Gold-Silver Price Crash: सोना-चांदी में भूचाल! एक ही दिन में चांदी ₹8500 तक लुढ़की, सोने में भी ₹1000 की गिरावट, जानिए अपने शहर का ताजा भाव

MCX पर चांदी 2.49% (₹6559/किलो) और सोना 0.60% (₹954/10 ग्राम) गिरा; दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,57,390

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Gold-Silver Price Crash: कीमती धातुओं के बाजार में गुरुवार का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए बेहद निराशाजनक रहा। सोने और चांदी दोनों में तगड़ी बिकवाली देखने को मिली, जिसमें एमसीएक्स पर सोने का भाव करीब 1000 रुपये और चांदी की कीमत 8500 रुपये तक नीचे आ गई। यह गिरावट सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रही बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं पर दबाव साफ दिखा। कोमेक्स पर सोना 0.27 फीसदी कमजोर होकर करीब 5087 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी में दो फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज हुई और यह 82 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती नजर आई। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सोना-चांदी इतनी तेजी से क्यों गिर रहे हैं और निवेशकों को अब क्या रणनीति अपनानी चाहिए।

एमसीएक्स पर सोने का क्या रहा हाल

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर गुरुवार को 2 अप्रैल 2026 डिलीवरी वाले सोने के अनुबंध में 0.60 फीसदी यानी लगभग 954 रुपये की गिरावट दर्ज की गई और भाव गिरकर 1,57,801 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,57,353 रुपये का निचला स्तर छुआ जबकि दिन का ऊपरी स्तर 1,58,747 रुपये रहा। बीते कारोबारी सत्र में यही सोना 1,58,755 रुपये पर बंद हुआ था, जिससे साफ है कि एक दिन में करीब एक हजार रुपये की सीधी कटौती हो गई।

लंबी अवधि वाले जून 2026 डिलीवरी के सोने के अनुबंध में भी नरमी का रुझान दिखा। इसमें 399 रुपये की मामूली गिरावट आई और भाव 1,61,300 रुपये प्रति दस ग्राम पर ठहर गया। हालांकि लंबी अवधि के अनुबंध में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही, जो बताता है कि बाजार में अभी भविष्य को लेकर पूरी तरह निराशा नहीं है।

Gold-Silver Price Crash: चांदी में आई भारी भरकम गिरावट, 8500 रुपये तक टूटी

अगर सोने में गिरावट चिंताजनक रही तो चांदी का हाल तो और भी बुरा रहा। एमसीएक्स पर 5 मार्च 2026 डिलीवरी वाला चांदी का अनुबंध शाम सात बजे तक 2.49 फीसदी यानी 6559 रुपये लुढ़ककर 2,56,459 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,54,526 रुपये का निचला स्तर देखा जबकि दिन का ऊपरी स्तर 2,62,775 रुपये रहा। बीते सत्र में चांदी 2,63,018 रुपये पर बंद हुई थी।

अगर बीते दिन के बंद भाव और आज के सबसे निचले स्तर की तुलना करें तो चांदी में एक दिन के भीतर 8492 रुपये प्रति किलोग्राम तक की जबरदस्त गिरावट दर्ज हुई। चांदी में यह कमी इसलिए भी ज्यादा चौंकाने वाली है क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में सफेद धातु में तेजी का रुख बना हुआ था और निवेशक इसमें मोटा मुनाफा कमा रहे थे।

आईबीजेए पर भी दिखा गिरावट का असर

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन यानी आईबीजेए के आंकड़ों में भी गुरुवार को कीमती धातुओं पर भारी दबाव दिखा। आईबीजेए के अनुसार 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव 1672 रुपये की गिरावट के साथ 1,55,650 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी में 7316 रुपये प्रति किलोग्राम की कमी दर्ज हुई और इसका भाव गिरकर 2,59,133 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। आईबीजेए के ये आंकड़े खुदरा बाजार में असली कारोबार की तस्वीर दिखाते हैं और ज्वैलर्स इन्हीं दरों के आधार पर ग्राहकों को सोना-चांदी बेचते हैं।

Gold-Silver Price Crash: आपके शहर में आज सोना-चांदी कितने का मिल रहा है?

