EU-India FTA: ऑस्ट्रिया ने बताया “सभी डील्स की मां”, 200 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा, कारोबार, AI और सप्लाई चेन के खुलेंगे नए दरवाजे

ऑस्ट्रिया ने कहा "सभी डील्स की मां", 200 करोड़ लोगों को फायदा; व्यापार, AI और सप्लाई चेन में नए दरवाजे, 96.6% EU-99.5% भारत उत्पादों पर शुल्क खत्म

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EU-India FTA: यूरोपीय संघ यानी EU और भारत के बीच होने वाला ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA इस सप्ताह एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलरी में स्टेट सेक्रेटरी एलेक्जेंडर प्रोल ने इस समझौते को “सभी डील्स की मां” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मजबूत वैश्विक सप्लाई चेन के क्षेत्र में दोनों पक्षों के लिए असीमित संभावनाओं के दरवाजे खोलेगा।

प्रोल ने यह भी कहा कि इस समझौते के लागू होने पर लगभग 200 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुंचेगा और दुनिया के सबसे बड़े फ्री ट्रेड जोन में से एक का निर्माण होगा। यह समझौता वर्तमान वैश्विक व्यापार तनाव के बीच आर्थिक सहयोग की एक नई और उज्जवल तस्वीर पेश करता है।

EU-India FTA: पीएम मोदी के ऑस्ट्रिया दौरे से मिली नई दिशा

एलेक्जेंडर प्रोल ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2024 में ऑस्ट्रिया के ऐतिहासिक दौरे पर गए थे। यह दौरा दोनों देशों के बीच 75 साल से अधिक लंबे राजनयिक संबंधों की मजबूती का प्रतीक था। इसी दौरे के बाद EU और भारत के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति की राह प्रशस्त हुई।

प्रोल ने इस समझौते को यूरोपीय संघ और भारत दोनों के लिए एक “विन-विन स्थिति” बताया यानी यह दोनों पक्षों के लिए समान रूप से लाभकारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समझौता किसी एक देश के हित में नहीं बल्कि आपसी लाभ और सहयोग की भावना पर आधारित है।

शुल्क में भारी कमी से खुलेंगे व्यापार के नए रास्ते

EU-India FTA के सबसे महत्वपूर्ण प्रावधानों की बात करें तो इस समझौते के लागू होने पर यूरोपीय संघ से भारत को जाने वाले 96.6 प्रतिशत उत्पादों पर आयात शुल्क या तो पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा या फिर उसमें भारी कटौती की जाएगी। इसी तरह भारत से यूरोपीय संघ को निर्यात होने वाले 99.5 प्रतिशत उत्पादों पर भी शुल्क में कमी आएगी या वह शून्य हो जाएगा। यह प्रावधान दोनों दिशाओं में व्यापार को अभूतपूर्व गति देगा। भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी जबकि यूरोपीय कंपनियों को भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार तक आसान प्रवेश का मौका मिलेगा।

EU-India FTA: AI के क्षेत्र में होगा ऐतिहासिक सहयोग

एलेक्जेंडर प्रोल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को EU-India साझेदारी का भविष्य का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि AI को मानव-केंद्रित होना चाहिए। इसका मतलब है कि तकनीक को इंसानों की सेवा करनी चाहिए न कि इंसान तकनीक के गुलाम बनें। उन्होंने कहा कि ऐसा AI विकसित किया जाना चाहिए जो लोकतंत्र की रक्षा करे और नवाचार को बढ़ावा दे।

भारत और यूरोप दोनों AI के क्षेत्र में अग्रणी हैं और इस समझौते के जरिए दोनों एक-दूसरे के अनुभव और विशेषज्ञता से सीख सकते हैं। डिजिटल अर्थव्यवस्था के इस दौर में AI सहयोग इस FTA को और भी अधिक महत्वपूर्ण बना देता है।

वैश्विक सप्लाई चेन होगी और मजबूत

प्रोल ने यह भी कहा कि इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का मूल उद्देश्य देशों के बीच आर्थिक अलगाव नहीं बल्कि परस्पर निर्भरता को बढ़ाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अलगाव की नीति नहीं है बल्कि दोनों पक्षों के बीच निर्भरताओं को गहरा करने और देशों को आर्थिक रूप से एक-दूसरे के करीब लाने का एक सुविचारित प्रयास है।

इस समझौते से वैश्विक सप्लाई चेन को नई मजबूती मिलेगी। खासकर उन क्षेत्रों में जहां भारत और यूरोप के बीच पूरकता है जैसे फार्मास्यूटिकल्स, आईटी सेवाएं, ऑटोमोबाइल, कृषि उत्पाद और कपड़ा उद्योग।

EU-India FTA: कब होगा लागू और क्या है प्रक्रिया

EU-India FTA अभी अपने अंतिम चरण में है। इसे यूरोपीय संसद की औपचारिक मंजूरी मिलनी अभी बाकी है और इसके साथ ही भारत की घरेलू विधायी प्रक्रियाओं से भी इसे स्वीकृति लेनी होगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह समझौता अगले कुछ महीनों से लेकर एक वर्ष के भीतर पूरी तरह लागू हो सकता है। जब भी यह लागू होगा तब यह भारत और यूरोप दोनों के व्यापार, निवेश और आर्थिक विकास की तस्वीर बदलने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

EU-India FTA ऐसे समय में आ रहा है जब अमेरिकी टैरिफ नीतियों के कारण वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ रही है। ऐसे माहौल में भारत और यूरोप का यह ऐतिहासिक व्यापारिक समझौता दुनिया को एक नई और सकारात्मक दिशा दिखाता है।

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