Gold Price: अब बहुत ज्यादा सस्ता नहीं होगा सोना, कीमतों में गिरावट के साथ ही खरीदारी में आई तेजी बनेगी वजह

टाइटन MD अजय चावला: ग्राहक शेयर बाजार की तरह 'बाय द डिप' कर रहे, लंबा इंतजार छोड़ दिया, तनिष्क बिक्री बढ़ी

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Gold Price: सोने की कीमतों में हाल के दिनों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन इसका भारतीय खरीदारों पर कोई खास नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। बल्कि उल्टा, भारतीय ग्राहक अब सोने की कीमतों में गिरावट को खरीदारी के लिए सुनहरा मौका मान रहे हैं और तुरंत बाजार में प्रवेश कर रहे हैं। टाटा ग्रुप की कंपनी टाइटन के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय चावला ने कहा कि भारतीय ग्राहक अब बिल्कुल वैसे ही सोने की खरीदारी कर रहे हैं, जैसे शेयर बाजार में निवेशक शेयरों के दाम गिरने पर ‘बाय द डिप’ (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति अपनाते हैं। उन्होंने बताया कि पहले कई ग्राहक ऊंची कीमतों की वजह से सोना खरीदने में देरी करते थे क्योंकि वे दाम में बड़ी गिरावट और स्थिरता का इंतजार करते थे, लेकिन अब उनकी रणनीति में बड़ा बदलाव आया है।

Gold Price: शेयर बाजार की तरह ‘डिप’ पर खरीदारी कर रहे हैं ग्राहक

टाइटन के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय चावला ने कहा कि ग्राहकों ने अपनी सोना खरीदारी की रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब वे कीमत गिरने पर लंबे समय तक इंतजार करने के बजाय तुरंत खरीदारी करना शुरू कर देते हैं। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे शेयर बाजार में निवेशक किसी अच्छे शेयर की कीमत गिरने पर ‘बाय द डिप’ करते हैं।

चावला ने बताया, “लोगों ने लंबे समय तक इंतजार करने में नुकसान उठाया है। कई बार ऐसा हुआ कि लोग कीमत और गिरने का इंतजार करते रहे और कीमत फिर से बढ़ गई। इसलिए अब वे हर गिरावट का फायदा उठाकर सोने की खरीदारी कर रहे हैं, बिल्कुल वैसे ही जैसे शेयर बाजार में करते हैं।”

उन्होंने माना कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन इसके बावजूद मांग मजबूत बनी हुई है। यह भारतीय ग्राहकों की सोने के प्रति गहरी आस्था और इसे निवेश के रूप में देखने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।

जो पिछड़ गए, अब वे भी खरीदने आएंगे

चावला ने आगे कहा, “ग्राहक इसमें हिस्सा लेने की कोशिश करेंगे। जो लोग पिछड़ गए, वे अब खरीदने आएंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ट्रेंड लोगों की सोने के प्रति मजबूत रुचि और विश्वास का संकेत है।

दरअसल, पिछले कुछ महीनों में सोने की कीमतें काफी ऊंचाई पर पहुंच गई थीं, जिसकी वजह से कई खरीदार किनारे पर खड़े होकर देख रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि कीमतें गिरेंगी और तब वे खरीदारी करेंगे। लेकिन जब कीमतें और बढ़ती गईं, तो उन्हें नुकसान का अहसास हुआ। अब जब भी कीमतों में थोड़ी भी गिरावट आती है, ये खरीदार तुरंत बाजार में आ जाते हैं क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं यह मौका फिर हाथ से न निकल जाए।

Gold Price: टाइटन के ज्यूलरी बिजनेस को मिल रहा फायदा

टाइटन की ज्यूलरी बिजनेस यूनिट को ग्राहकों के इस नए ट्रेंड से काफी फायदा मिल रहा है। टाइटन के ज्यूलरी बिजनेस में तनिष्क एक प्रमुख और लोकप्रिय ब्रांड है जो भारत में सोने के आभूषणों की सबसे बड़ी रिटेलर्स में से एक है।

