सोना-चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव, चांदी 5000 रुपये सस्ती, सोना 700 रुपये महंगा, जानें आज के ताजा भाव और निवेशकों ने क्यों किया मुनाफावसूली
चांदी 5000 रुपये सस्ती (2,50,000/किलो), सोना 700 रुपये महंगा (1,59,200/10 ग्राम)। मुनाफावसूली और डॉलर मजबूती से दबाव, PCE डेटा पर नजर।
Gold-Silver Price: कीमती धातुओं के बाजार में बड़ा उतार चढ़ाव देखने को मिला। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई जबकि सोने में हल्की तेजी आई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार चांदी की कीमत में एक ही दिन में 5000 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट आई है। चांदी जो शुक्रवार को सभी टैक्स सहित 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रही थी वह सोमवार को घटकर 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। यह लगभग 1.96 प्रतिशत की गिरावट है। विशेषज्ञों का कहना है कि सप्ताह की शुरुआत में चांदी में यह कमजोरी मुख्य रूप से निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के कारण आई है।
सप्ताहांत में चांदी में अच्छी तेजी देखी गई थी और कीमतें ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थीं। इसलिए सोमवार को कई निवेशकों ने अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए चांदी बेच दी जिससे कीमतों में गिरावट आई। दूसरी ओर सोने की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। 99.9 प्रतिशत शुद्ध सोना सभी टैक्स सहित 10 ग्राम पर 1,58,500 रुपये से बढ़कर 1,59,200 रुपये हो गया। यह 700 रुपये प्रति 10 ग्राम की वृद्धि है। हालांकि वैश्विक बाजार में सोने और चांदी दोनों में ही कमजोरी देखी गई। अमेरिकी डॉलर में मामूली मजबूती और खरीदारी की कमी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आर्थिक आंकड़ों और ब्याज दर संबंधी निर्णयों पर बाजार की नजर रहेगी जो कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
चांदी में भारी गिरावट का कारण
लेमॉन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने चांदी में आई गिरावट पर विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि चांदी में सप्ताह की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई क्योंकि निवेशकों ने सप्ताहांत में आई तेजी के बाद अपना मुनाफा बुक कर लिया। यह एक सामान्य बाजार प्रवृत्ति है। जब किसी कमोडिटी की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं तो निवेशक उच्च स्तर पर अपनी होल्डिंग्स बेचकर लाभ कमाना चाहते हैं। पिछले सप्ताह चांदी में अच्छी खरीदारी देखी गई थी जिससे कीमतें तेजी से ऊपर गई थीं। सोमवार को जब बाजार खुला तो कई निवेशकों ने लाभ कमाने के लिए अपनी चांदी की होल्डिंग्स बेच दीं। इससे बाजार में चांदी की आपूर्ति बढ़ गई और मांग कम हो गई जिसके परिणामस्वरूप कीमतों में गिरावट आई।
हालांकि गौरव गर्ग ने यह भी बताया कि कुछ सकारात्मक कारकों ने गिरावट को और अधिक होने से रोक दिया। इनमें केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने और चांदी की खरीदारी, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों में सुधार के बीच सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और कमजोर डॉलर इंडेक्स शामिल हैं। जब शेयर बाजार में अस्थिरता होती है तो निवेशक अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं में निवेश करते हैं। यही कारण है कि पूरी तरह से गिरावट नहीं आई।
Gold-Silver Price: सोने में मामूली तेजी लेकिन वैश्विक बाजार में कमजोरी
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने सोने की कीमतों पर अपना विश्लेषण साझा किया। उन्होंने बताया कि वैश्विक बाजार में सोमवार को सोना थोड़ी कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों पर दबाव का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर में मामूली रिकवरी है। जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है तो सोना महंगा हो जाता है क्योंकि सोना डॉलर में कारोबार होता है। डॉलर की मजबूती के कारण अन्य देशों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है जिससे मांग में कमी आती है।
इसके अलावा बाजार में खरीदारी की कमी भी कीमती धातुओं पर दबाव डाल रही है। कई निवेशक प्रतीक्षा कर रहे हैं कि आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े क्या संकेत देते हैं। हालांकि भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी देखी गई। यह मुख्य रूप से स्थानीय मांग के कारण है। भारत में सोने की मांग हमेशा अधिक रहती है विशेष रूप से शादी विवाह के सीजन में और त्योहारों के समय। सोमवार को भी आभूषण व्यापारियों और निवेशकों ने सोना खरीदा जिससे कीमतों में हल्की तेजी आई।
