Gold-Silver Price: सोना-चांदी में भारी गिरावट दर्ज, चांदी में आई 20,000 रुपये की कमी, सोना भी 6,000 रुपये हुआ सस्ता
MCX पर चांदी 3,80,181 रुपये प्रति किलो, सोना 1,77,710 रुपये प्रति 10 ग्राम पर; मुनाफावसूली, अंतरराष्ट्रीय दबाव और बजट में आयात शुल्क कटौती की उम्मीद से लुढ़की कीमतें
Gold-Silver Price: सर्राफा बाजार में गुरुवार को भूचाल आ गया जब एक ही झटके में कीमती धातुओं के भाव तेजी से लुढ़क गए। चांदी की कीमतों में 20,000 रुपये की गिरावट आई जबकि सोना भी 6,000 रुपये सस्ता हो गया। बजट 2026 से ठीक पहले आई इस अप्रत्याशित गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी है।
वायदा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव
भारतीय वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में शुक्रवार 30 जनवरी 2026 की सुबह साढ़े नौ बजे चांदी में 4.18 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई। चांदी का भाव पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में भारी गिरावट के साथ 3,80,181 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया। यह गिरावट इसलिए और चौंकाने वाली है क्योंकि महज एक दिन पहले ही चांदी ने 4 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर को पार किया था।
सोने की कीमतों में भी उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 3.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,77,710 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। पिछले कारोबारी दिन यही भाव 1.83 लाभ रुपये के करीब पहुंच गया था। यह तेज गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है जबकि खरीदारों को राहत मिली है।
Gold-Silver Price: मुनाफावसूली ने बिगाड़ा खेल

पिछले सात दिनों में चांदी की कीमतों में लगभग एक लाख रुपये की असाधारण तेजी देखी गई थी। इस तेजी के बाद आज निवेशकों और व्यापारियों ने ऊंचे स्तरों पर अपना मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया। यह मुनाफावसूली इतनी भारी रही कि कीमतें एक झटके में हजारों रुपये नीचे आ गईं। जानकारों का कहना है कि जब बाजार में इतनी तेज तेजी आती है तो निवेशक जोखिम कम करने के लिए मुनाफा बुक करना शुरू कर देते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का दबाव
घरेलू बाजार में आई इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारक भी जिम्मेदार हैं। अमेरिकी डॉलर में मजबूती आने से कीमती धातुओं पर दबाव बना है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना-चांदी जैसी वस्तुएं अन्य मुद्राओं में महंगी हो जाती हैं जिससे मांग घटती है। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है जो कीमती धातुओं के बाजार को प्रभावित कर रही है।
Gold-Silver Price: बजट में आयात शुल्क घटने की उम्मीद
एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 को लेकर बाजार में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। सूत्रों और विश्लेषकों के अनुसार सरकार सोने-चांदी पर आयात शुल्क में कमी कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो इन धातुओं की घरेलू कीमतें और नीचे आ सकती हैं। इस संभावना को ध्यान में रखते हुए व्यापारियों ने पहले से ही भारी बिकवाली शुरू कर दी है ताकि नुकसान से बचा जा सके।
खरीदारों के लिए सुनहरा अवसर
शादी-विवाह के सीजन में यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत की खबर है जो गहने खरीदने की योजना बना रहे थे। पिछले कुछ हफ्तों में सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों ने आम खरीदारों की जेब पर भारी बोझ डाला था। अब जब कीमतें नीचे आई हैं तो यह गहने खरीदने का उपयुक्त समय हो सकता है। खासकर शादी के गहने खरीदने वालों के लिए यह मौका फायदेमंद साबित हो सकता है।
Gold-Silver Price: विशेषज्ञों की सलाह
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बजट से पहले की यह अस्थिरता कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। उनका कहना है कि निवेशकों को जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। एक फरवरी को पेश होने वाले बजट भाषण का इंतजार करना समझदारी होगी क्योंकि कर और शुल्क संबंधी घोषणाएं कीमतों की अगली दिशा तय करेंगी।
विश्लेषकों के अनुसार यदि सरकार आयात शुल्क में कटौती करती है तो कीमतें और नीचे जा सकती हैं। ऐसे में अभी खरीदारी करने से बचना बेहतर होगा। लेकिन अगर बजट में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता है तो यह गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका हो सकती है।
निवेशकों के लिए सावधानी जरूरी
जो लोग निवेश के उद्देश्य से सोना-चांदी खरीदते हैं उनके लिए यह समय सावधानी का है। पिछले कुछ दिनों की तेजी में जिन लोगों ने खरीदारी की थी उन्हें नुकसान हो रहा है। विशेषज्ञों की सलाह है कि दीर्घकालिक निवेशकों को घबराना नहीं चाहिए क्योंकि लंबी अवधि में कीमती धातुएं अच्छा रिटर्न देती हैं।
हालांकि जो लोग अल्पकालिक लाभ के लिए निवेश करते हैं उन्हें बाजार की दिशा का सही आकलन करना जरूरी है। बजट के बाद की स्थिति स्पष्ट होने तक प्रतीक्षा करना उचित रहेगा।
Gold-Silver Price: आगे क्या होगा?
अभी यह कहना मुश्किल है कि यह गिरावट कितनी देर तक जारी रहेगी। बजट में की जाने वाली घोषणाएं बाजार की दिशा तय करेंगी। यदि आयात शुल्क में कमी होती है तो कीमतें और नीचे जा सकती हैं। वहीं अगर कोई राहत नहीं मिलती है तो बाजार में फिर से तेजी आ सकती है।
इस बीच व्यापारियों और निवेशकों की नजर वैश्विक बाजार पर भी टिकी हुई है। अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व की नीतियां भी कीमती धातुओं के बाजार को प्रभावित करती रहेंगी। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और हर कोई बजट का इंतजार कर रहा है।
Read More Here
चंद्रपुर में कांग्रेस पार्षदों के अपहरण की कोशिश, दर्जन भर से अधिक लोग हुए गिरफ्तार