Gold-Silver Rate 24 March 2026: एक दिन में सोना 9,050 रुपये सस्ता, चांदी 10,500 रुपये टूटी, 40 साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट, पश्चिम एशिया तनाव और डॉलर की मजबूती का असर, निवेशकों में हड़कंप
सोना ₹9,050 और चांदी ₹10,500 टूटी, 40 साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट से बाजार में हड़कंप
Gold-Silver Rate 24 March 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट देखी गई। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना एक ही दिन में 9,050 रुपये यानी लगभग 6 प्रतिशत टूटकर ₹1,43,600 प्रति 10 ग्राम पर आ गया जबकि पिछले शुक्रवार को यह ₹1,52,650 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली गिरावट चांदी में देखी गई जो 10,50सोना ₹9,050 प्रति 10 ग्राम गिरकर ₹1,43,600 पर पहुंच गया, जबकि चांदी ₹10,500 टूटकर ₹2,30,000 प्रति किलो हो गई।0 रुपये यानी 4.36 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ ₹2,30,000 प्रति किलोग्राम पर आ गई जबकि शुक्रवार को यह ₹2,40,500 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर सोना 227.42 डॉलर या 5.06 प्रतिशत टूटकर $4,263.73 प्रति औंस और चांदी 4.25 डॉलर या 6.3 प्रतिशत टूटकर $63.53 प्रति औंस रह गई।
पिछले सप्ताह सोने की कीमतों में 10 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई जो 40 साल से ज्यादा की सबसे खराब साप्ताहिक गिरावट है। इस गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, महंगाई की चिंता, कठोर मौद्रिक नीति की आशंका, अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि और डॉलर की मजबूती बताई जा रही है।
सोने और चांदी की कीमतों में आई ऐतिहासिक गिरावट ने पूरे सर्राफा बाजार में हड़कंप मचा दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं इस भारी गिरावट के कारण और प्रभाव।
आज 23 मार्च 2026 को सोने की कीमत
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार दिल्ली सर्राफा बाजार में आज रविवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में जबरदस्त गिरावट आई। सोना 9,050 रुपये प्रति 10 ग्राम यानी लगभग 6 प्रतिशत टूटकर ₹1,43,600 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह पिछले शुक्रवार 21 मार्च 2026 के मुकाबले बहुत बड़ी गिरावट है जब सोना ₹1,52,650 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। शनिवार को बाजार बंद होने के कारण दो दिनों का असर एक साथ दिखा। यह एक दिन में सोने की कीमत में आई सबसे बड़ी गिरावट में से एक है। निवेशकों और ज्वैलर्स को भारी नुकसान हुआ है।
जिन लोगों ने हाल ही में ऊंचे दामों पर सोना खरीदा था उन्हें सबसे ज्यादा झटका लगा है। 24 कैरेट सोने की कीमत भी इसी अनुपात में गिरी है। दिल्ली के अलावा मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और अन्य सभी प्रमुख शहरों में भी सोने की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई।
चांदी में और भी बड़ी गिरावट
चांदी की कीमतों में तो और भी बड़ी गिरावट आई। चांदी 10,500 रुपये प्रति किलोग्राम यानी 4.36 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ ₹2,30,000 प्रति किलोग्राम पर आ गई। पिछले शुक्रवार को चांदी ₹2,40,500 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। चांदी में प्रतिशत के हिसाब से गिरावट सोने से भी ज्यादा रही। चांदी एक industrial metal भी है जिसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य उद्योगों में होता है।
वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका से भी चांदी पर दबाव बना। चांदी के व्यापारियों और निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। जो लोग चांदी के सिक्के या बार में निवेश करते हैं उन्हें भी झटका लगा है। ज्वैलरी उद्योग में चांदी के गहनों की मांग पर भी असर पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारी गिरावट
भारतीय बाजार में आई गिरावट दरअसल अंतरराष्ट्रीय बाजार की गिरावट का प्रतिबिंब है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना (Spot Gold) 227.42 डॉलर यानी 5.06 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ $4,263.73 प्रति औंस रह गया। यह चार महीने का निचला स्तर है। पिछले हफ्ते शुक्रवार को सोना $4,491.15 प्रति औंस पर था। चांदी भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4.25 डॉलर यानी 6.3 प्रतिशत टूटकर $63.53 प्रति औंस रह गई।
पिछले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में 10 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई जो पिछले 40 साल से ज्यादा की सबसे खराब साप्ताहिक गिरावट है। यह 1983-84 के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है। COMEX पर भी सोना और चांदी के फ्यूचर्स में भारी गिरावट देखी गई।