स्पॉट सोना और चांदी में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को कीमती धातुओं में गिरावट का रुझान रहा। स्पॉट चांदी लगभग 1 प्रतिशत गिरकर 76.94 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गई। यह पिछले सप्ताह की तुलना में काफी कम है। वैश्विक स्तर पर चांदी की मांग में कमी और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के कारण यह गिरावट आई। इसी तरह स्पॉट सोना भी 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,003.01 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। यह भी पिछले कुछ दिनों में देखी गई तेजी के बाद एक सामान्य सुधार है।
कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी कमोडिटी रिसर्च कयनात चैनवाल ने बताया कि व्यापारी और निवेशक अब महत्वपूर्ण मैक्रोइकोनॉमिक डेटा पर नजर रखे हुए हैं। आने वाले दिनों में कुछ बहुत महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हैं जो कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करेंगे। सबसे महत्वपूर्ण है अमेरिकी फेडरल रिजर्व का पीसीई प्राइस इंडेक्स जो 20 फरवरी को जारी होगा। यह महंगाई का एक प्रमुख संकेतक है। इसके आधार पर यह तय होगा कि फेडरल रिजर्व जून में ब्याज दरों में कटौती करेगा या नहीं। यदि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ती है तो सोने और चांदी की कीमतें बढ़ सकती हैं।
Gold-Silver Price: एफओएमसी मीटिंग और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े
कयनात चैनवाल ने आगे बताया कि पीसीई प्राइस इंडेक्स के अलावा कुछ अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े और घटनाएं भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। इनमें सबसे पहले एफओएमसी यानी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की मीटिंग के मिनट्स हैं। ये मिनट्स बताएंगे कि फेडरल रिजर्व के सदस्यों ने अपनी पिछली बैठक में ब्याज दरों और आर्थिक नीतियों पर क्या चर्चा की थी। इससे भविष्य की नीतिगत दिशा का संकेत मिलेगा। दूसरा महत्वपूर्ण डेटा है अमेरिका का दिसंबर का अग्रिम जीडीपी डेटा।
यह बताएगा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था कितनी तेजी से बढ़ रही है। मजबूत जीडीपी आंकड़े डॉलर को मजबूत कर सकते हैं जो सोने के लिए नकारात्मक होगा। तीसरा प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के फ्लैश पीएमआई रीडिंग्स भी महत्वपूर्ण होंगी। पीएमआई यानी परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों की स्थिति बताता है। ये सभी आंकड़े मिलकर वैश्विक आर्थिक स्थिति की तस्वीर पेश करेंगे और कीमती धातुओं की मांग को प्रभावित करेंगे।
एमसीएक्स पर सोने का भाव
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सोमवार को फ्यूचर ट्रेड में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी के रुझान के कारण एमसीएक्स पर भी दबाव बना रहा। अप्रैल डिलीवरी के लिए सोना 589 रुपये या 0.38 प्रतिशत गिरकर 1,55,306 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस कॉन्ट्रैक्ट में 7,695 लॉट का कारोबार हुआ। फ्यूचर ट्रेड वह होता है जिसमें निवेशक आने वाली तारीख के लिए कीमत तय करके खरीदारी या बिक्री करते हैं। एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में यह गिरावट दर्शाती है कि व्यापारी निकट भविष्य में सोने की कीमतों को लेकर सतर्क हैं। हालांकि भौतिक बाजार में यानी जहां वास्तविक सोना खरीदा बेचा जाता है वहां कीमतों में मामूली बढ़ोतरी रही जैसा कि ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के आंकड़ों से पता चलता है।
Gold-Silver Price: खरीदारी से पहले जानें ताजा भाव
जो लोग सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं उनके लिए यह सलाह दी जाती है कि वे खरीदारी से पहले ताजा भाव जरूर नोट करें। कीमती धातुओं की कीमतें रोज बदलती रहती हैं। कभी तेजी आती है तो कभी गिरावट। इसलिए बेहतर है कि खरीदारी से पहले उस दिन का भाव पता कर लें। सोमवार के भाव के अनुसार चांदी 2,50,000 रुपये प्रति किलो और सोना 1,59,200 रुपये प्रति 10 ग्राम है। यदि आप निवेश के उद्देश्य से खरीदारी कर रहे हैं तो बाजार विशेषज्ञों की सलाह लेना उचित रहेगा। वर्तमान में जो महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े आने वाले हैं उनके आधार पर कीमतों में और बदलाव आ सकता है।
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