12 फरवरी को भारत बंद का बैंक, स्कूल और बाजारों पर क्या होगा असर? जानें पूरी जानकारी

ट्रेड यूनियनों ने बुलाया देशव्यापी हड़ताल, चार श्रम संहिताओं का विरोध, SBI और IDBI ने दी चेतावनी

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February 12 Bharat Bandh: 12 फरवरी 2026 यानी बुधवार को देश भर में केंद्रीय व्यापार संघों और किसान संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है। यह हड़ताल मुख्य रूप से केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिताओं के विरोध में बुलाई गई है, जिन्हें श्रमिक संगठन श्रमिकों के अधिकारों के लिए हानिकारक मानते हैं। इस देशव्यापी हड़ताल के कारण कई राज्यों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सरकारी कार्यालयों, परिवहन सेवाओं और बाजारों के प्रभावित होने की संभावना है।

ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और बैंक एम्प्लॉइज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) जैसे प्रमुख बैंक कर्मचारी संघों ने अपने सदस्यों से हड़ताल में भाग लेने का आग्रह किया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और IDBI बैंक ने पहले ही अपने ग्राहकों को चेतावनी दी है कि बुधवार को सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर कुछ राज्यों में स्कूल और कॉलेज भी बंद रह सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस भारत बंद के दौरान क्या-क्या प्रभावित होगा और आम जनता को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

भारत बंद क्यों बुलाया गया है?

यह हड़ताल मुख्य रूप से केंद्र सरकार द्वारा पिछले वर्ष लागू की गई चार श्रम संहिताओं के विरोध में है। ये चार संहिताएं 29 पुराने श्रम कानूनों को समेकित करके बनाई गई हैं। श्रमिक संघों का आरोप है कि ये नई संहिताएं श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करती हैं। उनका कहना है कि इन संहिताओं से नौकरी की सुरक्षा कम हो गई है और श्रमिकों की स्थिति कमजोर हुई है।

यूनियनों का कहना है कि नई संहिताओं के तहत नियोक्ताओं के लिए कर्मचारियों को नियुक्त करना और निकालना आसान हो गया है। यह श्रमिकों के लिए बेहद असुरक्षित स्थिति है। संगठनों ने निजीकरण की सरकारी नीतियों, वेतन संबंधी मुद्दों और सामाजिक सुरक्षा की कमी पर भी गंभीर चिंता जताई है। वे मानते हैं कि ये नीतियां श्रमिकों के हितों के खिलाफ हैं।

किसान संगठनों ने भी इस हड़ताल को पूर्ण समर्थन दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) जैसे प्रमुख संगठन इस बंद में शामिल हैं। यूनियनों के अनुसार, अधिकांश क्षेत्रों और उद्योगों में हड़ताल के नोटिस जारी कर दिए गए हैं और बंद की तैयारियां जोरों पर हैं।

February 12 Bharat Bandh: ट्रेड यूनियनों की प्रमुख मांगें

हड़ताल में भाग लेने वाले संगठनों ने केंद्र सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं। सबसे पहली और महत्वपूर्ण मांग है चारों श्रम संहिताओं और इनसे संबंधित नियमों को पूरी तरह से रद्द करना। संगठन विवादास्पद बीज विधेयक के मसौदे को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह विधेयक किसानों के हितों के खिलाफ है और बीज बाजार में कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ाएगा।

विद्युत संशोधन विधेयक को भी वापस लेने की मांग की गई है। यूनियनों को डर है कि यह विद्युत क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देगा। भारत के रूपांतरण के लिए परमाणु ऊर्जा के सतत दोहन और विकास (शांति) अधिनियम को भी वापस लेने की मांग की जा रही है।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) को पूर्ववत करने की मांग भी प्रमुख है। संगठनों का कहना है कि यह योजना ग्रामीण रोजगार की रीढ़ थी। विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2 को रद्द करने की भी मांग की गई है। यूनियनों का कहना है कि यह MGNREGA का कमजोर विकल्प है।

बैंकों पर क्या होगा प्रभाव?