देश के प्रमुख शहरों में गुरुवार को 24 कैरेट सोने और चांदी के ताजा खुदरा भाव इस प्रकार रहे। राजधानी दिल्ली में दस ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,57,390 रुपये रही जबकि चांदी 2,56,610 रुपये प्रति किलो पर बिकी। मुंबई में सोने का भाव 1,57,670 रुपये और चांदी 2,57,060 रुपये प्रति किलो रहा। बिहार की राजधानी पटना में सोना 1,57,580 रुपये और चांदी 2,56,920 रुपये पर कारोबार कर रही थी।

राजस्थान के जयपुर में दस ग्राम सोने का दाम 1,57,640 रुपये और चांदी 2,57,020 रुपये प्रति किलो रहा। उत्तर प्रदेश के कानपुर और लखनऊ में सोने का भाव 1,57,820 रुपये और चांदी 2,58,130 रुपये रहा। मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर में सोना 1,57,940 रुपये और चांदी 2,58,330 रुपये प्रति किलो पर बिकी। चंडीगढ़ में सोने की कीमत 1,57,780 रुपये और चांदी 2,58,060 रुपये रही जबकि रायपुर में सोना 1,57,720 रुपये और चांदी 2,57,960 रुपये पर कारोबार कर रही थी।

आखिर क्यों टूटे सोना-चांदी के भाव, तीन बड़ी वजहें?

कीमती धातुओं में इस अचानक गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। सबसे पहला कारण अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती है। जब डॉलर ताकतवर होता है तो सोना-चांदी जैसी डॉलर में कोट होने वाली कमोडिटीज अपेक्षाकृत महंगी हो जाती हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की मांग घटती है और कीमतों पर दबाव आता है।

दूसरा कारण है अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी। जब बॉन्ड यील्ड ऊपर जाती है तो निवेशक अपना पैसा सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्ति से निकालकर बॉन्ड में लगाना पसंद करते हैं, क्योंकि वहां निश्चित रिटर्न मिलता है। तीसरा और महत्वपूर्ण कारण है मुनाफा वसूली। सोने ने पिछले कई महीनों में ऐतिहासिक ऊंचाई छुई थी और चांदी भी अपने उच्चतम स्तरों के करीब पहुंच गई थी। ऐसे में कई बड़े निवेशकों और संस्थागत खरीदारों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा बुक करना शुरू किया, जिसने बिकवाली की लहर को और तेज कर दिया।

Gold-Silver Price Crash: क्या यह सही समय है सोना-चांदी खरीदने का?

यह सवाल हर उस व्यक्ति के मन में है जो कीमती धातुओं में निवेश करता है या करना चाहता है। बाजार विश्लेषकों की राय इस पर बंटी हुई है। एक वर्ग का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है और लंबी अवधि में सोने का रुझान तेजी का बना हुआ है, इसलिए मौजूदा गिरावट खरीदारी का अच्छा अवसर हो सकती है। दूसरा वर्ग कहता है कि जब तक वैश्विक स्तर पर डॉलर और बॉन्ड यील्ड का रुझान स्पष्ट नहीं होता, तब तक जल्दबाजी से बचना बेहतर है।

जो निवेशक लंबी अवधि के लिए सोने-चांदी में पैसा लगाना चाहते हैं, उनके लिए एसआईपी के जरिए गोल्ड या सिल्वर ईटीएफ में नियमित निवेश एक समझदारी भरी रणनीति हो सकती है। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव का औसत निकल जाता है और एक बार में पूरी रकम लगाने का जोखिम कम हो जाता है। हालांकि हर निवेशक को अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम सहने की क्षमता के अनुसार ही फैसला लेना चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।)

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