ग्राहकों की इस बदली हुई खरीदारी की आदत से तनिष्क को अच्छी बिक्री देखने को मिल रही है। जब भी सोने की कीमतों में गिरावट आती है, तनिष्क के शोरूम में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। यह ट्रेंड कंपनी के लिए सकारात्मक है क्योंकि यह नियमित मांग को बनाए रखने में मदद करता है।

सोने की कीमतों में हाल का उतार-चढ़ाव

सोने की कीमतों में फरवरी 2026 की शुरुआत में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। 10 ग्राम सोने की कीमतें करीब 1.61 लाख रुपये तक पहुंच गई थीं, जो एक रिकॉर्ड ऊंचाई थी। लेकिन फिर वैश्विक संकेतों, डॉलर की मजबूती और मुनाफा वसूली के कारण हाल के दिनों में कीमतों में गिरावट आई।

यह गिरावट कई कारणों से हुई:

  • अमेरिकी डॉलर में मजबूती

  • वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता में वृद्धि

  • भू-राजनीतिक तनाव में कमी

  • निवेशकों द्वारा मुनाफा वसूली

हालांकि यह गिरावट अस्थायी मानी जा रही है और विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक रुझान अभी भी सोने के पक्ष में है।

Gold Price: अब और ज्यादा गिरावट की गुंजाइश नहीं

चावला के अनुसार, कई लोग जिन्होंने साल के पहले 6 महीनों में सोने की खरीद में देरी की थी, उन्होंने त्योहारी और शादी के सीजन से पहले सोना खरीदना शुरू कर दिया है क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि कीमतें अब और ज्यादा नहीं गिरेंगी।

बाजार विशेषज्ञों का भी मानना है कि सोने की कीमतों में अब बहुत ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है। कई कारण हैं:

  1. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता: दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है, जो सोने की मांग को बनाए रखती है।

  2. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने भंडार में सोना बढ़ा रहे हैं।

  3. मुद्रास्फीति: मुद्रास्फीति की चिंताएं सोने को आकर्षक निवेश बनाती हैं।

  4. भारतीय मांग: भारत में आगामी शादी सीजन और त्योहारों की वजह से मांग मजबूत रहने की उम्मीद है।

  5. तकनीकी समर्थन स्तर: तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, सोने की कीमतों को कुछ महत्वपूर्ण समर्थन स्तर मिल रहे हैं।

भारतीय ग्राहकों का सोने से गहरा नाता

भारतीय संस्कृति में सोने का विशेष महत्व है। यह केवल निवेश का साधन नहीं, बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक मूल्य भी रखता है। शादी-विवाह, त्योहार और अन्य शुभ अवसरों पर सोने की खरीदारी एक परंपरा है।

इसके अलावा, भारतीय ग्राहक सोने को:

  • सुरक्षित निवेश मानते हैं

  • मुश्किल समय के लिए बचत का जरिया समझते हैं

  • पारिवारिक विरासत के रूप में संजोते हैं

  • सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक मानते हैं

यही कारण है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में सोने की मांग कभी कम नहीं होती।

Gold Price: निष्कर्ष

टाइटन के MD अजय चावला की टिप्पणियां भारतीय सोना बाजार की बदलती गतिशीलता को दर्शाती हैं। ग्राहक अब ज्यादा सजग और रणनीतिक हो गए हैं। वे शेयर बाजार के निवेशकों की तरह ‘गिरावट पर खरीदारी’ की रणनीति अपना रहे हैं।

यह ट्रेंड सोना रिटेलर्स के लिए सकारात्मक है क्योंकि यह नियमित मांग सुनिश्चित करता है। साथ ही, यह भारतीय ग्राहकों की सोने के प्रति अटूट आस्था को भी दर्शाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में, खासकर शादी और त्योहारी सीजन के दौरान, सोने की मांग और मजबूत हो सकती है। इसलिए जो लोग सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें मौजूदा कीमतों पर खरीदारी करने पर विचार करना चाहिए क्योंकि आगे बहुत ज्यादा गिरावट की संभावना कम दिख रही है।

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