12 फरवरी को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित होने की संभावना है। प्रमुख बैंक कर्मचारी संघों ने अपने सदस्यों से हड़ताल में शामिल होने का आग्रह किया है। AIBEA, AIBOA और BEFI जैसे बड़े संगठनों ने पहले ही हड़ताल में भागीदारी की घोषणा कर दी है। ये संगठन देश भर के लाखों बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने मंगलवार को आधिकारिक बयान जारी कर अपने ग्राहकों को चेतावनी दी है। बैंक ने कहा कि 12 फरवरी को देशव्यापी बैंक हड़ताल के कारण सेवाएं कुछ हद तक प्रभावित हो सकती हैं। IDBI बैंक ने भी बैंक संघों से आधिकारिक हड़ताल सूचना प्राप्त करने की पुष्टि की है। बैंक ने अपने ग्राहकों को इस बारे में सूचित किया है।

हालांकि, न तो बैंकों और न ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 12 फरवरी को बैंक अवकाश घोषित किया है। इसका मतलब है कि तकनीकी रूप से बैंक खुले रहने चाहिए। लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल में भागीदारी के कारण बैंक शाखाओं में काम-काज सीमित या न्यूनतम हो सकता है। प्रबंधन कर्मचारियों के सहारे सीमित सेवाएं दी जा सकती हैं।

February 12 Bharat Bandh: ग्राहकों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है?

बैंक हड़ताल के कारण ग्राहकों को कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है। शाखा सेवाएं सबसे अधिक प्रभावित होंगी। कई शाखाओं में सीमित स्टाफ या बिल्कुल भी स्टाफ उपलब्ध नहीं हो सकता।

चेक क्लियरेंस में देरी हो सकती है। यदि आपने कोई चेक जमा किया है तो उसकी प्रोसेसिंग में विलंब हो सकता है। जमा और निकासी की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। कैश काउंटर बंद रह सकते हैं या सीमित समय के लिए खुल सकते हैं।

लोन वितरण, खाता खोलना, केवाईसी अपडेट जैसे कार्य भी स्थगित हो सकते हैं। यदि आपका कोई जरूरी काम है तो बेहतर होगा कि आप इसे टाल दें। अच्छी बात यह है कि ऑनलाइन बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। ये स्वचालित सिस्टम हैं जो हड़ताल से प्रभावित नहीं होते।

ATM सेवाएं भी जारी रहेंगी। हालांकि, यदि किसी ATM में कैश खत्म हो जाए तो उसे फिर से भरने में देरी हो सकती है।

स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे या खुले?

देशव्यापी स्तर पर स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यह निर्णय राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन पर निर्भर करेगा। केरल, कर्नाटक और ओडिशा जैसे कुछ राज्यों में जहां ट्रेड यूनियन मजबूत हैं और हड़ताल का प्रभाव अधिक होने की संभावना है, वहां शैक्षणिक संस्थान बंद रह सकते हैं।

यदि स्थानीय संगठन बंद का समर्थन करते हैं या परिवहन सेवाएं बाधित होती हैं, तो प्रशासन सुरक्षा कारणों से स्कूल-कॉलेज बंद रखने का निर्णय ले सकता है। कुछ शैक्षणिक संस्थान स्वयं भी सावधानी बरतते हुए छुट्टी घोषित कर सकते हैं, खासकर यदि स्टाफ और छात्रों की उपस्थिति कम होने की आशंका हो।

अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने-अपने स्कूलों और कॉलेजों से जारी आधिकारिक सूचनाओं को नियमित रूप से देखें। संस्थानों की वेबसाइट, SMS या व्हाट्सऐप ग्रुप पर अपडेट मिल सकते हैं। यदि कोई स्पष्ट सूचना नहीं मिलती है तो बेहतर होगा कि आप संस्थान से फोन पर संपर्क करके पुष्टि कर लें।

