समृद्धि यात्रा के दौरान सहरसा पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, 500 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास; कहा- ‘मैं बिहार नहीं छोड़ूंगा, राज्य के विकास के लिए काम करता रहूंगा’
समृद्धि यात्रा में सहरसा पहुंचे सीएम नीतीश कुमार, छह नई योजनाओं की घोषणा और विकास कार्यों का शिलान्यास
Samriddhi Yatra Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का तीसरा चरण आज सहरसा जिले पहुंचा। सीएम ने यहां जनता के सामने एक बड़ा बयान दिया और कहा कि वे बिहार से दूर नहीं जा रहे हैं और राज्य के विकास के लिए काम करते रहेंगे। इस दौरान उन्होंने जिले में 500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया और छह नई योजनाओं की स्वीकृति देते हुए जनता को बड़ी सौगात दी। उनके इस दौरे ने सहरसावासियों में उत्साह की नई लहर भर दी।
Samriddhi Yatra Bihar: सिलाई केंद्र के उद्घाटन से हुई शुरुआत
सीएम नीतीश कुमार के सहरसा दौरे की शुरुआत नगर निगम क्षेत्र के शाहपुर इलाके से हुई। यहां उन्होंने जीविका के जिलास्तरीय सिलाई केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र जिले की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है। जीविका परियोजना के जरिए बिहार में लाखों महिलाएं पहले से ही आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और इस नए सिलाई केंद्र से सहरसा की महिलाओं को अपने घर के नजदीक प्रशिक्षण और रोजगार का मौका मिलेगा। इस उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने जिलावासियों को 500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
Samriddhi Yatra Bihar: सहरसा स्टेडियम में उमड़ी भारी भीड़, सीएम ने किया संबोधन
सिलाई केंद्र के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहरसा स्टेडियम पहुंचे जहां एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया था। स्टेडियम में बड़ी संख्या में लोग उन्हें सुनने के लिए जमा हुए थे। इस जनसंवाद कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री, मधेपुरा के सांसद और जिले के विधायक भी उपस्थित रहे। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे बिहार से दूर नहीं जा रहे हैं। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में विधानसभा चुनाव का माहौल धीरे-धीरे गर्माने लगा है।
Samriddhi Yatra Bihar: जिले में हुए विकास कार्यों का किया जिक्र
नीतीश कुमार ने जनसभा में सहरसा जिले में पिछले वर्षों में हुए विकास कार्यों का विस्तार से ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थान की स्थापना की गई है। इसके अलावा महिला आईटीआई और सभी अनुमंडलों में आईटीआई की स्थापना की गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में जीएनएम संस्थान और पैरामेडिकल संस्थान की स्थापना से स्थानीय युवाओं को रोजगार का रास्ता खुला है। सबसे बड़ी खबर यह है कि सहरसा में मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निर्माण भी तेजी से चल रहा है जो पूरे कोसी क्षेत्र के मरीजों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।
Samriddhi Yatra Bihar: 2008 की कोसी त्रासदी का किया जिक्र, बोले हर जगह दिया साथ
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने भाषण में साल 2008 की उस भीषण आपदा का भी उल्लेख किया जब कोसी नदी का बांध टूट जाने से सहरसा, सुपौल और मधेपुरा तीनों जिलों में भारी तबाही मची थी। लाखों लोग बेघर हो गए थे। सीएम ने कहा कि उस वक्त वे खुद प्रभावित इलाकों में गए और एक-एक जगह जाकर स्थिति का जायजा लिया। तीनों जिलों के पुनर्निर्माण के लिए भरपूर संसाधन लगाए गए और आज वो इलाके काफी हद तक संभल चुके हैं। उन्होंने कहा कि तब जो गड़बड़ी थी उसे हमने मिलकर ठीक किया और आज वहां विकास की रफ्तार पूरी तेजी से चल रही है।
Samriddhi Yatra Bihar: छह नई योजनाओं की मिली स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने सहरसा दौरे के दौरान जिले के लिए छह नई विकास योजनाओं को मंजूरी देने की घोषणा की:
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तिलावे नदी का उड़ाही कार्य: जिससे जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी।
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आधुनिक स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम: जो बारिश के मौसम में सहरसा शहर को जलमग्न होने से बचाएगा।
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मां उग्र तारा मंदिर का विकास: जो धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा।
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खेल परिसर का विकास: जो युवाओं को खेल की बेहतर सुविधाएं देगा।
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रेलवे ओवर ब्रिज: जो शहर में यातायात की भीड़ को कम करेगा।
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प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन: दो प्रखंडों में नए प्रशासनिक भवनों का निर्माण।
Samriddhi Yatra Bihar: समृद्धि यात्रा का उद्देश्य और महत्व
समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण में नीतीश कुमार बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस यात्रा का मकसद जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की समीक्षा करना, जनता से सीधा संवाद करना और जहां कमी रही हो वहां नई योजनाओं की स्वीकृति देना है। सहरसा का यह दौरा इसी कड़ी का हिस्सा है और यहां की जनता ने सीएम का गर्मजोशी से स्वागत किया।
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