का इतिहास और विलुप्ति

  • विलुप्ति का इतिहास: भारत में चीते कभी बड़ी संख्या में पाए जाते थे, लेकिन 1952 में इन्हें आधिकारिक तौर पर विलुप्त घोषित कर दिया गया। अंतिम तीन भारतीय चीतों का शिकार 1948 में मध्य प्रदेश के कोरिया जिले में हुआ था।

  • पारिस्थितिकी क्षति: चीते घास के मैदान पारिस्थितिकी तंत्र के शीर्ष शिकारी हैं और उनकी अनुपस्थिति ने पूरे तंत्र को प्रभावित किया था।

MP News: प्रोजेक्ट चीता, भारत में चीतों की वापसी

  • शुभारंभ: 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को कूनो में छोड़ा था।

  • लक्ष्य: इस परियोजना का उद्देश्य केवल चीतों को वापस लाना नहीं, बल्कि एक स्थायी आबादी स्थापित करना है।

  • सफलता: अब तक कुल 20 चीते विदेशों से लाए गए हैं और भारत में चीतों के नौ सफल प्रसव हो चुके हैं।

MP News: कूनो और गांधीसागर, चीतों के आवास

  • कूनो नेशनल पार्क: लगभग 750 वर्ग किलोमीटर में फैला यह उद्यान चीतों के लिए आदर्श है। यहाँ रेडियो कॉलर, ड्रोन और कैमरा ट्रैप के जरिए निगरानी की जाती है।

  • गांधीसागर अभयारण्य: जोखिम को विभाजित करने के लिए मंदसौर के गांधीसागर में भी तीन चीते रखे गए हैं।

MP News: भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां

  • नए चीते: भारत सरकार बोत्सवाना से आठ और चीते लाने की योजना बना रही है ताकि आनुवंशिक विविधता बढ़े।

  • स्थानीय समुदाय: वन विभाग मानव-पशु संघर्ष को कम करने के लिए स्थानीय समुदायों के साथ संवाद कर रहा है और क्षतिपूर्ति की व्यवस्था की गई है।

निष्कर्ष: गामिनी का दूसरी बार मां बनना और भारत में चीतों की संख्या का 38 तक पहुंचना वन्यजीव संरक्षण की एक बड़ी सफलता है। यह दिखाता है कि सही योजना और प्रयासों से विलुप्त प्रजातियों को भी वापस लाया जा सकता है।

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