February 12 Bharat Bandh: परिवहन सेवाओं पर प्रभाव

सार्वजनिक परिवहन सेवाएं इस हड़ताल से काफी प्रभावित हो सकती हैं। कई राज्यों में सड़क परिवहन कर्मचारी यूनियनें भी हड़ताल में शामिल हो सकती हैं। बस सेवाओं में व्यवधान हो सकता है। राज्य परिवहन निगम की बसें पूरी तरह से बंद रह सकती हैं या सीमित सेवा दे सकती हैं।

विरोध प्रदर्शनों और संभावित “चक्का जाम” के कारण सड़कों पर यातायात बाधित हो सकता है। कुछ राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति बन सकती हैं। ऑटो-रिक्शा और टैक्सी सेवाएं भी सीमित हो सकती हैं। कुछ चालक हड़ताल के समर्थन में अपने वाहन नहीं चलाएंगे।

हालांकि, मेट्रो रेल सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहने की संभावना है क्योंकि ये सरकारी नियंत्रण में हैं और आवश्यक सेवा मानी जाती हैं।

बाजार और व्यापार पर असर

विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित क्षेत्रों में बाजार और दुकानें बंद रह सकती हैं। व्यापारी संगठन कई जगह बंद का समर्थन कर सकते हैं। थोक बाजार विशेष रूप से प्रभावित हो सकते हैं। सब्जी मंडी, फल मंडी और अन्य थोक बाजार बंद रह सकते हैं या सीमित समय के लिए खुल सकते हैं।

खुदरा दुकानें स्थानीय स्थिति के अनुसार निर्णय लेंगी। कुछ दुकानदार सुरक्षा कारणों से अपनी दुकानें बंद रख सकते हैं। मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी प्रभावित हो सकते हैं, खासकर यदि परिवहन सेवाएं बाधित हों तो ग्राहकों की आवाजाही कम होगी।

February 12 Bharat Bandh: सरकारी कार्यालय और आवश्यक सेवाएं

कई राज्यों में सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम हो सकती है। कर्मचारी संगठनों के सदस्य हड़ताल में भाग लेंगे। गैर-आवश्यक सरकारी कार्यालय आंशिक रूप से बंद हो सकते हैं या सीमित काम-काज कर सकते हैं। यदि आपका कोई जरूरी सरकारी काम है तो बेहतर होगा कि उसे टाल दें।

हालांकि, अस्पतालों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। ये सेवाएं किसी भी हड़ताल से छूट प्राप्त होती हैं। पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य आवश्यक सुरक्षा सेवाएं भी पूरी तरह कार्यरत रहेंगी।

हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन भी चालू रहने की संभावना है। हालांकि, यात्रियों को यातायात बाधित होने की स्थिति में जल्दी निकलने की सलाह दी जाती है।

आम जनता के लिए सुझाव

यदि संभव हो तो 12 फरवरी को अनावश्यक यात्रा से बचें। घर से काम करने का विकल्प चुनें यदि आपका नियोक्ता अनुमति दे। बैंकिंग कार्यों के लिए ऑनलाइन बैंकिंग और मोबाइल ऐप का उपयोग करें। शाखा जाने की बजाय डिजिटल माध्यम अपनाएं।

यदि कैश की जरूरत है तो पहले से ATM से निकाल लें। हड़ताल के दिन ATM में भीड़ हो सकती है या कैश खत्म हो सकता है। स्कूल-कॉलेज की स्थिति की पुष्टि कर लें। अपने बच्चे को स्कूल भेजने से पहले संस्थान से संपर्क करें।

February 12 Bharat Bandh: निष्कर्ष

12 फरवरी 2026 को होने वाला भारत बंद चार श्रम संहिताओं के विरोध में एक महत्वपूर्ण विरोध प्रदर्शन है। बैंक, परिवहन, बाजार और कुछ शैक्षणिक संस्थान प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि आपातकालीन सेवाएं सामान्य रहेंगी। आम जनता को डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

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