दुश्मन के हथियार से दुश्मन का खात्मा! अमेरिका ने ईरानी ड्रोन को पलटवार का हथियार बनाया
अमेरिका ने ईरान का शाहेद-136 ड्रोन रिवर्स इंजीनियरिंग कर LUCAS बनाया, अब उसी से ईरान पर हमला
US Iran conflict: युद्ध की रणनीति में एक नया और चौंकाने वाला अध्याय तब जुड़ा जब अमेरिकी सेना के शीर्ष कमांडर ने खुलासा किया कि वाशिंगटन अब ईरान को उसी के हथियार से जवाब दे रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरान के ड्रोन को पकड़ा, उसे खोला, समझा और फिर उसी की नकल पर आधारित एक नया घातक ड्रोन सिस्टम तैयार कर लिया। यह कहानी किसी जासूसी फिल्म जैसी लगती है लेकिन यह हकीकत है।
US Iran conflict: रिवर्स इंजीनियरिंग से तैयार हुआ घातक हथियार
यूएस सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने अपनी ताजा प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के मशहूर शाहेद-136 ड्रोन को युद्ध के मैदान से कैप्चर किया और फिर उसकी पूरी तकनीक को उलट-पलटकर समझा। इस प्रक्रिया को रिवर्स इंजीनियरिंग कहते हैं जिसमें किसी भी चीज को अंदर से खोलकर उसके बनाने का तरीका जाना जाता है।
US Iran conflict: क्या है LUCAS ड्रोन सिस्टम?
एडमिरल कूपर ने बताया कि इस रिवर्स इंजीनियरिंग से जो नया ड्रोन सिस्टम बनाया गया उसका नाम है LUCAS यानी Low-Cost Unmanned Combat Attack System। यह सीधे तौर पर ईरान के शाहेद-136 ड्रोन पर आधारित है लेकिन इसमें अमेरिकी तकनीक और अमेरिकी पुर्जे भी शामिल किए गए हैं। कूपर ने खुद इसे बेहद सरल शब्दों में समझाते हुए कहा, “LUCAS मूल रूप से एक ईरानी ड्रोन डिजाइन ही था। हमने इसे पकड़ा, इसके पुर्जे निकाले, अमेरिका भेजा, थोड़ा मेड इन अमेरिका का तड़का लगाया और अब इसे वापस ईरानियों पर ही चला रहे हैं।”
US Iran conflict: ऑपरेशन की शुरुआत और अब तक की स्थिति
यह ड्रोन सस्ते में बनता है, बड़ी संख्या में तैयार किया सकता है और युद्ध के मैदान में बेहद कारगर साबित हो रहा है। गौरतलब है कि यह ऑपरेशन 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। तब से लेकर अब तक अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई ने ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस ऑपरेशन में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत कई बड़े नाम मारे जा चुके हैं। एडमिरल कूपर ने आंकड़ों के जरिए बताया कि पिछले 24 घंटों में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले ऑपरेशन की शुरुआत के मुकाबले पूरे 90 प्रतिशत कम हो गए हैं।
US Iran conflict: 200 ठिकानों पर बरसाए बम
CENTCOM कमांडर ने बताया कि पिछले 72 घंटों में अमेरिकी बमवर्षक विमानों ने ईरान के अंदर करीब 200 अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान के मिसाइल भंडार, ड्रोन निर्माण केंद्र और सैन्य अड्डों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा अमेरिकी नौसेना ने हाल ही में ईरान के एक ड्रोन कैरियर जहाज को भी समुद्र में पूरी तरह तबाह कर दिया। अब तक 30 से ज्यादा ईरानी जहाज नष्ट किए जा चुके हैं और ईरान की नौसैनिक ताकत को भारी झटका लगा है।
US Iran conflict: इजरायल ने लेबनान तक फैलाई जंग
इस पूरे संघर्ष में इजरायल भी तेहरान पर हमले लगातार जारी रखे हुए है। इजरायली सेना ने इस जंग को लेबनान तक भी पहुंचा दिया है जहां ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह को निशाना बनाया जा रहा है। इजरायल ने दावा किया है कि अब उसका ईरान के आसमान पर नियंत्रण है और वह जब चाहे जहां चाहे हमला कर सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस ऑपरेशन को लेकर कहा कि ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है।
आगे क्या होगा: सैन्य इतिहास में नई मिसाल
फिलहाल दोनों तरफ से हमले जारी हैं लेकिन स्पष्ट रूप से ईरान की मारक क्षमता पहले के मुकाबले काफी कम हो चुकी है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि LUCAS जैसे कम लागत वाले ड्रोन भविष्य की लड़ाइयों का चेहरा बदल सकते हैं। जब किसी दुश्मन की तकनीक को ही पलटकर उसके खिलाफ इस्तेमाल किया जाए तो यह न केवल सैन्य बल्कि मनोवैज्ञानिक तौर पर भी एक करारा जवाब होता है। दुश्मन के ही हथियार को उलटकर उसी पर आजमाने की यह रणनीति सैन्य इतिहास में एक नई मिसाल बन गई है।
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