EPFO Big Update,- 1000 रुपये तक के बैलेंस वाले निष्क्रिय खातों का होगा ऑटो-सेटलमेंट! 1.33 लाख अकाउंट से सीधे बैंक में आएगा पैसा, EPF ब्याज दर भी रहेगी 8.25%
EPFO ने 1.33 लाख निष्क्रिय खातों (1000 रुपये तक) का ऑटो-सेटलमेंट शुरू किया, पैसा सीधे बैंक में आएगा
EPFO Update: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर का ऐलान किया है। EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड यानी Central Board of Trustees ने निष्क्रिय खातों यानी इनऑपरेटिव अकाउंट्स को लेकर एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण सुधार को मंजूरी दे दी है। बोर्ड ने फैसला लिया है कि जिन EPFO खातों में 1,000 रुपये या उससे कम की बची हुई राशि है और वे लंबे समय से निष्क्रिय पड़े हैं उनके लिए एक पायलट परियोजना शुरू की जाएगी।
EPFO Update: क्या है EPFO का ऑटो-सेटलमेंट प्लान
EPFO के इस ऑटो-सेटलमेंट पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में 1.33 लाख से अधिक निष्क्रिय EPFO खातों को शामिल किया जाएगा। इन खातों में कुल मिलाकर लगभग 5.68 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा है। इस योजना के अंतर्गत इन सभी खातों में जमा राशि को सीधे उन बैंक खातों में भेजा जाएगा जो आधार और EPFO से लिंक हैं। इसके लिए न तो नया दावा करने की जरूरत होगी और न ही कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने होंगे। यह पूरी प्रक्रिया स्वतः यानी अपने आप पूरी हो जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों के आधार पर इस योजना को अधिक बड़े बैलेंस वाले निष्क्रिय खातों तक भी विस्तारित करने की योजना है।
EPFO Update: निष्क्रिय EPFO खाते क्यों बनते हैं और कितने हैं
निष्क्रिय EPFO खाते यानी इनऑपरेटिव अकाउंट्स तब बनते हैं जब कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है या एक कंपनी से दूसरी कंपनी में जाता है और अपने पुराने PF खाते को नए खाते से ट्रांसफर नहीं करता। इसके अलावा कई बार कर्मचारियों को अपने PF खाते में जमा छोटी-छोटी राशियों की जानकारी ही नहीं होती। ऐसे में ये राशियां वर्षों तक निष्क्रिय खातों में पड़ी रहती हैं। EPFO के पास देश भर में ऐसे लाखों निष्क्रिय खाते हैं जिनमें छोटी-छोटी राशियां जमा हैं। नई ऑटो-सेटलमेंट योजना इसी समस्या का समाधान करेगी और सदस्यों को कागजी कार्रवाई के बोझ से मुक्त करेगी।
EPFO Update: किसे मिलेगा इस योजना का लाभ
इस ऑटो-सेटलमेंट योजना का लाभ उन EPFO सदस्यों को मिलेगा जिनके पुराने या निष्क्रिय EPFO खातों में 1,000 रुपये या उससे कम की राशि बची हुई है और जिनका बैंक खाता आधार से लिंक है। लाभ पाने के लिए यह जरूरी है कि सदस्य का बैंक खाता EPFO के रिकॉर्ड में अपडेट हो और आधार से जुड़ा हो। जिन सदस्यों का बैंक खाता EPFO से लिंक नहीं है उन्हें पहले अपना UAN यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिव कराना होगा और बैंक खाते को आधार से लिंक करना होगा। यह काम EPFO के ऑनलाइन पोर्टल epfindia.gov.in पर आसानी से किया जा सकता है।
EPF ब्याज दर 2025-26: लगातार दूसरे साल 8.25%
EPFO ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF की ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत पर बनाए रखने का फैसला किया है। यह निर्णय 2 मार्च 2026 को लिया गया। यह लगातार दूसरा साल है जब EPF की ब्याज दर 8.25 प्रतिशत पर स्थिर रखी गई है। इससे पहले फरवरी 2025 में भी EPFO ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ब्याज दर 8.25 प्रतिशत पर बनाए रखी थी। वित्त वर्ष 2023-24 में EPFO ने ब्याज दर को 8.15 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत किया था। वर्तमान में 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर अन्य छोटी बचत योजनाओं की तुलना में प्रतिस्पर्धी है।
EPFO Update: EPF ब्याज दर का इतिहास
EPF की ब्याज दरों का इतिहास देखें तो पता चलता है कि मार्च 2022 में EPFO ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए ब्याज दर को घटाकर 8.10 प्रतिशत कर दिया था जो करीब चार दशकों का सबसे निचला स्तर था। उस समय EPFO के 7 करोड़ से अधिक सदस्य थे। वित्त वर्ष 2020-21 में ब्याज दर 8.5 प्रतिशत थी। 8.10 प्रतिशत की दर 1977-78 के बाद सबसे कम थी जब ब्याज दर 8 प्रतिशत थी। हाल के वर्षों में ब्याज दरों में स्थिरता ने करोड़ों कर्मचारियों को सुरक्षित रिटर्न का भरोसा दिया है।
EPFO Update: कर्मचारियों के लिए क्या है जरूरी काम
यदि आपका भी कोई पुराना EPFO खाता निष्क्रिय पड़ा है तो अभी कुछ जरूरी काम करें:
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UAN एक्टिव करें: सबसे पहले epfindia.gov.in पर जाकर अपना UAN नंबर एक्टिव करें।
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बैंक खाता लिंक: अपने बैंक खाते को आधार से लिंक करें और EPFO पोर्टल पर जानकारी अपडेट करें।
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खातों का मर्जर: यदि आपके पास एक से अधिक PF खाते हैं तो उन्हें एक साथ मिलाने के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर क्लेम करें।
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उमंग ऐप: EPFO का उमंग ऐप डाउनलोड करें जिससे आप अपने PF बैलेंस और दावों की स्थिति को कभी भी कहीं भी जांच सकते हैं।
इस नई ऑटो-सेटलमेंट योजना से लाखों कर्मचारियों को अपना पुराना अटका हुआ पैसा बिना किसी परेशानी के वापस मिल सकेगा जो EPFO की सेवाओं को और अधिक जनहितकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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