Dry Fruits Price Hike: ईरान युद्ध से दिल्ली में ड्राई फ्रूट्स 50% महंगे, खजूर, बादाम, अंजीर की आपूर्ति ठप, ₹5,000 करोड़ का व्यापार खतरे में, स्ट्रीट फूड विक्रेता बंद होने के कगार पर

खारी बावली में सप्लाई ठप, ₹5,000 करोड़ व्यापार संकट में, दवाएं भी महंगी

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Dry Fruits Price Hike: पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध का असर अब दिल्ली के बाजारों में साफ दिखने लगा है। पुरानी दिल्ली के एशिया के सबसे बड़े थोक ड्राई फ्रूट्स बाजार खारी बावली में खजूर, बादाम, अंजीर और पाइन नट जैसी वस्तुओं की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। कीमतों में 30 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे भी चिंताजनक बात यह है कि पैरासिटामोल जैसी आम दवाओं के कच्चे माल में भी 47 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई है। दिल्ली में करीब ₹5,000 करोड़ का व्यापार और औद्योगिक कार्य खतरे में पड़ गए हैं।

ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में वृद्धि – मुख्य आंकड़े

वस्तु मूल देश कीमत वृद्धि स्थिति
खजूर ईरान, खाड़ी देश 40 से 50% आपूर्ति ठप
बादाम (मामरा) ईरान 30 से 40% स्टॉक सीमित
अंजीर पश्चिम एशिया 40 से 50% आपूर्ति बंद
पाइन नट पश्चिम एशिया 40 से 50% संकट गहरा
पिस्ता ईरान 30 से 40% गंभीर कमी
आलूबुखारा ईरान 30 से 40% स्टॉक खत्म
किशमिश ईरान 30 से 40% आपूर्ति बंद
काजू अन्य देश सामान्य अप्रभावित

खारी बावली – एशिया का सबसे बड़ा थोक बाजार संकट में

पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक के पास स्थित खारी बावली एशिया का सबसे बड़ा थोक मसाला और ड्राई फ्रूट्स बाजार है। यहां सदियों से मसाले, ड्राई फ्रूट्स, जड़ी-बूटियां और संबंधित सामग्रियों का व्यापार होता रहा है। आज यह बाजार गंभीर संकट में है।

खारी बावली मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि काजू को छोड़कर अधिकांश ड्राई फ्रूट्स पश्चिम एशियाई देशों से आयात किए जाते हैं लेकिन वर्तमान में उनकी आपूर्ति पूरी तरह रुक गई है। ईद का त्योहार नजदीक होने से खजूर की मांग और बढ़ गई है लेकिन स्टॉक सीमित हैं।

दवाओं के कच्चे माल में भी भारी वृद्धि

दवा/कच्चा माल कीमत वृद्धि
पैरासिटामोल लगभग 47%
डिक्लोफेनाक उल्लेखनीय वृद्धि
डिक्लोफेनाक पोटैशियम उल्लेखनीय वृद्धि
एमोक्सिसिलिन ट्रायहाइड्रेट उल्लेखनीय वृद्धि
सिप्रोफ्लॉक्सासिन उल्लेखनीय वृद्धि

चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने बताया कि रासायनिक, प्लास्टिक और एल्युमिनियम जैसी जरूरी कच्ची सामग्रियों की कीमतों में भी तेज वृद्धि हुई है जिससे दवा उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

दिल्ली के व्यापार पर असर – ₹5,000 करोड़ खतरे में

क्षेत्र स्थिति
कुल व्यापार खतरे में ₹5,000 करोड़
स्ट्रीट फूड विक्रेता 50,000
बंद होने के कगार पर 20 से 30%
प्रभावित बाजार खारी बावली, चांदनी चौक, भागीरथ प्लेस, कश्मीरी गेट, सदर बाजार
उद्योग फार्मास्यूटिकल, खाद्य, रसायन

आम जनता पर क्या असर?

यह संकट केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं है। आम जनता भी इससे सीधे प्रभावित हो रही है।

रमजान के पवित्र महीने में खजूर की मांग सबसे अधिक होती है। लेकिन इस बार आपूर्ति ठप होने से खजूर की कीमतें आसमान छू रही हैं। नवरात्रि के मौसम में भी मेवे और जड़ी-बूटियों की मांग अधिक रहती है। इस दोहरे त्योहारी संकट ने बाजार में और अधिक दबाव बना दिया है।

व्यापारियों की चेतावनी

थोक व्यापारी ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति बनी रही तो आने वाले हफ्तों में कीमतें और बढ़ सकती हैं। व्यापारी फिलहाल केवल मौजूदा स्टॉक पर निर्भर हैं क्योंकि नई आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है।

कारोबार जानकार और व्यापार विशेषज्ञ का कहना है कि ईरान युद्ध का असर भारत के आयात पर इतनी तेजी से पड़ेगा इसका अंदाजा किसी को नहीं था। खारी बावली जैसा एशिया का सबसे बड़ा बाजार अगर इस तरह संकट में आ जाए तो इसका असर पूरी देश की आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ेगा। सरकार को तत्काल वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों की तलाश करनी चाहिए।

Dry Fruits Price Hike: निष्कर्ष

ईरान युद्ध का असर अब दिल्ली की आम जनता की रसोई और दवाखाने तक पहुंच गया है। ड्राई फ्रूट्स में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि, पैरासिटामोल के कच्चे माल में 47 प्रतिशत की बढ़ोतरी और ₹5,000 करोड़ के व्यापार पर खतरा यह सब मिलकर एक गंभीर आर्थिक संकट की तस्वीर पेश करते हैं। सरकार को तुरंत वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों की तलाश करनी होगी और प्रभावित व्यापारियों को राहत देनी होगी।

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