गिरावट के मुख्य कारण: पश्चिम एशिया तनाव
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटी) सौमिल गांधी ने कहा कि कीमती धातुओं में पिछले सप्ताह की गिरावट आज और बढ़ गई। सोमवार को दिन के कारोबार के दौरान हाजिर सोना 4 महीने के निचले स्तर पर फिसल गया। उन्होंने तेज गिरावट के लिए पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को मुख्य कारण बताया। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें ऊंची हो गई हैं। Brent Crude $88-90 प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है।
ऊंचे तेल की कीमतों से महंगाई बढ़ने की चिंता पैदा हुई है। महंगाई बढ़ने की आशंका से केंद्रीय बैंकों विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा कठोर मौद्रिक नीति यानी ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है। कठोर मौद्रिक नीति की आशंका से निवेशक सोने-चांदी जैसी गैर-उपज देने वाली संपत्तियों से दूर हो गए हैं।
डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में वृद्धि
गांधी ने आगे कहा कि कठोर मौद्रिक नीति की संभावना ने अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल (US Treasury Yields) को बढ़ावा दिया और अमेरिकी डॉलर को मजबूत किया जिससे सोने और चांदी पर और दबाव बढ़ गया। 10 साल के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 4.5% से ऊपर चली गई है। जब बॉन्ड यील्ड बढ़ता है तो सोने में निवेश का आकर्षण कम हो जाता है क्योंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता। Dollar Index जो अमेरिकी डॉलर की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ताकत को मापता है, 104 के स्तर के पास पहुंच गया है। मजबूत डॉलर से डॉलर में मूल्यांकित सोना अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए महंगा हो जाता है जिससे मांग कम होती है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली बैठक अप्रैल में होनी है और बाजार को उम्मीद है कि Fed ब्याज दरों में कटौती को टाल सकता है या यहां तक कि दरें बढ़ा भी सकता है।
कमजोर घरेलू मांग भी एक कारण
भारतीय बाजार में सोने की मांग भी कमजोर रही है। अप्रैल में शादी का सीजन शुरू होने से पहले लोग ऊंचे दामों पर खरीदारी से बच रहे हैं। अक्षय तृतीया जो मई में है, उससे पहले लोग इंतजार कर रहे हैं कि दाम और गिर सकते हैं। इस कमजोर घरेलू मांग ने भी दामों पर दबाव बनाया है। रुपये की कमजोरी से भारत में सोने का आयात महंगा हो रहा है लेकिन फिर भी मांग कम रहने से दाम नहीं बढ़ पा रहे।
विशेषज्ञों की राय और बाजार विश्लेषण
मिराए एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह ने कहा कि बढ़ती ब्याज दर की उम्मीदों के कारण कीमतों पर असर पड़ने के चलते विदेशी बाजारों में हाजिर सोने में गिरावट जारी रही। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह सोने की कीमतों में 10 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई जो 40 साल से ज्यादा की सबसे खराब साप्ताहिक गिरावट है। कई अन्य विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो अस्थिरता जारी रह सकती है। कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि यह एक अच्छा मौका है लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना खरीदने का। हालांकि अल्पकालिक व्यापारियों को सावधान रहने की सलाह दी जा रही है।
सोना-चांदी की कीमतों की तुलनात्मक तालिका
| विवरण | पिछला भाव (21 मार्च) | आज का भाव (23 मार्च) | गिरावट | प्रतिशत गिरावट |
|---|---|---|---|---|
| सोना (10 ग्राम) | ₹1,52,650 | ₹1,43,600 | ₹9,050 | 5.93% |
| चांदी (1 किलो) | ₹2,40,500 | ₹2,30,000 | ₹10,500 | 4.36% |
| Spot Gold (औंस) | $4,491.15 | $4,263.73 | $227.42 | 5.06% |
| Spot Silver (औंस) | $67.78 | $63.53 | $4.25 | 6.27% |
Gold-Silver Rate 24 March 2026: निवेशकों पर असर और भविष्य का अनुमान
इस भारी गिरावट से सोने-चांदी में निवेश करने वाले लाखों निवेशकों को नुकसान हुआ है। जिन लोगों ने पिछले हफ्ते या महीने में ऊंचे दामों पर सोना खरीदा था उन्हें सबसे ज्यादा झटका लगा है। Gold ETF और सोने के म्यूचुअल फंड में भी गिरावट आई है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। सोना हमेशा से अस्थिर रहा है और समय के साथ अपनी वैल्यू recover करता है। अगले कुछ दिनों में अगर पश्चिम एशिया तनाव कम होता है और Fed की नीति स्पष्ट होती है तो बाजार में स्थिरता आ सकती है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सोना ₹1,40,000 के स्तर तक और गिर सकता है जबकि कुछ का कहना है कि ₹1,43,000-₹1,45,000 की रेंज में सपोर्ट मिल सकता है।
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