सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल, अमेरिका-ईरान तनाव से सोना ₹1,58,650 और चांदी ₹2,64,000 पर पहुंची, जानें एक्सपर्ट्स की राय

सोना 1,950 रुपये बढ़कर ₹1,58,650/10g, चांदी 18,000 रुपये उछलकर ₹2,64,000/kg; अमेरिका-ईरान तनाव से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी

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Gold-Silver Price: देश की राजधानी दिल्ली में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में सात प्रतिशत से अधिक की जोरदार उछाल दर्ज की गई। चांदी एक ही दिन में 18,000 रुपये उछलकर 2,64,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर जा पहुंची जबकि सोना भी 1,58,650 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई पर पहुंच गया। इस भारी उछाल की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में सोने-चांदी की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।

Gold-Silver Price: एक दिन में 18,000 रुपये उछली चांदी

स्थानीय बाजार के जानकारों के मुताबिक चांदी बुधवार के 2,46,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बंद स्तर से 18,000 रुपये यानी 7.32 प्रतिशत की छलांग लगाकर 2,64,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। यह उछाल सभी कर मिलाकर की कीमत है। चांदी में इतनी बड़ी एकदिवसीय बढ़ोतरी इस साल की सबसे बड़ी उछालों में से एक मानी जा रही है।

सोना भी 1,58,650 रुपये की ऊंचाई पर

99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,950 रुपये यानी 1.24 प्रतिशत बढ़कर 1,58,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले सत्र में यह 1,56,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोने की यह कीमत भी हाल के महीनों के उच्च स्तरों में से एक है।

Gold-Silver Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में तेजी का रुख देखा गया। हाजिर चांदी 1.03 प्रतिशत बढ़कर 77.97 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी जबकि सोना थोड़ा बढ़कर 4,991.24 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब है जो इसकी मजबूती को दर्शाता है।

एक्सपर्ट्स ने बताई तेजी की वजह

HDFC सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा कि ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की बढ़ती अटकलों के बीच भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ने के कारण सुरक्षित निवेश परिसंपत्तियों की मांग में नई लहर से सोने को समर्थन मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस-यूक्रेन के बीच नई बातचीत के विफल होने से भी वैश्विक अनिश्चितता फिर से बढ़ गई है जिससे निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों में अपना निवेश बढ़ा रहे हैं।

ऑगमोंट में शोध प्रमुख रेनिशा चैनानी ने कहा कि निवेशक अमेरिकी जीडीपी और व्यक्तिगत खपत खर्च मुद्रास्फीति आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं जो आने वाले महीनों में फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को आकार दे सकते हैं।

Gold-Silver Price: क्या खरीदारी का यह सही समय है?

सोने-चांदी में यह तेजी मुख्यतः भू-राजनीतिक अनिश्चितता से आई है। जब तक अमेरिका-ईरान तनाव बना रहेगा तब तक इन धातुओं में तेजी का रुख जारी रह सकता है। हालांकि निवेशकों को सलाह है कि वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखें और किसी भी निवेश निर्णय से पहले वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

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