Gold-Silver Price: 11,000 रुपये की धमाकेदार उछाल  से चाँदी 2.79 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंची, सोना 1,64,700 रुपये प्रति 10 ग्राम, जानें क्यों बढ़ रहे हैं दाम

चांदी 11,000 रु उछली, सोना 1.64 लाख पार; जानें कीमतों में तेजी की बड़ी वजह

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Gold-Silver Price: बुधवार 11 मार्च 2026 को सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। मंगलवार को लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद चांदी ने जोरदार वापसी की और एक ही दिन में करीब 11,000 रुपये प्रति किलोग्राम उछल गई। सोने की कीमतों में भी मामूली बढ़त दर्ज हुई। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध, कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतें, अमेरिकी डॉलर में नरमी और चीन की लगातार सोने की खरीद, इन सब कारणों ने मिलकर कीमती धातुओं के बाजार को गर्म कर दिया है। आइए जानते हैं आज के ताजा भाव और बाजार की पूरी तस्वीर।

Gold-Silver Price: आज के सोना-चांदी के ताजा भाव

धातु आज का भाव बदलाव बदलाव (%)
सोना (99.9% शुद्ध) 1,64,700 रु/10 ग्राम +400 रुपये +0.24%
चांदी 2,79,000 रु/किलोग्राम +10,975 रुपये +4.09%

पिछले कुछ दिनों का सोने का भाव

तारीख भाव (रु/10 ग्राम) बदलाव
शनिवार-रविवार
सोमवार 9 मार्च 1,64,300 रुपये +200 रुपये
मंगलवार 10 मार्च 1,64,700 रुपये +400 रुपये

Gold-Silver Price: पिछले कुछ दिनों का चांदी का भाव

तारीख भाव (रु/किलोग्राम) बदलाव
सोमवार 9 मार्च 2,68,300 रुपये -3,400 रुपये (-1.3%)
मंगलवार 10 मार्च 2,79,275 रुपये +10,975 रुपये (+4.09%)

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी

धातु अंतरराष्ट्रीय भाव बदलाव
सोना (हाजिर) 5,172.86 डॉलर/औंस +लगभग 1%
चांदी (हाजिर) 88.33 डॉलर/औंस +1.38 डॉलर (+1.6%)

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी दोनों मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं। सोना 5,172 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बना हुआ है जो ऐतिहासिक रूप से बेहद ऊंचा स्तर है। चांदी भी 88 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गई है।

Gold-Silver Price: चांदी में इतनी तेजी क्यों?

चांदी की कीमत में एक ही दिन में लगभग 11,000 रुपये प्रति किलोग्राम की तेजी असाधारण है। इसके पीछे कई कारण हैं। सबसे पहला कारण है मध्य-पूर्व संकट। होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका और ईरान के बीच सीधा नौसैनिक टकराव शुरू हो गया है। इस युद्ध की वजह से निवेशकों में जबरदस्त अनिश्चितता का माहौल है और वे अपना पैसा सुरक्षित ठिकाने की तलाश में सोने-चांदी में लगा रहे हैं। दूसरा कारण है कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें। कच्चा तेल 110 डॉलर प्रति बैरल को पार कर चुका है जिससे महंगाई बढ़ने का डर गहरा हो गया है। महंगाई बढ़ने पर निवेशक सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश मानते हैं और इनकी मांग बढ़ जाती है।

तीसरा कारण है अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में कमजोरी। डॉलर इंडेक्स 15 हफ्तों के उच्चतम स्तर को छूने के बाद नीचे आया है। डॉलर कमजोर होने पर सोना-चांदी अन्य मुद्राओं में सस्ता हो जाता है जिससे इनकी मांग बढ़ती है। इसी तरह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी नरमी आई है जिससे सर्राफा बाजार को राहत मिली है। चौथा कारण है राष्ट्रपति ट्रंप का बयान जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया संघर्ष के संभावित समाधान की ओर इशारा किया। इससे बाजार में थोड़ी स्थिरता आने की उम्मीद जगी जिसका असर कीमतों पर दिखा।

चीन की सोने की खरीद – 16 महीने से जारी

सोने की कीमतों को समर्थन देने वाला एक और बड़ा कारण है पीपल्स बैंक ऑफ चाइना की लगातार खरीद। चीन के केंद्रीय बैंक ने फरवरी 2026 में लगातार 16वें महीने अपने सोने के भंडार में बढ़ोतरी की। जब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था वाला देश इस पैमाने पर सोना खरीदता है तो इससे वैश्विक मांग में जबरदस्त इजाफा होता है और कीमतें ऊंची बनी रहती हैं।

Gold-Silver Price: खरीदारों के लिए क्या है सही समय?

विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक माहौल में सोने-चांदी की कीमतों में जल्दी बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। जब तक मध्य-पूर्व में जंग जारी है, तेल महंगा है और वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है तब तक इन कीमती धातुओं में तेजी का रुख बना रह सकता है। जो लोग शादी-विवाह या त्योहार के लिए सोना-चांदी खरीदने का इरादा रखते हैं उन्हें बाजार की हर छोटी गिरावट पर खरीदारी करने की रणनीति अपनानी चाहिए क्योंकि लंबे समय में कीमतें ऊंची बने रहने के संकेत हैं। चैत्र नवरात्रि और अक्षय तृतीया के पहले मांग और बढ़ सकती है जो कीमतों को और ऊपर धकेल सकती है।

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